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हनुमान चारों युगों में प्रभावी हैं-अंजनी
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मोहम्मदी। मानस मर्मज्ञ पंडित अंजनी शरण महराज ने कहा कि हनुमान जी चारों युगों में प्रभावी हैं। प्रत्येक भक्त को हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करना चाहिए। कलियुग में केवल नाम संकीर्तन से ही व्यक्ति को मोक्ष मिल जाएगा। वह बुधवार को नगर में स्थित हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम कथा का वर्णन कर रहे थे.
मानस मर्मज्ञ ने कहा कि मीराबाई, शबरी, रैदास, कबीर आदि तमाम संतों ने बातों की परवाह नहीं की केवल भक्ति कार्य पर चलकर समाज को राह दिखाई। उन्होंने कहा कि काम करने वालों को सदैव आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए इसकी परवाह किए बिना कर्म करें। कहा कि अब समय आ गया है कि हमें स्थान-स्थान पर मानस पाठशाला का आयोजन करना होगा। जिससे भारत माता का भविष्य उज्ज्वल हो। उन्होंने कहा कि सामाजिक मूल्यों में गिरावट आने का कारण ही है कि आज हम अपने धार्मिक ग्रंथों से दूर हो गए हैं। मानस मर्मज्ञ ने व्यक्ति, समाज, परिवार, संत, साधु, सत्संग आदि की विशद व्याख्या की और श्रोताओं से सामाजिक कुरीतियों आदि से दूर रहने की अपील की।
यजमान के रुप में संजय सिंह व सुमन सिंह, सुरेश तिवारी व महेश कुुमारी मौजूद रहे। हनुमान मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अतुल रस्तोगी ने कहा कि मंदिर परिसर में कम जगह होने के कारण कथा अब संतोषी माता मंदिर परिसर में होगी। इस दौरान डॉ. कमलेश वर्मा, धीरेश सिंह, राजेश राठौर, सरोज भसीन, प्रीती रस्तोगी आदि सैकड़ों भक्तगण मौजूद रहे।
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मानस मर्मज्ञ ने कहा कि मीराबाई, शबरी, रैदास, कबीर आदि तमाम संतों ने बातों की परवाह नहीं की केवल भक्ति कार्य पर चलकर समाज को राह दिखाई। उन्होंने कहा कि काम करने वालों को सदैव आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए इसकी परवाह किए बिना कर्म करें। कहा कि अब समय आ गया है कि हमें स्थान-स्थान पर मानस पाठशाला का आयोजन करना होगा। जिससे भारत माता का भविष्य उज्ज्वल हो। उन्होंने कहा कि सामाजिक मूल्यों में गिरावट आने का कारण ही है कि आज हम अपने धार्मिक ग्रंथों से दूर हो गए हैं। मानस मर्मज्ञ ने व्यक्ति, समाज, परिवार, संत, साधु, सत्संग आदि की विशद व्याख्या की और श्रोताओं से सामाजिक कुरीतियों आदि से दूर रहने की अपील की।
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यजमान के रुप में संजय सिंह व सुमन सिंह, सुरेश तिवारी व महेश कुुमारी मौजूद रहे। हनुमान मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अतुल रस्तोगी ने कहा कि मंदिर परिसर में कम जगह होने के कारण कथा अब संतोषी माता मंदिर परिसर में होगी। इस दौरान डॉ. कमलेश वर्मा, धीरेश सिंह, राजेश राठौर, सरोज भसीन, प्रीती रस्तोगी आदि सैकड़ों भक्तगण मौजूद रहे।
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