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अंधड़ ने भड़काए शोले, तीन महिलाएं जिंदा जलीं
अमर उजाला ब्यूरो,लखीमपुर खीरी/ शाहजहांपुर।
Updated Mon, 21 Mar 2016 11:45 PM IST
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अाग
- फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी और शाहजहांपुर में हुए भीषण अग्निकांड में स्वाहा हुए पांच सौ से ज्यादा घर
दो दर्जन से ज्यादा लोग झुलसे, दर्जनों मवेशियों की भी जलकर मौत
खीरी के खैरीगढ़ में चार सौ, शाहजहांपुर के लुकटहा गांव में सौ घर जले
अंधड़ के दौरान सोमवार को लखीमपुर खीरी के गांव खैरीगढ़ और शाहजहांपुर के गांव लुकटहा में आग ने भयंकर तांडव कर डाला। खैरीगढ़ में गन्ने की खोई जलाकर कोल्हू पर गुड़ बनाते वक्त उड़ी चिंगारी से लगी आग तेज अंधड़ की वजह से ऐसी प्रचंड हुई कि गांव के चार सौ से ज्यादा घर देखते-देखते स्वाहा हो गए। भीषण आग में तीन महिलाएं जिंदा जल गईं। तीन व्यक्ति बुरी तरह झुलस गए, एक दर्जन से ज्यादा मवेशियों की भी जान चली गई, साथ ही दर्जन भर दुकानें और दो सौ एकड़ गन्ने की फसल भी जलकर राख हो गई। शाहजहांपुर के गांव लुकटहा में लगी आग में भी करीब सौ घर राख हो गए। इस अग्निकांड में दो दर्जन से अधिक लोग झुलस गए। तमाम मवेशी और सैकड़ों मुर्गे-बतख भी आग की भेंट चढ़ गए।
सिंगाही इलाके के गांव खैरीगढ़ के पश्चिमी छोर पर रत्रकेश गुप्ता का कोल्हू लगा हुआ है। सोमवार की सुबह कोल्हू पर गन्ने की पेराई के बाद गुड़ बनाया जा रहा था, इसी दौरान अचानक शुरू हुए अंधड़ में कोल्हू से उड़ी चिंगारियां पास ही रखे खोई के ढेर पर जा गिरीं और उसमें आग लग गई। कोल्हू पर काम कर रहे लोगों ने खोई के ढेर में लगी आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक जलती हुई खोई ने अंधड़ में उड़कर पड़ोस में स्थित पुत्तू के घर को चपेट में ले लिया।
देखते ही देखते पुत्तू के घर से लपटें उठने लगीं और फिर एक-एक करके सर्वेश, कुंजबिहारी, बिंद्रा, राजेश, बल्लू, संजीत, बाबूराम, तुलसीराम के घर भी आग की चपेट में आ गए। विकराल हुई आग में पहले कच्चे घर जले फिर अंधड़ के चलते आग ने पक्के घरों को भी अपनी जद में ले लिया। जान बचाने के लिए गांव के लोगों में भगदड़ मच गई। इस बीच अपने घरों से कीमती सामान निकालने की कोशिश करते हुए 50 वर्षीय प्रेमलता पत्नी पुत्तू, 53 वर्षीय सरस्वती पत्नी घूरे और 60 वर्षीय अहमदी पत्नी गुलजार आग में जिंदा जल गईं। 56 वर्षीय अनवरी पत्नी फजल को बेहोशी की हालत में खेत में पाया गया। इसके अलावा 40 वर्षीय सरफराज पुत्र गुलजार, 30 वर्षीय राजकुमारी और 60 वर्षीय अशोक मिश्रा भी बुरी तरह झुलस गए।
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आग इस कदर विकराल थी कि पलिया और निघासन से पहुंची दमकल की कई गाड़ियां देर शाम तक आग पर काबू नहीं पा सकी थीं। प्रशासन का अनुमान है कि अग्निकांड में करीब चार सौ कच्चे-पक्के घर, तीन दर्जन से अधिक खोखे, दो स्कूल और करीब दर्जन भर दुकानें जलकर नष्ट हुई हैं। आग बुझाने की कोशिश में झुलसे तीनों लोगों को पहले सीएचसी में भर्ती कराया गया लेकिन हालत नाजुक होने पर तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना को देखते हुए खैरीगढ़ में पलिया, सिंगाही, निघासन आदि थानों की फोर्स बुला ली गई। एसडीएम लव कुमार, तहसीलदार जगदीश सिंह, सीओ आदि कैंप कर रहे हैं। एएसपी अष्टभुजा प्रताप सिंह ने भी मौका-मुआयना किया।
उधर, खुटार (शाहजहांपुर) के दलित बहुल गांव लुकटहा में दोपहर करीब तीन बजे आग लगी। बताया जाता है कि गांव के पश्चिम की ओर कोई गेहूं की बालियां भून रहा था। इसी दौरान हवा से उड़ी चिंगारियों से पास ही पड़े कूड़े के एक ढेर में आग लग गई। तेज पछुआ हवाओं की वजह से आग कुछ ही पलों में बुरी तरह भड़क गई। आग ने पहले पास ही एक घर के छप्पर को चपेट में लिया और फिर पूरे गांव में फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि घरों में मौजूद लोगों को जान बचाकर भागना मुश्किल हो गया।
आग की ऊंची लपटें और धुआं आसपास के गांवों में दिखाई दिया तो वहां के सैकड़ों लोग लुकटहा पहुंच गए। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की सूचना पर पुवायां फायर स्टेशन से सिर्फ एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी लुकटहा पहुंची जो भीषण आग पर जरा भी काबू नहीं पा सकी। काफी देर बाद शाहजहांपुर से एक और गाड़ी पहुंची लेकिन तब तक गांव के सौ से ज्यादा घर जलकर पूरी तरह स्वाहा हो चुके थे। इस अग्निकांड में गांव के दो दर्जन से ज्यादा लोगों के झुलस गए हैं। इसके अलावा दस भैंसें, दर्जनों बकरियां और सैकड़ों मुर्गे-मुर्गियां, बतखों और तमाम कुत्तों की भी जलभुनकर मौत हो गई। होली मनाने की तैयारियों में जुटे गांव के ज्यादातर लोगों के घर में अन्न का दाना तक नहीं बच सका। गांव में हाहाकार मचा है। खेतों में बैठी महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।
खैरीगढ़ में हुए अग्निकांड में तीन महिलाओं की मौत हो गई हैं। करीब चार सौ घर जल गए हैं। 19 पशु जलकर मर गए हैं। सभी परिवारों के लिए खाने की व्यवस्था करा दी गई है। रहने की अस्थायी व्यवस्था मंगलवार को करा दी जाएगी। मंगलवार को ही सभी पीड़ित परिवार को दैवी आपदा के तहत सहायता राशि का चेक दे दिया जाएगा।
- एसपी सिंह, प्रभारी डीएम एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
महेवा में 29 मकान जले
निघासन के महेवागंज के दुअन्नी और कालीपुरवा गांव में भी आग से 29 घर जलकर राख हो गए। लाखों के नुकसान का अनुमान है। निघासन कस्बे में भी ढखेरवा रोड स्थित बुद्धीपुरवा नई बस्ती में लगी आग से चार घर जल गए। गोला गोकर्णनाथ में 132 केवी ट्रांसमिशन सब स्टेशन में स्पार्किंग से लगी भीषण आग घंटों की मशक्कत के बाद बुझाई जा सकी।
पीलीभीत में भी लगी आग
पीलीभीत। तेज हवाओं के बीच बरखेड़ा के गांव दौलापुर के दो और बीसलपुर क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर के एक-एक घर में आग लग गई, जिससे तीनों घरों में रखा हजारों का सामान जल गया। अग्निकांड की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है।
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दो दर्जन से ज्यादा लोग झुलसे, दर्जनों मवेशियों की भी जलकर मौत
खीरी के खैरीगढ़ में चार सौ, शाहजहांपुर के लुकटहा गांव में सौ घर जले
अंधड़ के दौरान सोमवार को लखीमपुर खीरी के गांव खैरीगढ़ और शाहजहांपुर के गांव लुकटहा में आग ने भयंकर तांडव कर डाला। खैरीगढ़ में गन्ने की खोई जलाकर कोल्हू पर गुड़ बनाते वक्त उड़ी चिंगारी से लगी आग तेज अंधड़ की वजह से ऐसी प्रचंड हुई कि गांव के चार सौ से ज्यादा घर देखते-देखते स्वाहा हो गए। भीषण आग में तीन महिलाएं जिंदा जल गईं। तीन व्यक्ति बुरी तरह झुलस गए, एक दर्जन से ज्यादा मवेशियों की भी जान चली गई, साथ ही दर्जन भर दुकानें और दो सौ एकड़ गन्ने की फसल भी जलकर राख हो गई। शाहजहांपुर के गांव लुकटहा में लगी आग में भी करीब सौ घर राख हो गए। इस अग्निकांड में दो दर्जन से अधिक लोग झुलस गए। तमाम मवेशी और सैकड़ों मुर्गे-बतख भी आग की भेंट चढ़ गए।
सिंगाही इलाके के गांव खैरीगढ़ के पश्चिमी छोर पर रत्रकेश गुप्ता का कोल्हू लगा हुआ है। सोमवार की सुबह कोल्हू पर गन्ने की पेराई के बाद गुड़ बनाया जा रहा था, इसी दौरान अचानक शुरू हुए अंधड़ में कोल्हू से उड़ी चिंगारियां पास ही रखे खोई के ढेर पर जा गिरीं और उसमें आग लग गई। कोल्हू पर काम कर रहे लोगों ने खोई के ढेर में लगी आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक जलती हुई खोई ने अंधड़ में उड़कर पड़ोस में स्थित पुत्तू के घर को चपेट में ले लिया।
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उधर, खुटार (शाहजहांपुर) के दलित बहुल गांव लुकटहा में दोपहर करीब तीन बजे आग लगी। बताया जाता है कि गांव के पश्चिम की ओर कोई गेहूं की बालियां भून रहा था। इसी दौरान हवा से उड़ी चिंगारियों से पास ही पड़े कूड़े के एक ढेर में आग लग गई। तेज पछुआ हवाओं की वजह से आग कुछ ही पलों में बुरी तरह भड़क गई। आग ने पहले पास ही एक घर के छप्पर को चपेट में लिया और फिर पूरे गांव में फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि घरों में मौजूद लोगों को जान बचाकर भागना मुश्किल हो गया।
आग की ऊंची लपटें और धुआं आसपास के गांवों में दिखाई दिया तो वहां के सैकड़ों लोग लुकटहा पहुंच गए। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की सूचना पर पुवायां फायर स्टेशन से सिर्फ एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी लुकटहा पहुंची जो भीषण आग पर जरा भी काबू नहीं पा सकी। काफी देर बाद शाहजहांपुर से एक और गाड़ी पहुंची लेकिन तब तक गांव के सौ से ज्यादा घर जलकर पूरी तरह स्वाहा हो चुके थे। इस अग्निकांड में गांव के दो दर्जन से ज्यादा लोगों के झुलस गए हैं। इसके अलावा दस भैंसें, दर्जनों बकरियां और सैकड़ों मुर्गे-मुर्गियां, बतखों और तमाम कुत्तों की भी जलभुनकर मौत हो गई। होली मनाने की तैयारियों में जुटे गांव के ज्यादातर लोगों के घर में अन्न का दाना तक नहीं बच सका। गांव में हाहाकार मचा है। खेतों में बैठी महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।
खैरीगढ़ में हुए अग्निकांड में तीन महिलाओं की मौत हो गई हैं। करीब चार सौ घर जल गए हैं। 19 पशु जलकर मर गए हैं। सभी परिवारों के लिए खाने की व्यवस्था करा दी गई है। रहने की अस्थायी व्यवस्था मंगलवार को करा दी जाएगी। मंगलवार को ही सभी पीड़ित परिवार को दैवी आपदा के तहत सहायता राशि का चेक दे दिया जाएगा।
- एसपी सिंह, प्रभारी डीएम एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
महेवा में 29 मकान जले
निघासन के महेवागंज के दुअन्नी और कालीपुरवा गांव में भी आग से 29 घर जलकर राख हो गए। लाखों के नुकसान का अनुमान है। निघासन कस्बे में भी ढखेरवा रोड स्थित बुद्धीपुरवा नई बस्ती में लगी आग से चार घर जल गए। गोला गोकर्णनाथ में 132 केवी ट्रांसमिशन सब स्टेशन में स्पार्किंग से लगी भीषण आग घंटों की मशक्कत के बाद बुझाई जा सकी।
पीलीभीत में भी लगी आग
पीलीभीत। तेज हवाओं के बीच बरखेड़ा के गांव दौलापुर के दो और बीसलपुर क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर के एक-एक घर में आग लग गई, जिससे तीनों घरों में रखा हजारों का सामान जल गया। अग्निकांड की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है।