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दस करोड़ से ज्यादा लेकर फुर्र हुई चिटफंड कंपनी
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 12 Apr 2015 11:01 PM IST
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मेला मैदान रोड पर संचालित एमबीके बिजनेस डेवलपमेंट कंपनी सैकड़ों लोगों के 10 करोड़ रुपए से ज्यादा लेकर फरार हो गई है। इस गोरखधंधे का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने इस बाबत बीते दिनों पुलिस में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। अब तक हुई जांच में करीब 10 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है, जिसके साक्ष्य संकलन में पुलिस जुट गई है। मामला मनीलांन्ड्रिग से जुड़ा होने के कारण इसकी जांच ईडी से कराने की तैयारी में भी पुलिस है।
नीमगांव थाना क्षेत्र के गांव बह्मनाबाद निवासी आरती देवी की तहरीर पर पुलिस ने नौ अप्रैल 2015 को एमबीके बिजनेस डेवलपमेंट कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एक व्यक्ति का चालान भेजा था। धन को दोगुना करने का प्रलोभन देते हुए महिला ने 2.20 लाख रुपये जमा किए थे, जब रुपये निकालने चाहे तो कर्मचारियों ने टालना शुरू कर दिया। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने दफ्तर की जांच कर सील कर दिया था। पुलिस जांच में पाया गया कि 2009 में कंपनी ने यहां दफ्तर खोला था, जिसके बाद स्थानीय लोगों को एजेंट बनाकर लोगों से रुपये जमा कराए थे। जबकि आरबीआई से लाइसेंस नहीं लिया गया था। जांच में पता चला है कि सेबी ने जुलाई 2014 में कंपनी के सभी फंक्शन सीज कर दिए थे, जिसके बावजूद कंपनी लोगों का पैसा जमा कराती रही। जब लोगों ने मैच्योरिटी होने पर पैसा मांगना शुरू किया, तो कंपनी के अधिकारी ताला लगाकर गायब हो गए।
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नीमगांव थाना क्षेत्र के गांव बह्मनाबाद निवासी आरती देवी की तहरीर पर पुलिस ने नौ अप्रैल 2015 को एमबीके बिजनेस डेवलपमेंट कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एक व्यक्ति का चालान भेजा था। धन को दोगुना करने का प्रलोभन देते हुए महिला ने 2.20 लाख रुपये जमा किए थे, जब रुपये निकालने चाहे तो कर्मचारियों ने टालना शुरू कर दिया। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने दफ्तर की जांच कर सील कर दिया था। पुलिस जांच में पाया गया कि 2009 में कंपनी ने यहां दफ्तर खोला था, जिसके बाद स्थानीय लोगों को एजेंट बनाकर लोगों से रुपये जमा कराए थे। जबकि आरबीआई से लाइसेंस नहीं लिया गया था। जांच में पता चला है कि सेबी ने जुलाई 2014 में कंपनी के सभी फंक्शन सीज कर दिए थे, जिसके बावजूद कंपनी लोगों का पैसा जमा कराती रही। जब लोगों ने मैच्योरिटी होने पर पैसा मांगना शुरू किया, तो कंपनी के अधिकारी ताला लगाकर गायब हो गए।
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