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Lakhimpur Kheri News: वजन नियंत्रण के साथ तनाव भी कम करती है साइकलिंग

Mon, 02 Jun 2025 11:40 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Mon, 02 Jun 2025 11:40 PM IST
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Cycling helps in weight control and also reduces stress
गोला गोकर्णनाथ में साइकिल से जाते सामाजिक कार्यकर्ता महेश पटवारी। स्रोत : स्वयं
लखीमपुर खीरी। वजन नियंत्रण समेत कई बीमारियों को दूर रखने के साथ ही तनाव कम करने में साइकिल की सवारी मददगार है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना 4 से पांच किमी तक साइकिल चलाने से स्वस्थ रहा जा सकता है। इससे पहले के मुकाबले साइकिल का क्रेज भी बढ़ा है।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि साइकिल चलाने से न सिर्फ पैरों, बल्कि शरीर के कई अंगों को फायदा होता है। इसके लिए लोगों को कम दूरी के लिए प्रतिदिन साइकिल चलानी चाहिए। शहरी क्षेत्रों में युवा और मध्यम आयु वर्ग के लोग रोजाना 4-5 किलोमीटर साइकिल चला रहे हैं, ताकि वे फिट रहें। साइकिलिंग से वजन नियंत्रण, हृदय स्वस्थ रहने और तनाव में कमी जैसे लाभ मिल रहे हैं।
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साइकिलों के प्रति लोगों में रुचि बढ़ाने के लिए निर्माताओं ने भी बदलाव किया है। बाजार में रंग-बिरंगी और नए डिजाइन व कई सुविधाओं के साथ साइकिलें उपलब्ध हैं, जो लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इनमें डिस्क ब्रेक, सिंगल और डबल शॉकर, अलाॅयवील आदि शामिल है। पहले साधारण साइकिल की कीमत करीब तीन हजार के आसपास थी। वहीं, आज चार से पांच हजार रुपये है। दुकानदारों के मुताबिक, फैंसी और हाइब्रिड रेंजर साइकिल की अनुमानित कीमत छह से 20 हजार तक है।
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पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा क्रेज

साइकिल विक्रेता प्रखर गोयल के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में साइकिलिंग का क्रेज बढ़ा है। दुकानदार रमेश मिश्रा का कहना है कि साइकिल के पार्ट्स की कीमत में वृद्धि और जीएसटी ने लागत बढ़ा दी है। यह गरीबों का साधन है। इसे टैक्स फ्री करना चाहिए, ताकि बिक्री बढ़े और व्यवसाय को रफ्तार मिले।

मरम्मत करने वाले असलम ने कहा कि लोग जिम में व्यायाम करते हैं, लेकिन साइकिल चलाकर सेहत सुधारना नहीं चाहते। पहले दिनभर मरम्मत के लिए साइकिलों की लाइन लगी रहती थी, लेकिन अब दिनभर में एक दो साइकिल भी आ जाएं तो बड़ी बात है।


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गोला गोकर्णनाथ के सामाजिक कार्यकर्ता महेश कुमार पटवारी नगर की सड़कों पर हर समय साइकिल चलाते ही दिखाई देते हैं। वे कहते हैं कि जो लोग बाइक और कार से दिनभर चलते हैं, उनका पूरा शरीर जाम हो जाता है। कमर का हिस्सा, पैरों की मांसपेशियां जकड़ जाती हैं। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी तमाम परेशानियां होती है, जबकि मैं प्रतिदिन 5 से 10 किलोमीटर साइकिल चलाता हूं और मुझे कोई बीमारी नहीं है। 56 साल की उम्र में भी मुझे मधुमेह, रक्तचाप जैसी कोई समस्या नहीं है। बेहतर स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिल चलाना सबसे सस्ता और सबसे बेहतरीन व्यायाम है।
ये रखें सावधानी
-खाना खाने के तुरंत बाद साइकिल न चलाएं।
-साइकिल चलाने से पहले ज्यादा पानी न पीयें।
-साइकिल के ब्रेक, टायर व चेन की जांच करें।
-दूर तक साइकिल चलाते वक्त बीच-बीच में पानी पीते रहें।
-जिन लोगों को मिर्गी के दौरे आते हैं या जिन्हें कम दिखाई या सुनाई देता है व सांस लेने में समस्या है। घुटने की समस्या से पीड़ित हों, उन लोगों को साइकिल नहीं चलानी चाहिए।
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