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लूट के मामले में पुलिस का समझौते का दबाव
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 28 Jul 2016 11:01 PM IST
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लूट
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मितौली थाना क्षेत्र के गांव दतेली खुर्द का मामला
पीड़ित परिवार ने एसपी से लगाई गुहार
मितौली थाना क्षेत्र के गांव दतेली खुर्द में मंगलवार की रात को माखनलाल के घर में हुई लूट के मामले में कार्रवाई करने के बजाय मितौली पुलिस समझौता कराने में जुटी है। बदमाशों की पिटाई से घायल युवक का पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराना भी जरूरी नहीं समझा, बल्कि बुधवार को पीड़ितों को ही दिन भर थाने पर बैठाए रखा। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने गुरुवार को एसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर से बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गुहार लगाई है।
दतेली खुर्द निवासी माखनलाल ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि मंगलवार की रात करीब 12 बजे करीब सात सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोलकर लूटपाट की थी। लूटपाट के दौरान गृहस्वामी के पुत्र प्रमोद ने बदमाशों को पहचानते हुए विरोध किया, तो उसे तमंचे की बट से प्रहार कर घायल कर दिया गया। इस दौरान गृहस्वामी की बहू सुनीता ने प्रमोद को बचाने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने उसके पेट पर लात-घूंसों से प्रहार किया। सुनीता गर्भवती थी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसे हरगांव के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां असमय बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा की हालत गंभीर बनी हुई है। इस वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने जंगली नाथ बाबा मंदिर के पुजारी मुन्ना गिरि से मोबाइल, कुल्हाड़ी और 500 रुपये लूट लिए। इसके बाद बदमाशों ने पड़ोस के सुंदरलाल के घर से पांच हजार नकदी, टार्च, पायल लूट लिया। तमंचे से हवाई फायर करते हुए बदमाश भाग निकले। करीब एक घंटे तक बदमाशों ने गांव में तांडव मचाया, जिसके बाद प्रमोद को एंबुलेंस से मितौली सीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने पुलिस केस बताते हुए उसका इलाज नहीं किया। पीड़ित माखनलाल ने रसूलपुर गांव निवासी कुछ बदमाशों को नामजद करते हुए पुलिस को तहरीर दी, जिसके बाद उन्हें टरका दिया गया। आरोप है कि पुलिस ने नामजद आरोपियों को पकड़ा, फिर छोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने समझौैते का दबाव बनाना शुरू कर दिया। बुधवार को पुलिस ने पीड़ित परिवार को ही थाने पर बैठाए रखा, फिर शाम को भगा दिया। एसपी अखिलेश चौरसिया ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एसओ मितौली प्रेम कुमार के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष जिन्हें नामजद कर रहा है, वह उन्हीं के रिश्तेदार हैं। आरोपियों से पूछताछ की गई है, जो घटना वाली रात अपने घर पर ही थे।
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पीड़ित परिवार ने एसपी से लगाई गुहार
मितौली थाना क्षेत्र के गांव दतेली खुर्द में मंगलवार की रात को माखनलाल के घर में हुई लूट के मामले में कार्रवाई करने के बजाय मितौली पुलिस समझौता कराने में जुटी है। बदमाशों की पिटाई से घायल युवक का पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराना भी जरूरी नहीं समझा, बल्कि बुधवार को पीड़ितों को ही दिन भर थाने पर बैठाए रखा। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने गुरुवार को एसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर से बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गुहार लगाई है।
दतेली खुर्द निवासी माखनलाल ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि मंगलवार की रात करीब 12 बजे करीब सात सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोलकर लूटपाट की थी। लूटपाट के दौरान गृहस्वामी के पुत्र प्रमोद ने बदमाशों को पहचानते हुए विरोध किया, तो उसे तमंचे की बट से प्रहार कर घायल कर दिया गया। इस दौरान गृहस्वामी की बहू सुनीता ने प्रमोद को बचाने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने उसके पेट पर लात-घूंसों से प्रहार किया। सुनीता गर्भवती थी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसे हरगांव के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां असमय बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा की हालत गंभीर बनी हुई है। इस वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने जंगली नाथ बाबा मंदिर के पुजारी मुन्ना गिरि से मोबाइल, कुल्हाड़ी और 500 रुपये लूट लिए। इसके बाद बदमाशों ने पड़ोस के सुंदरलाल के घर से पांच हजार नकदी, टार्च, पायल लूट लिया। तमंचे से हवाई फायर करते हुए बदमाश भाग निकले। करीब एक घंटे तक बदमाशों ने गांव में तांडव मचाया, जिसके बाद प्रमोद को एंबुलेंस से मितौली सीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने पुलिस केस बताते हुए उसका इलाज नहीं किया। पीड़ित माखनलाल ने रसूलपुर गांव निवासी कुछ बदमाशों को नामजद करते हुए पुलिस को तहरीर दी, जिसके बाद उन्हें टरका दिया गया। आरोप है कि पुलिस ने नामजद आरोपियों को पकड़ा, फिर छोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने समझौैते का दबाव बनाना शुरू कर दिया। बुधवार को पुलिस ने पीड़ित परिवार को ही थाने पर बैठाए रखा, फिर शाम को भगा दिया। एसपी अखिलेश चौरसिया ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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एसओ मितौली प्रेम कुमार के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष जिन्हें नामजद कर रहा है, वह उन्हीं के रिश्तेदार हैं। आरोपियों से पूछताछ की गई है, जो घटना वाली रात अपने घर पर ही थे।
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