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तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
मैलानी
Updated Tue, 30 Jun 2015 07:34 PM IST
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इंटरसिटी के दो हिस्सों में बंटने के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को ऐशबाग से चलकर मैलानी आने वाली इंटरसिटी फास्ट पैसेंजर गोला-बांकेगंज स्टेशनों के बीच कपलिंग के हुक की पिन टूटने के कारण दो हिस्सों में बंट गई थी। जिस कारण ट्रेन एक घंटा लेट भी हो गई थी। एनई रेलवे के लखनऊ के जनसंपर्क अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि दुर्घटना की जांच के लिए सहायक स्तर के अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी अपनी रिपोर्ट मंडल मुख्यालय को सौंपेगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सहम गए थे इंटरसिटी के यात्री
मैलानी। सोमवार को गोला-बांकेगंज के बीच इंटरसिटी फास्ट पैसेंजर दो हिस्सों में बंट गई थी। जिस समय ट्रेन दो हिस्सों में बंटी, उस समय लगे जोर के झटके से ट्रेन में सवार यात्री किसी अनहोनी की आशंका से सहम गए थे।
मैलानी निवासी दैनिक यात्री नोटरी अधिवक्ता कृष्ण मुरारी अवस्थी इंटरसिटी फास्ट पैसेंजर में सवार थे। उन्होंने बताया कि वह पीछे बैठे थे। ट्रेन बांकेगंज पहुंचने ही वाली थी कि अचानक बड़ी जोर का झटका लगा। ट्रेन में सवार कुछ यात्री झटके से गिर भी गए। किसी की कुछ समझ नहीं आया। दहशतजदा यात्री अपने-अपने ईस्ट देवों को याद करने लगे। कुछ दूर चलने के बाद ट्रेन रुक गई तब जाकर सबकी जान में जान आई। लोगों ने समझा कि चेन पुलिंग हो गई है। कुछ देर बाद पता चला कि ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई है।
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इसी तरह ट्रेन में सवार दैनिक यात्री पड़ोस के गांव सलामतनगर निवासी एडवोकेट संतोष ठाकुर ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ बातचीत में मशगूल थे कि बांकेगंज से पहले आउटर सिग्नल के पास तगड़ा झटका लगा। इस झटके ने सबकी हंसी गायब कर दी। अनिष्ट की आशंका ने सबको खौफजदा कर दिया। झटके के कुछ ही देर बाद ट्रेन की गति कम हुई और रुक गई। तब जाकर लोगों ने चैन की सांस ली।
मोहल्ला धर्मशाला निवासी रमेश बेदी ने बताया कि ट्रेन बांकेगंज पंहुचने वाली थी कि अचानक बड़ी जोर का झटका महसूस हुआ, ऐसा लगा कि कोई हादसा हो गया है। बोगी में बैठे यात्री दुर्घटना की आशंका से बुरी तरह सहम गए। जब कुछ दूर जाकर ट्रेन सुरक्षित रुकी, तब जाकर लोगों के चेहरों से खौफ खत्म हुआ।
मोहल्ला धर्मशाला निवासी खालिद हुसैन भी उसी ट्रेन में सवार थे। बोले कि आराम से बैठे थे और बांकेगंज स्टेशन के आने का इंतजार कर रहे थे कि खटाक की आवाज के साथ तेज झटका लगा। झटका इतना तेज कि उनके साथ बैठे सभी यात्री किसी अनहोनी की आशंका से सहम गए। ट्रेन रुकने के कुछ देर बाद सही बात पता चलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
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सहम गए थे इंटरसिटी के यात्री
मैलानी। सोमवार को गोला-बांकेगंज के बीच इंटरसिटी फास्ट पैसेंजर दो हिस्सों में बंट गई थी। जिस समय ट्रेन दो हिस्सों में बंटी, उस समय लगे जोर के झटके से ट्रेन में सवार यात्री किसी अनहोनी की आशंका से सहम गए थे।
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मैलानी निवासी दैनिक यात्री नोटरी अधिवक्ता कृष्ण मुरारी अवस्थी इंटरसिटी फास्ट पैसेंजर में सवार थे। उन्होंने बताया कि वह पीछे बैठे थे। ट्रेन बांकेगंज पहुंचने ही वाली थी कि अचानक बड़ी जोर का झटका लगा। ट्रेन में सवार कुछ यात्री झटके से गिर भी गए। किसी की कुछ समझ नहीं आया। दहशतजदा यात्री अपने-अपने ईस्ट देवों को याद करने लगे। कुछ दूर चलने के बाद ट्रेन रुक गई तब जाकर सबकी जान में जान आई। लोगों ने समझा कि चेन पुलिंग हो गई है। कुछ देर बाद पता चला कि ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई है।
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इसी तरह ट्रेन में सवार दैनिक यात्री पड़ोस के गांव सलामतनगर निवासी एडवोकेट संतोष ठाकुर ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ बातचीत में मशगूल थे कि बांकेगंज से पहले आउटर सिग्नल के पास तगड़ा झटका लगा। इस झटके ने सबकी हंसी गायब कर दी। अनिष्ट की आशंका ने सबको खौफजदा कर दिया। झटके के कुछ ही देर बाद ट्रेन की गति कम हुई और रुक गई। तब जाकर लोगों ने चैन की सांस ली।
मोहल्ला धर्मशाला निवासी रमेश बेदी ने बताया कि ट्रेन बांकेगंज पंहुचने वाली थी कि अचानक बड़ी जोर का झटका महसूस हुआ, ऐसा लगा कि कोई हादसा हो गया है। बोगी में बैठे यात्री दुर्घटना की आशंका से बुरी तरह सहम गए। जब कुछ दूर जाकर ट्रेन सुरक्षित रुकी, तब जाकर लोगों के चेहरों से खौफ खत्म हुआ।
मोहल्ला धर्मशाला निवासी खालिद हुसैन भी उसी ट्रेन में सवार थे। बोले कि आराम से बैठे थे और बांकेगंज स्टेशन के आने का इंतजार कर रहे थे कि खटाक की आवाज के साथ तेज झटका लगा। झटका इतना तेज कि उनके साथ बैठे सभी यात्री किसी अनहोनी की आशंका से सहम गए। ट्रेन रुकने के कुछ देर बाद सही बात पता चलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली।