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जंगल गए ग्रामीण पर बाघ ने किया हमला
अमर उजाला ब्यूरो-बम्हनपुर/निघासन।
Updated Thu, 19 May 2016 10:10 PM IST
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बाघ
- फोटो : अमर उजाला
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मंदिर में प्रसाद चढ़ाने गए थे मधुबन
किले के जंगल में स्थित काली मां के मंदिर में प्रसाद चढ़ाने गए एक व्यक्ति पर बाघ ने हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। हालत खराब होने पर उसे जिला मुख्यालय रेफर किया गया है।
गांव बौधिया निवासी 55 वर्षीय मधुबन यादव दुधवा टाइगर रिजर्व जोन के जंगल में स्थित काली मां के प्राचीन मंदिर में गुरुवार सुबह करीब 10 बजे प्रसाद चढ़ाने गए थे। मधुबन, काली मां के मंदिर से कुछ दूरी पर पहुंचे थे कि अचानक झाड़ी में छिपे बाघ ने हमला कर दिया। बाघ ने मधुबन के मुंह और पैर को घायल कर दिया। बाघ से बचने के लिए मधुवन ने हंसिए से बाघ पर प्रहार किया। किसी तरह से बाघ उन्हें छोड़ा और भाग गया। घायल अवस्था में मधुबन कराहते हुए मंदिर के पास पहुंचे। मंदिर में रमुआपुर निवासी रामेश्वर लोधी परचून की दुकान लगाए हुए थे। कराहने की आवाज सुनकर वह अपनी दुकान को छोड़कर मौके पर गए। वहां पर वह मधुबन को देखकर उसे पहचान गए और उनके पुत्र चुम्मन को फोन लगाकर घटना से अवगत कराया। परिवार वालों ने जंगल पहुंचकर घायल अवस्था में मघुबन को सीएचसी में भर्ती कराया। हालत खराब होने पर डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दुधवा टाइगर रिजर्व जोन बेलरायां रेंज के रेंजर एमके शुक्ला ने बताया कि जंगल में बाघ होने की जानकारी मिली है। वहां के लोगों को पहले से ही अलर्ट कर दिया गया था।
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किले के जंगल में स्थित काली मां के मंदिर में प्रसाद चढ़ाने गए एक व्यक्ति पर बाघ ने हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। हालत खराब होने पर उसे जिला मुख्यालय रेफर किया गया है।
गांव बौधिया निवासी 55 वर्षीय मधुबन यादव दुधवा टाइगर रिजर्व जोन के जंगल में स्थित काली मां के प्राचीन मंदिर में गुरुवार सुबह करीब 10 बजे प्रसाद चढ़ाने गए थे। मधुबन, काली मां के मंदिर से कुछ दूरी पर पहुंचे थे कि अचानक झाड़ी में छिपे बाघ ने हमला कर दिया। बाघ ने मधुबन के मुंह और पैर को घायल कर दिया। बाघ से बचने के लिए मधुवन ने हंसिए से बाघ पर प्रहार किया। किसी तरह से बाघ उन्हें छोड़ा और भाग गया। घायल अवस्था में मधुबन कराहते हुए मंदिर के पास पहुंचे। मंदिर में रमुआपुर निवासी रामेश्वर लोधी परचून की दुकान लगाए हुए थे। कराहने की आवाज सुनकर वह अपनी दुकान को छोड़कर मौके पर गए। वहां पर वह मधुबन को देखकर उसे पहचान गए और उनके पुत्र चुम्मन को फोन लगाकर घटना से अवगत कराया। परिवार वालों ने जंगल पहुंचकर घायल अवस्था में मघुबन को सीएचसी में भर्ती कराया। हालत खराब होने पर डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दुधवा टाइगर रिजर्व जोन बेलरायां रेंज के रेंजर एमके शुक्ला ने बताया कि जंगल में बाघ होने की जानकारी मिली है। वहां के लोगों को पहले से ही अलर्ट कर दिया गया था।
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