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डीएम के अल्टीमेटम पर जारी हो गया मदद का चेक
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 09 Dec 2016 10:40 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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झुलसी किशोरी का अब केजीएमसी में हो सकेगा इलाज
एसिड के हमले से झुलसी किशोरी की मदद की फाइल दबाने से गुस्साए डीएम के अल्टीमेटम के बाद पीड़िता को सीएमओ दफ्तर से 40 हजार को चेक दे दिया गया। चेक का भुगतान केजीएमसी, लखनऊ में होगा, जिससे पीड़िता को समुचित इलाज मिल सकेगा।
कसबा मोहम्मदी के एक मोहल्ला निवासी 16 वर्षीय किशोरी के पीछे मोहल्ले का ही एक सिरफिरा युवक पड़ा था। छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक ने घर में घुसकर किशोरी पर तेजाब डाल दिया था। तेजाब के हमले से किशोरी की पीठ, चेहरे का एक हिस्सा और गला झुलस गया था। डीएम ने पीड़िता की गरीबी को देखते हुए उसे राज्य आरोग्य निधि (मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष) से आर्थिक मदद करने के आदेश दिए थेे, लेकिन एक महीने 21 दिन बाद भी सीएमओ दफ्तर से उसकी मदद करना दूर संबंधित फाइल भी पूरी नहीं हो सकी। इस पर गुस्साए डीएम ने गुरुवार को सीएमओ दफ्तर के पूरे स्टाफ को तलब कर लिया। साथ ही पीड़िता को 24 घंटे में आर्थिक मदद देने का अल्टीमेटम दिया था। इस पर सक्रिय हुए अस्पताल प्रशासन ने पीड़िता के परिवार वालों को 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद कर चेक दे दिया। चेक किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ के नाम से काटा गया है। इससे अब उसे इलाज मिल सकेगा।
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लापरवाही पर एक लिपिक पर लटकी तलवार
डीएम के आदेश बाद भी मुआवजे की फाइल आगे न बढ़ने के पीछे एक लिपिक और सर्जन की टालमटोली माना जा रहा है। इतना ही नहीं डीएम की सख्ती बाद जब लिपिक ने फाइल आगे बढ़ाई तो उसकी प्रतिलिपि मंडल आयुक्त को भी कर दी है, जबकि राज्य आरोग्य निधि के अध्यक्ष और सर्वेसर्वा जिलाधिकारी ही हैं। फाइल की प्रतिलिप लखनऊ भेजने के पीछे लिपिक की चालाकी मानी जा रही है। इस तरह सीएमओ दफ्तर के संबंधित लिपिक पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
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डीएम के आदेश बाद भी लिपिक पर नहीं हुई कार्रवाई
मामले में लिपिक पर कार्रवाई करने का आदेश डीएम आकाशदीप ने दिया था, लेकिन इसके बाद भी संबंधित बाबू पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बाबत सीएमओ का कहना है कि शासनादेश न होने के कारण मदद देने में देरी हुई है, जिससे डीएम को अवगत कराया जाएगा।
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शुक्रवार को भी कैंप कार्यालय पहुंचे सीएमओ और लिपिक
मामले में सीएमओ डॉ जावेद अहमद और लिपिक शुक्रवार को भी डीएम से मिलने कैंप कार्यालय गए, लेकिन जिलाधिकारी लखनऊ मीटिंग में जा चुके थे। इससे सीएमओ और लिपिक बैरंग हो गए।
एसिड के हमले से झुलसी किशोरी की मदद की फाइल दबाने से गुस्साए डीएम के अल्टीमेटम के बाद पीड़िता को सीएमओ दफ्तर से 40 हजार को चेक दे दिया गया। चेक का भुगतान केजीएमसी, लखनऊ में होगा, जिससे पीड़िता को समुचित इलाज मिल सकेगा।
कसबा मोहम्मदी के एक मोहल्ला निवासी 16 वर्षीय किशोरी के पीछे मोहल्ले का ही एक सिरफिरा युवक पड़ा था। छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक ने घर में घुसकर किशोरी पर तेजाब डाल दिया था। तेजाब के हमले से किशोरी की पीठ, चेहरे का एक हिस्सा और गला झुलस गया था। डीएम ने पीड़िता की गरीबी को देखते हुए उसे राज्य आरोग्य निधि (मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष) से आर्थिक मदद करने के आदेश दिए थेे, लेकिन एक महीने 21 दिन बाद भी सीएमओ दफ्तर से उसकी मदद करना दूर संबंधित फाइल भी पूरी नहीं हो सकी। इस पर गुस्साए डीएम ने गुरुवार को सीएमओ दफ्तर के पूरे स्टाफ को तलब कर लिया। साथ ही पीड़िता को 24 घंटे में आर्थिक मदद देने का अल्टीमेटम दिया था। इस पर सक्रिय हुए अस्पताल प्रशासन ने पीड़िता के परिवार वालों को 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद कर चेक दे दिया। चेक किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ के नाम से काटा गया है। इससे अब उसे इलाज मिल सकेगा।
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लापरवाही पर एक लिपिक पर लटकी तलवार
डीएम के आदेश बाद भी मुआवजे की फाइल आगे न बढ़ने के पीछे एक लिपिक और सर्जन की टालमटोली माना जा रहा है। इतना ही नहीं डीएम की सख्ती बाद जब लिपिक ने फाइल आगे बढ़ाई तो उसकी प्रतिलिपि मंडल आयुक्त को भी कर दी है, जबकि राज्य आरोग्य निधि के अध्यक्ष और सर्वेसर्वा जिलाधिकारी ही हैं। फाइल की प्रतिलिप लखनऊ भेजने के पीछे लिपिक की चालाकी मानी जा रही है। इस तरह सीएमओ दफ्तर के संबंधित लिपिक पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
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डीएम के आदेश बाद भी लिपिक पर नहीं हुई कार्रवाई
मामले में लिपिक पर कार्रवाई करने का आदेश डीएम आकाशदीप ने दिया था, लेकिन इसके बाद भी संबंधित बाबू पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बाबत सीएमओ का कहना है कि शासनादेश न होने के कारण मदद देने में देरी हुई है, जिससे डीएम को अवगत कराया जाएगा।
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शुक्रवार को भी कैंप कार्यालय पहुंचे सीएमओ और लिपिक
मामले में सीएमओ डॉ जावेद अहमद और लिपिक शुक्रवार को भी डीएम से मिलने कैंप कार्यालय गए, लेकिन जिलाधिकारी लखनऊ मीटिंग में जा चुके थे। इससे सीएमओ और लिपिक बैरंग हो गए।