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Sant Kabir Nagar News: 16 लाख के गबन का आरोपी छह माह बाद गिरफ्तार
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संतकबीरनगर। बघौली विकासखंड की बौरब्यास और सिंहोरवा प्राथमिक कृषि ऋण समितियों में आरकेवीवाई योजना के तहत प्राप्त उर्वरक की रकम में 16.02 लाख रुपये के गबन के आरोपी को पुलिस ने करीब छह माह बाद गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। फरारी के दौरान वह हुसैनगंज क्षेत्र स्थित एक निजी मोटर वाहन एजेंसी में काम कर रहा था। सूचना मिलने पर बखिरा पुलिस ने एजेंसी के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कृष्ण प्रताप सिंह निवासी गुलटही, पोस्ट सिधौली, गोरखपुर दोनों समितियों में प्रभारी सचिव के पद पर कार्यरत रहा है। उसके खिलाफ बखिरा थाने में 30 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी के मुताबिक, बौरब्यास बी-पैक्स में 9,45,901 रुपये और सिंहोरवा बी-पैक्स में 6,56,991 रुपये की धनराशि का गबन किया गया। शिकायत में यह धनराशि आरकेवीवाई योजना के तहत प्राप्त उर्वरक के मूल्य से संबंधित बताई गई है।
अभिलेख गायब करने का भी आरोप : मामले में गबन की रकम के अलावा समितियों के महत्वपूर्ण अभिलेख गायब करने का भी आरोप है। इनमें उर्वरक स्टॉक रजिस्टर, उर्वरक वितरण रजिस्टर, कैशबुक, कार्यवाही रजिस्टर और बैंक पासबुक आदि शामिल हैं। शिकायत के अनुसार, गबन को छिपाने के उद्देश्य से इन अभिलेखों को गायब किया गया।
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विभागीय जांच के बाद दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामला सामने आने के बाद सहकारिता विभाग की ओर से जांच कराई गई। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता कार्यालय की ओर से छह जनवरी को संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद सहायक विकास अधिकारी सहकारिता की तहरीर पर बखिरा थाने में 30 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, मामले में गबन की घटना की अवधि 17 अक्तूबर 2022 से पांच जनवरी 2023 के बीच की है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बदल लिया ठिकाना
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। पुलिस के मुताबिक, उसने हुसैनगंज क्षेत्र स्थित एक निजी मोटर वाहन एजेंसी में काम करना शुरू कर दिया था। इससे वह पुलिस की नजर से बचा रहा। इधर, पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी दौरान आरोपी के हुसैनगंज क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर एजेंसी के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।
विभागीय जांच के बाद एडीओ सहकारिता की तहरीर पर गबन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस टीम ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला कारागार भेज दिया गया।
- सर्वदवन सिंह, सीओ मेंहदावल
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पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कृष्ण प्रताप सिंह निवासी गुलटही, पोस्ट सिधौली, गोरखपुर दोनों समितियों में प्रभारी सचिव के पद पर कार्यरत रहा है। उसके खिलाफ बखिरा थाने में 30 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी के मुताबिक, बौरब्यास बी-पैक्स में 9,45,901 रुपये और सिंहोरवा बी-पैक्स में 6,56,991 रुपये की धनराशि का गबन किया गया। शिकायत में यह धनराशि आरकेवीवाई योजना के तहत प्राप्त उर्वरक के मूल्य से संबंधित बताई गई है।
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अभिलेख गायब करने का भी आरोप : मामले में गबन की रकम के अलावा समितियों के महत्वपूर्ण अभिलेख गायब करने का भी आरोप है। इनमें उर्वरक स्टॉक रजिस्टर, उर्वरक वितरण रजिस्टर, कैशबुक, कार्यवाही रजिस्टर और बैंक पासबुक आदि शामिल हैं। शिकायत के अनुसार, गबन को छिपाने के उद्देश्य से इन अभिलेखों को गायब किया गया।
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विभागीय जांच के बाद दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामला सामने आने के बाद सहकारिता विभाग की ओर से जांच कराई गई। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता कार्यालय की ओर से छह जनवरी को संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद सहायक विकास अधिकारी सहकारिता की तहरीर पर बखिरा थाने में 30 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, मामले में गबन की घटना की अवधि 17 अक्तूबर 2022 से पांच जनवरी 2023 के बीच की है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बदल लिया ठिकाना
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। पुलिस के मुताबिक, उसने हुसैनगंज क्षेत्र स्थित एक निजी मोटर वाहन एजेंसी में काम करना शुरू कर दिया था। इससे वह पुलिस की नजर से बचा रहा। इधर, पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी दौरान आरोपी के हुसैनगंज क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर एजेंसी के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।
विभागीय जांच के बाद एडीओ सहकारिता की तहरीर पर गबन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस टीम ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला कारागार भेज दिया गया।
- सर्वदवन सिंह, सीओ मेंहदावल