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साइबर अपराधः ओटीपी पूछकर नहीं, अब एप से हो रही जालसाजी

Sat, 21 Nov 2020 11:14 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2020 11:14 PM IST
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cyber crime
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लखीमपुर खीरी। बढ़िया फीचर और मल्टीमीडिया के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से अब लगभग हर हाथ में एंड्रॉयड फोन है। ऐसे में जालसाजों ने ठगने का नया तरीका इजाद कर लिया है। एप के जरिए जालसाज बिना ओटीपी की जानकारी लिए ही बैंक खातों से रकम निकाल ले रहे हैं।
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एंड्रायड फोन आज आमजन की आवश्यकता है। यही वजह है कि सभी के हाथों में एंड्रायड मोबाइल है। लोग घर बैठे मोबाइल फोन से ही बैंक खाते से भुगतान करते हैं। विभिन्न एप के माध्यम से एक-दूसरे को रुपये भेजते और प्राप्त करते हैं। इसके अलावा कई कंपनियां भी ऑनलाइन अपने उत्पाद को बेचती और खरीदती हैं। ऐसे में साइबर क्राइम में भी इजाफा हुआ है। पहले जालसाज मोबाइल पर कॉल कर लॉटरी निकलने का झांसा देकर खाते में रुपये जमा लेते थे। कहीं बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते और एटीएम कार्ड बंद हो जाने का झांसा देकर दोबारा उसे शुरू कराने के बहाने एटीएम नंबर और पासवर्ड, ओटीपी पूछकर खून-पसीने की कमाई हड़प लेते थे, लेकिन अब जालसाजों ने ठगी का तरीका बदल दिया है। जालसाज अब विभिन्न संदेश और लिंक भेजते हैं। ऐसे में लिंक खोलते ही आप के खाते से रुपये साफ हो जाते हैं।
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जालसाज इस तरह से करते हैं ठगी
जालसाज लिंक भेजने के बाद मोबाइल नंबर पर कॉल करते हैं। कहते हैं कि लिंक क्लिक करें। साथ में यह भी बताते हैं कि ओटीपी न बताएं, सिर्फ मोबाइल पर देखिए कि मेसेज आ गया या नहीं। जैसे ही आप मेसेज खोलते हैं, जालसाज अपने मोबाइल पर ओटीपी देख लेते हैं। इसके बाद खाते से रुपये साफ कर देते हैं। जालसाज इन एप के जरिए फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल साइट्स के पासवर्ड भी हैक कर रहे हैं। इनके जरिए मेसेज भेजकर मोबाइल इस्तेमाल करने वाले को फंसा देते हैं।
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इन एप से रहें दूर
जालसाज गूगल पर मौजूद एप स्पेस डेस्क, एनी डेस्क, टीम व्हीवर, एयर मिरर, वीएनसी व्हीवर, एयर प्रॉइड आदि का उपयोग करते हैं। शातिर इन एप को इंस्टाल करने के बाद मेसेज के जरिए लिंक भेजते हैं। इसलिए इन एप से आने वाले लिंक और मेसेज से सावधान रहें।
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केस: एक
लिंक क्लिक करते ही खाते से निकल गए 18 हजार रुपये
जून 2020 में सदर कोतवाली के मोहल्ला संकटा देवी निवासी उमेश कुमार के व्हाट्सएप से एक लिंक आया। फिर अंजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए लिंक पर क्लिक करने को कहा। लिंक क्लिक करते ही खाते से 18 हजार रुपये निकल गए।
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केस: दो
फेसबुक हैक कर बीमारी के नाम पर मांगे रुपये
कसबा बेलरायां निवासी जगदीश प्रसाद गुप्ता का फेसबुक अकाउंट करीब तीन महीने पहले हैक कर लिया गया। हैकर ने उनके मित्रों और परिवार वालों को बीमार होने का बहाना बताकर उधार रुपये मांगना शुरू कर दिए। पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत कोतवाली तिकुनियां पुलिस से भी की।

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मोबाइल पर आने वाले किसी भी मेसेज और लिंक के संबंध में पहले पूरी तरह से जानकारी कर लें। उसके बाद ही उसे खोलें। सतर्कता से मोबाइल का इस्तेमाल करें। क्राइम सेल भी लोगों को लगातार सावधान करते हुए जागरूक कर रही है।
-विजय ढुल, एसपी
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