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गोद लिए गांव का दर्द भी सांसद जी को नहीं दिखता

Thu, 16 Apr 2015 08:23 PM IST
तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)।
तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)। Updated Thu, 16 Apr 2015 08:23 PM IST
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The village does not survive the pain of adoption MP
खीरीसांसद अजय मिश्र टेनी ने ग्राम पंचायत रायपुर को सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लेते वक्त कहा था अब इस गांव के सारे सपने पूरे होंगे। पर यह आश्वासन भी केवल छलावी जुमला ही साबित हुआ। इस वक्त मौसम की मार झेल रहे किसान तो यही कहते हैं।  छह महीने बीत गए, लेकिन इस गांव में विकास कार्य तो दूर मौसम के प्रकोप से बर्बाद हुए किसानों को दर्द जानने तक वह रायपुर नहीं पहुंचे। गांव वालों के जेहन में इस बात का काफी मलाल है। वे कहते हैं कि सांसद भइया तो उनका दर्द ही भूल गए।
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ग्राम पंचायत रायपुर के दो मजरे सिसवारी और कोल्हौरी हैं। यहां गेहूं और सरसों की काफी फसल बर्बाद हुई। हालांकि सरकारी आंकड़ों में यहां आंशिक नुकसान होने की ही बात कही गई है, लेकिन हकीकत कुछ और है। गांव निवासी दिलीप मिश्रा और रामप्रताप का आधे से अधिक गेहूं खराब हो गया और जो कुछ बचा वह इस बारिश में बेकार हो गया। वह कहते हैं कि कोई सुनने वाला नहीं है। ग्राम प्रधान रामसहेली कहती है कि नवंबर महीने में गांव को गोद लेने के बाद 13 फरवरी को यहां एक बैठक हुई थी, जिसमें जिले से अधिकारी भी आए थे। सांसद ने बैठक में गांव से जल निकासी की व्यवस्था के लिए नाला निर्माण, विद्युतीकरण, सड़कें बनाने, पांच सौ शौचालय और 450 आवास निर्माण कराने की योजना बनाई थी। उनका कहना है कि उसके बाद गांव में कोई झांकने तक नहीं आया, हालांकि मिट्टी का जांच करने टीम तीन बार आ चुकी है, जबकि अब तक सांसद योजना से एक ईंट भी नहीं लगी है।
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उनकी बेरुखी और तोड़ दिया
जब हमारी पूरी फसल बर्बाद हो गई तो हमें अपने सांसद से ही आस रह गई थी। पर उनकी बेरुखी ने हमें और तोड़ दिया। कभी हम ग्राम पंचायत के विकास का सपना देखा करते थे। पर इतने मुसीबत में भी सांसद जी ने हमें कोई मदद नहीं दी। अब आगे के सपने और विकास तो खोखले वादे ही रह जाएंगे। बसपा सरकार में विद्युतीकरण के लिए खंभे लगे थे, तबसे आज तक उन पर लाइन तक नहीं खिंच पाई।
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-दिलीप कुमार मिश्रा, किसान

कोई नेता देखने नहीं आया
गांव की फसलें बर्बाद हो गई हैं, लेकिन न तो नेता झांकने आए और न ही अधिकारियों ने सर्वे किया। सांसद के गोद लेने से विकास की उम्मीद बंधी थी, लेकिन यहां मुसीबत के वक्त सांसद की परछाई तक नहीं दिखी।
-धनीराम, किसान

काश, बिजली आती
गांव में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो जाता तो बिजली मिलती। गांव वालों को उजाले में खाना खाने का सपना आज तक पूरा नहीं हो सका है। सांसद के प्रयास से उम्मीद बंधी है, लेकिन कब पूरी होगी पता नहीं।
-रामप्रताप विश्वकर्मा, गांव निवासी

बर्बाद फसल का मुआवजा तक नहीं
सांसद ने गांव को गोद लिया था। ऐसे में वह यहां आते तो शायद ठीक से फसल नुकसान का सर्वे हो जाता, जिससे किसानों को मुआवजा मिलता, लेकिन सर्वे न होने से मुआवजा मिलने की भी उम्मीद नहीं है।

-वीरेंद्र वर्मा, किसान

योजनाएं बनी हैं, जरूर होगा विकास
सांसद ने बैठक कर विकास कार्यों की योजनाएं बनवा दी हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे। सांसद आदर्श ग्राम योजना में विकास जरूर होगा।
-रामसहेली, ग्राम प्रधान

सर्वे हो चुका है, मुआवजा जरूर मिलेगा
 किसानों की बर्बाद फसलों का सर्वे हो चुका है। 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान वाली फसल के किसान को हर हाल में मुआवजा दिलाया जाएगा। सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गांव रायपुर के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाओं को खाका तैयार हो चुका है।
-अजय मिश्र टेनी, सांसद-खीरी
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