{"_id":"5f19ccb18ebc3e6382313064","slug":"cultural-lakhimpur-news-bly413779649","type":"story","status":"publish","title_hn":"सादगी से मनाई गई हरियाली तीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सादगी से मनाई गई हरियाली तीज
विज्ञापन
गोला गोकर्णनाथ। आधुनिकता के दौर में पर्वों का रंग-ढंग बदल गया है। रही सही कसर कोरोना संकटकाल ने पूरी कर दी है। गुरुवार को हरियाली तीज सादगी से मनाई गई। शिव पुराण के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था।
हरियाली तीज सुहागिनों के लिए विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती और शिव की पूजा करने से सुहागिनों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सुहागिनें सोलह शृंगार के साथ सुहाग की दीर्घायु और सुख समृद्धि की कामना करती हैं। हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष विधान और महत्व बताया गया है।
पलिया-मझगईं। तीज का पर्व सादगी से मनाया गया। पलिया, मलिनियां, बेला, नौगवां, भगवंतनगर, कोठिया, बल्लीपुर के अलावा संपूर्णानगर में पूजा अर्चना की गई।
विज्ञापन
हरियाली तीज सुहागिनों के लिए विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती और शिव की पूजा करने से सुहागिनों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सुहागिनें सोलह शृंगार के साथ सुहाग की दीर्घायु और सुख समृद्धि की कामना करती हैं। हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष विधान और महत्व बताया गया है।
विज्ञापन
पलिया-मझगईं। तीज का पर्व सादगी से मनाया गया। पलिया, मलिनियां, बेला, नौगवां, भगवंतनगर, कोठिया, बल्लीपुर के अलावा संपूर्णानगर में पूजा अर्चना की गई।