{"_id":"57e0227f4f1c1ba269a8272f","slug":"three-young-men-were-content-to-immerse-immersed-worship-a-missing","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूजा सामग्री विसर्जित करने गए तीन युवक डूबे, एक लापता","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पूजा सामग्री विसर्जित करने गए तीन युवक डूबे, एक लापता
अमर उजाला ब्यूरो/चंदनचौकी।
Updated Mon, 19 Sep 2016 11:31 PM IST
विज्ञापन
missing
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- श्राद्ध की सामग्री का मोहाना नदी में करने गए थे विसर्जन
थारू क्षेत्र के ग्राम पचपेड़ा निवासी कुछ लोग श्राद्ध (घड़ा) करने मोहाना नदी घाट पर गए थे। पूजा पाठ की सामग्री विसर्जित करते समय तीन लोग मोहाना नदी की तेज धार में बहने लगे। जिसमें से दो लोगों को तो ग्रामीणों ने बचा लिया, लेकिन एक युवक नदी में बह गया। जिसके शव का पता नहीं चल सका। देर शाम तक तमाम ग्रामीण उसके शव को तलाशते रहे, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। पुलिस को सुबह आठ बजे इसकी सूचना दी गई, लेकिन पुलिस पूरे दिन नहीं पहुंची।
थारू क्षेत्र के ग्राम पचपेड़ा में रहने वाले सियाराम की मां का श्राद्ध था। श्राद्ध के समय की गई पूजा पाठ की सामग्री को विसर्जित करने के लिए सुबह पांच बजे सियाराम गांव के ही अख्तर के 40 वर्षीय पुत्र पूरनलाल राना और 45 वर्षीय दानी राना के साथ मोहाना नदी गए थे। इस दौरान नदी की तेज धार में फंसकर तीनों डूबने लगे। चीख पुकार सुनकर पहुंचे तमाम ग्रामीणों ने सियाराम और दानी को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन पूरनलाल का कोई अता पता नहीं लगा। काफी देर तक ग्रामीण नदी में जाल डालकर शव की तलाश करते रहे, लेकिन उनको सफलता नहीं मिली। उधर, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सुबह आठ बजे पुलिस को सूचना दे दी गई थी, लेकिन पुलिस तब भी नहीं पहुंची। अगर पुलिस समय से बचाव दल को बुला लाती तो शायद शव मिल सकता था।
विज्ञापन
थारू क्षेत्र के ग्राम पचपेड़ा निवासी कुछ लोग श्राद्ध (घड़ा) करने मोहाना नदी घाट पर गए थे। पूजा पाठ की सामग्री विसर्जित करते समय तीन लोग मोहाना नदी की तेज धार में बहने लगे। जिसमें से दो लोगों को तो ग्रामीणों ने बचा लिया, लेकिन एक युवक नदी में बह गया। जिसके शव का पता नहीं चल सका। देर शाम तक तमाम ग्रामीण उसके शव को तलाशते रहे, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। पुलिस को सुबह आठ बजे इसकी सूचना दी गई, लेकिन पुलिस पूरे दिन नहीं पहुंची।
थारू क्षेत्र के ग्राम पचपेड़ा में रहने वाले सियाराम की मां का श्राद्ध था। श्राद्ध के समय की गई पूजा पाठ की सामग्री को विसर्जित करने के लिए सुबह पांच बजे सियाराम गांव के ही अख्तर के 40 वर्षीय पुत्र पूरनलाल राना और 45 वर्षीय दानी राना के साथ मोहाना नदी गए थे। इस दौरान नदी की तेज धार में फंसकर तीनों डूबने लगे। चीख पुकार सुनकर पहुंचे तमाम ग्रामीणों ने सियाराम और दानी को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन पूरनलाल का कोई अता पता नहीं लगा। काफी देर तक ग्रामीण नदी में जाल डालकर शव की तलाश करते रहे, लेकिन उनको सफलता नहीं मिली। उधर, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सुबह आठ बजे पुलिस को सूचना दे दी गई थी, लेकिन पुलिस तब भी नहीं पहुंची। अगर पुलिस समय से बचाव दल को बुला लाती तो शायद शव मिल सकता था।
विज्ञापन