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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   There was also the fifth day of the child leads Apht

पांचवें दिन भी नहीं लगा अपह्त बालक का सुराग

Fri, 21 Aug 2015 11:20 PM IST
रेहरिया मोहम्मदी
रेहरिया मोहम्मदी Updated Fri, 21 Aug 2015 11:20 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के गांव बंजरिया निवासी सिख फार्मर जोगेंद्र सिंह के 17 वर्षीय पुत्र गुरविंदर सिंह का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका है। पीड़ित परिवार के सदस्यों की धड़कनें और तेज हो गई हैं। मां का हाल बेहाल है। आने-जाने वालों से सिर्फ एक बात पूछती है मेरे बेटे का कुछ पता चला, मेरा बेटा ला दो।
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बाबा सीसा सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। पांच दिनों से बराबर चारपाई पर बैठे अपने पोते की राह देख रहे हैं। शुक्रवार दोहपर अमर उजाला की टीम उनके आवास पर पहुंची। घर में बाबा सीसा सिंह अपह्त बच्चे की मां गुरमीत कौर, पड़ोस में रह रहे ताऊ सुबेग सिंह मिले। पूछने पर बताया कि अखबार के लोग हैं तो माता-गुरमीत कौर बोली फोटो तो बहुत खींचे जा रहे हैं, क्या मेरे बेटे का पता मिला। मेरा बेटा कहां है, उसे ढूंढ निकालो, इतना कहते ही फूट-फूटकर रोने लगी। बाबा सीसा सिंह की आंखों से आंसू निकल रहे हैं, कुछ बोलते नहीं केवल दरवाजे पर बैठे आने-जाने वालों को देख रहे हैं। बताया गया कि पांच दिन से घर में चूल्हा नहीं जला है। पड़ोसियों के घर से खाना आ रहा है। जबरन मां को खाना खिलाया जा रहा है वह भी एक टाइम, अब उनकी हालत और नाजुक होती जा रही है।
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ताऊ सुबेग सिंह का कहना है कि उनके बड़े भाई ज्ञानी सिंह पंजाब में रहते हैं वह यहां नहीं आते और छोटे भाई जोगेंद्र सिंह और वे यहां रहते हैं। तीनों भाइयों के बीच गुरविंदर सिंह इकलौता घर का चिराग है। उनका कहना है कि किसी से उनकी रंजिश भी नहीं है। फिर पता नहीं किसने उनके साथ धोखा किया है। मालूम हो कि तीनों भाईयों के पास दो-दो एकड़ जमीन है। शुक्रवार दोपहर बाद इंस्पेक्टर आनंद शाही, सपा नेत्री आसमां सिद्दीकी, प्रधान करनैल सिंह और नरविंदर सिंह उनके झाले पहुंचे तथा परिवार वालों को ढांढस बधाया। इंस्पेक्टर शाही ने उन्हें बताया कि अपह्त बालक की खोज में एसओजी की टीमें लगाई गई है। बहरहाल आश्वासनों के बीच पांच दिन कैसे इस परिवार के कटे हैं यह तो बाबा सीसा सिंह और मां गुरमीत कौर के आंसू ही बता रहे हैं।
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