{"_id":"68584397d65933b51600de59","slug":"daughter-of-a-poor-family-passed-neet-in-the-third-attempt-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-148772-2025-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: गरीब घर की बेटी ने तीसरे प्रयास में पास की नीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: गरीब घर की बेटी ने तीसरे प्रयास में पास की नीट
Sun, 22 Jun 2025 11:25 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 22 Jun 2025 11:25 PM IST
विज्ञापन
कस्बे में नीट की परीक्षा पास करने वाली पहली छात्रा महविश को सम्मानित करते लोग। संवाद
खीरी टाउन। कस्बे के मोहल्ला शेख सरायं निवासी कपड़े की फेरी करने वाले मोहम्मद रईस की पुत्री महविश कस्बे में नीट निकालने वाली पहली छात्रा बन गईं। उन्होंने तीसरी बार में 529 अंक लाकर ऑल इंडिया रैंक 24,430वीं रैंक प्राप्त की।
महविश ने बताया कि उन्होंने 2020 में खीरी टाउन से हाईस्कूल पास किया। इसके बाद वर्ष 2022 में लखीमपुर से इंटर पास कर नीट दी। इसमें 400 अंक प्राप्त किए। दूसरी बार मोबाइल फोन से पढ़ाई करके 540 अंक प्राप्त किए, तब पेपर आसान आया था। इस बार पेपर बहुत कठिन था। इसकी पढ़ाई के लिए ऑनलाइन पैकेज खरीदकर पढ़ाई की। इसमें 529 अंक प्राप्त किए। उसका नाम सूची में आ गया है।
महविश की मां बकरी पालन करती हैं। जब परिवार वालों को पता चला कि उनकी बेटी का नाम नीट में आ गया तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू झलक पड़े। पिता को तो ये भी पता नहीं था कि बेटी डॉक्टर बनने के लिए पढ़ाई कर रही है।
विज्ञापन
जानकारी होने पर आमीन फाउंडेशन के मुखिया डाॅ. आदिल रजा, मोहम्मद शोएब अंसारी, हाफिज कमर आलम, कारी सगीरुद्दीन साहब, रईसुद्दीन और सभासद पति सईद अंसारी ने महविश और उनके परिवार वालों को सम्मानित किया। संवाद
विज्ञापन
महविश ने बताया कि उन्होंने 2020 में खीरी टाउन से हाईस्कूल पास किया। इसके बाद वर्ष 2022 में लखीमपुर से इंटर पास कर नीट दी। इसमें 400 अंक प्राप्त किए। दूसरी बार मोबाइल फोन से पढ़ाई करके 540 अंक प्राप्त किए, तब पेपर आसान आया था। इस बार पेपर बहुत कठिन था। इसकी पढ़ाई के लिए ऑनलाइन पैकेज खरीदकर पढ़ाई की। इसमें 529 अंक प्राप्त किए। उसका नाम सूची में आ गया है।
विज्ञापन
महविश की मां बकरी पालन करती हैं। जब परिवार वालों को पता चला कि उनकी बेटी का नाम नीट में आ गया तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू झलक पड़े। पिता को तो ये भी पता नहीं था कि बेटी डॉक्टर बनने के लिए पढ़ाई कर रही है।
विज्ञापन
जानकारी होने पर आमीन फाउंडेशन के मुखिया डाॅ. आदिल रजा, मोहम्मद शोएब अंसारी, हाफिज कमर आलम, कारी सगीरुद्दीन साहब, रईसुद्दीन और सभासद पति सईद अंसारी ने महविश और उनके परिवार वालों को सम्मानित किया। संवाद