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शादी की खुशियां मातम में बदलीं
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 13 Dec 2015 11:23 PM IST
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मोहल्ला नौरंगाबाद से शनिवार को शाहजहांपुर के थाना पुवायां के गांव गंगसरा गए बारातियों को रोडवेज बस ने रौंद दिया। जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मरने वालों में दूल्हे के पिता और बहनोई के अलावा कांग्रेस नेता समेत चार लोग खीरी के हैं। पांचवां बाराती पीलीभीत का निवासी हैै। शनिवार रात 11 बजे बारातियों के साथ हुए हादसे की खबर लगते ही मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। जहां दुल्हन के स्वागत की खुशी थी, वहां मातम होने लगा। शनिवार की रात को ही पोस्टमार्टम कराने के बाद रविवार की दोपहर सभी शव लखीमपुर लाए गए। तीन शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है जबकि रमेश का अंतिम संस्कार सोमवार को होगा।
शहर के मोहल्ला नौरंगाबाद निवासी 55 वर्षीय सत्यप्रकाश श्रीवास्तव उर्फ कुंवर जी के बड़े बेटे मनोज श्रीवास्तव उर्फ सोनू की शादी शाहजहांपुर के गंगसरा गांव निवासी स्व.प्रमोद श्रीवास्तव की बेटी रेनू के साथ होनी थी। शनिवार को धूमधाम से मनोज की बारात गंगसरा पहुंची, जिसके बाद बाराती बैंडबाजे की धुन पर नाचते हुए द्वाराचार के लिए जा रहे थे। तभी रास्ते में अनियंत्रित रोडवेज बस चालक ने बगैर हार्न बजाए तेज रफ्तार बस से बारातियों को रौंदता दिया। इसमें दूल्हे के पिता सत्यप्रकाश श्रीवास्तव और कांग्रेस नेता मोहल्ला शाहपुरा कोठी निवासी 47 वर्षीय अरुण वाजपेयी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दर्जन भर से अधिक बाराती गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इलाज के लिए जाते समय थाना फूलबेहड़ के गांव सिकटिहा निवासी 50 वर्षीय कौशल किशोर विश्वकर्मा और मितौली निवासी 36 वर्षीय रमेश कुमार श्रीवास्तव ने दम तोड़ दिया। इलाज के दौरान पीलीभीत के पूरनपुर के गांव मुजफ्फरनगर निवासी रमेश कुमार की भी मौत हो गई। शादी में बैंडबाजे की धुनों के बीच एकाएक हुए हादसे में पांच बारातियों की मौत से खुशियां मातम में बदल गईं। इसकी खबर लखीमपुर पहुंचते ही दूल्हे के परिवार में कोहराम मच गया। दूल्हा-दुल्हन के स्वागत की तैयारियों की जगह शोक की लहर दौड़ गई। सुबह होते ही मृतकों के घरों में लोगों का तांता लग गया।
ससुर-दामाद की मौत से उजड़े दो परिवार
इस हादसे में दूल्हे के पिता और बहनोई की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया, जो आपस में ससुर-दामाद थे। रविवार को दूल्हा-दुल्हन से पहले दोनों के शव घर पहुंचे तो महिलाएं दहाड़े मारकर रोने लगीं। पेशे से टैक्सी स्टैंड पर काम करने वाले सत्यप्रकाश श्रीवास्तव और उनके दामाद मितौली निवासी रमेश श्रीवास्तव की मौत से दो परिवारों की खुशियां छिन गईं। पेशे से जनरल स्टोर की दुकान करने वाले मृतक रमेश अपने पीछे कच्ची गृहस्थी छोड़ गए, जिसमें पत्नी के अलावा दो छोटे बच्चे हैं।
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कांग्रेस नेता के घर लगा शोक संवेदना जताने वालों का तांता
शाहपुरा कोटी निवासी पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं पीसीसी सदस्य अरुण वाजपेयी की मौत से मोहल्ले और कांग्रेसियों में शोक की लहर दौड़ गई। वह भी अपने पीछे कच्ची गृहस्थी छोड़ गए, जिसमें पत्नी और दो बच्चे हैं। दो बच्चों में बेटी बड़ी और बेटा छोटा है।
बस को रोकने के प्रयास में गई दूल्हे के पिता की जान
पुवायां। गांव गंगसरा में शनिवार रात बारातियों को टक्कर मारने वाली रोडवेज बस के चालक को नींद आ गई या उसने नशे में बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे डाला, यह तो जांच के बाद ही सामने आ सकेगी, लेकिन दुर्घटना के बाद चालक की लापरवाही से दूल्हे के पिता और जनातियों की ओर से शामिल रमेश उर्फ मोनू की जान चली गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि दुर्घटना के बाद अनियंत्रित बस बिजली के पोल के सामने पहुंच गई। हादसे में लखीमपुर के अरुण बाजपेयी की मौके पर ही मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद चालक ने बस को मौके पर रोकने की जरूरत नहीं समझी और बिजली के पोल के कारण बस को बैक कर भागने का प्रयास किया। बैक करते समय बस घायल हुए पीलीभीत जनपद के थाना पूरनपुर के गांव मुजफ्फरनगर निवासी रमेश उर्फ मोनू पर चढ़ गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। रमेश गांव गंगसरा में किराए पर रहता था और जीप चालक था। बस को बैक होते देख दूल्हे सोनू श्रीवास्तव उर्फ मनोज के पिता सत्यप्रकाश श्रीवास्तव बस के बाईं ओर आगे की तरफ पहुंचे और चालक को बस रोकने का इशारा किया तो चालक ने बस उनके ऊपर चढ़ा दी, जिससे वह गंभीर घायल हो गए। पुवायां के सरकारी अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
गमगीन माहौल में रविवार सुबह हुई फेरों की रस्म
पुवायां। गंगसरा में शनिवार रात बस की टक्कर से दूल्हे सोनू श्रीवास्तव के पिता सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, बहनोई रमेश कुमार की मौत हो जाने से खुशी का माहौल गम में बदल गया। बारात में शामिल तमाम लोग रात में निजी और अन्य वाहनों का सहारा लेकर घरों को लौट गए। केवल बारात में आईं महिलाएं ही जनवासे में रुकीं। गांव के तमाम लोगों और हादसे की जानकारी पाकर मृतक और घायलों के रिश्तेदारों ने जनवासे में पहुंचकर महिलाओं को सांत्वना दी। डीएम के आदेश पर रात में ही सभी पांच मृतकों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार के लोगों को सौंप दिए गए। रविवार सुबह फेरों की रस्म अदायगी कर बेहद गमगीन माहौल में बारात को विदा कर दिया गया। वधू को निकट के एक मंदिर तक ले जाने के बाद वापस मायके ले आया गया। उसकी विदाई बाद में की जाएगी।
अज्ञात बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट
पुवायां (शाहजहांपुर)। बारातियों पर बस चढ़ाने के मामले में पुलिस ने दूल्हे की ओर से दी गई तहरीर पर बस चालक पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मृतक सत्यप्रकाश के बेटे मनोज की ओर से चालक के खिलाफ लापरवाही से बस चलाकर हादसा करने और उसमें पांच लोगों की मौत होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने धारा 279, 304ए, 337, 338 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है और चालक हरदोई के कस्बा शाहाबाद निवासी विमल बाजपेयी को हिरासत में ले लिया है।
मौके से भागी पुलिस
पुवायां। हादसे के बाद बाराती और जनाती बेहद उत्तेजित हो उठे। लोगों ने बैंड बाजे की ठेली को रोड पर खड़ाकर जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि हादसे के तुरंत बाद एंबुलेंस और पुलिस को जानकारी दी गई, लेकिन एक घंटे तक कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वाहनों में आग लगाने और मारपीट करने पर आमादा हो गए। भीड़ देखकर पुलिस के हाथ पांव फूल गए और पुलिसकर्मी वाहन लेकर मौके से भाग निकले। मौके पर पहुंचे सीओ उमेश शर्मा को देखकर बाराती आक्रोशित हो गए। इस दौरान बारातियों से उनकी काफी नोकझोंक हो गई।
एंबुलेंस को भी दौड़ाया
पुवायां। देरी से मौके पर पहुंचने के कारण 108 सेवा की एंबुलेंस के चालक को लोगों ने दौड़ा लिया। चालक ने बताया कि वह एक बार घायलों को पुवायां अस्पताल पहुंचा आया है और दूसरी बार घायलों को लेने आया है, लेकिन लोग उसकी बात सुनने को तैयार नहीं हुए। इस पर चालक एंबुलेंस लेकर मौके से भाग निकला।
पैतृक गांव भेजा गया रमेश का शव
पुवायां। पीलीभीत के थाना पूरनपुर के गांव मुजफ्फरनगर निवासी रमेश उर्फ मोनू गांव गंगसरा में किराए के मकान में रहता था और डग्गामार वाहन चलाकर परिवार की गुजर करता था। बारात आने पर वह जनातियों की ओर से शादी में पूरे उत्साह से शामिल हुआ और द्वाराचार के बाद बारात के साथ जनवासे जा रहा था, इस बीच रोडवेज की बस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव पैतृक गांव ले जाया गया। रविवार दोपहर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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शहर के मोहल्ला नौरंगाबाद निवासी 55 वर्षीय सत्यप्रकाश श्रीवास्तव उर्फ कुंवर जी के बड़े बेटे मनोज श्रीवास्तव उर्फ सोनू की शादी शाहजहांपुर के गंगसरा गांव निवासी स्व.प्रमोद श्रीवास्तव की बेटी रेनू के साथ होनी थी। शनिवार को धूमधाम से मनोज की बारात गंगसरा पहुंची, जिसके बाद बाराती बैंडबाजे की धुन पर नाचते हुए द्वाराचार के लिए जा रहे थे। तभी रास्ते में अनियंत्रित रोडवेज बस चालक ने बगैर हार्न बजाए तेज रफ्तार बस से बारातियों को रौंदता दिया। इसमें दूल्हे के पिता सत्यप्रकाश श्रीवास्तव और कांग्रेस नेता मोहल्ला शाहपुरा कोठी निवासी 47 वर्षीय अरुण वाजपेयी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दर्जन भर से अधिक बाराती गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इलाज के लिए जाते समय थाना फूलबेहड़ के गांव सिकटिहा निवासी 50 वर्षीय कौशल किशोर विश्वकर्मा और मितौली निवासी 36 वर्षीय रमेश कुमार श्रीवास्तव ने दम तोड़ दिया। इलाज के दौरान पीलीभीत के पूरनपुर के गांव मुजफ्फरनगर निवासी रमेश कुमार की भी मौत हो गई। शादी में बैंडबाजे की धुनों के बीच एकाएक हुए हादसे में पांच बारातियों की मौत से खुशियां मातम में बदल गईं। इसकी खबर लखीमपुर पहुंचते ही दूल्हे के परिवार में कोहराम मच गया। दूल्हा-दुल्हन के स्वागत की तैयारियों की जगह शोक की लहर दौड़ गई। सुबह होते ही मृतकों के घरों में लोगों का तांता लग गया।
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ससुर-दामाद की मौत से उजड़े दो परिवार
इस हादसे में दूल्हे के पिता और बहनोई की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया, जो आपस में ससुर-दामाद थे। रविवार को दूल्हा-दुल्हन से पहले दोनों के शव घर पहुंचे तो महिलाएं दहाड़े मारकर रोने लगीं। पेशे से टैक्सी स्टैंड पर काम करने वाले सत्यप्रकाश श्रीवास्तव और उनके दामाद मितौली निवासी रमेश श्रीवास्तव की मौत से दो परिवारों की खुशियां छिन गईं। पेशे से जनरल स्टोर की दुकान करने वाले मृतक रमेश अपने पीछे कच्ची गृहस्थी छोड़ गए, जिसमें पत्नी के अलावा दो छोटे बच्चे हैं।
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कांग्रेस नेता के घर लगा शोक संवेदना जताने वालों का तांता
शाहपुरा कोटी निवासी पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं पीसीसी सदस्य अरुण वाजपेयी की मौत से मोहल्ले और कांग्रेसियों में शोक की लहर दौड़ गई। वह भी अपने पीछे कच्ची गृहस्थी छोड़ गए, जिसमें पत्नी और दो बच्चे हैं। दो बच्चों में बेटी बड़ी और बेटा छोटा है।
बस को रोकने के प्रयास में गई दूल्हे के पिता की जान
पुवायां। गांव गंगसरा में शनिवार रात बारातियों को टक्कर मारने वाली रोडवेज बस के चालक को नींद आ गई या उसने नशे में बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे डाला, यह तो जांच के बाद ही सामने आ सकेगी, लेकिन दुर्घटना के बाद चालक की लापरवाही से दूल्हे के पिता और जनातियों की ओर से शामिल रमेश उर्फ मोनू की जान चली गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि दुर्घटना के बाद अनियंत्रित बस बिजली के पोल के सामने पहुंच गई। हादसे में लखीमपुर के अरुण बाजपेयी की मौके पर ही मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद चालक ने बस को मौके पर रोकने की जरूरत नहीं समझी और बिजली के पोल के कारण बस को बैक कर भागने का प्रयास किया। बैक करते समय बस घायल हुए पीलीभीत जनपद के थाना पूरनपुर के गांव मुजफ्फरनगर निवासी रमेश उर्फ मोनू पर चढ़ गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। रमेश गांव गंगसरा में किराए पर रहता था और जीप चालक था। बस को बैक होते देख दूल्हे सोनू श्रीवास्तव उर्फ मनोज के पिता सत्यप्रकाश श्रीवास्तव बस के बाईं ओर आगे की तरफ पहुंचे और चालक को बस रोकने का इशारा किया तो चालक ने बस उनके ऊपर चढ़ा दी, जिससे वह गंभीर घायल हो गए। पुवायां के सरकारी अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
गमगीन माहौल में रविवार सुबह हुई फेरों की रस्म
पुवायां। गंगसरा में शनिवार रात बस की टक्कर से दूल्हे सोनू श्रीवास्तव के पिता सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, बहनोई रमेश कुमार की मौत हो जाने से खुशी का माहौल गम में बदल गया। बारात में शामिल तमाम लोग रात में निजी और अन्य वाहनों का सहारा लेकर घरों को लौट गए। केवल बारात में आईं महिलाएं ही जनवासे में रुकीं। गांव के तमाम लोगों और हादसे की जानकारी पाकर मृतक और घायलों के रिश्तेदारों ने जनवासे में पहुंचकर महिलाओं को सांत्वना दी। डीएम के आदेश पर रात में ही सभी पांच मृतकों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार के लोगों को सौंप दिए गए। रविवार सुबह फेरों की रस्म अदायगी कर बेहद गमगीन माहौल में बारात को विदा कर दिया गया। वधू को निकट के एक मंदिर तक ले जाने के बाद वापस मायके ले आया गया। उसकी विदाई बाद में की जाएगी।
अज्ञात बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट
पुवायां (शाहजहांपुर)। बारातियों पर बस चढ़ाने के मामले में पुलिस ने दूल्हे की ओर से दी गई तहरीर पर बस चालक पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मृतक सत्यप्रकाश के बेटे मनोज की ओर से चालक के खिलाफ लापरवाही से बस चलाकर हादसा करने और उसमें पांच लोगों की मौत होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने धारा 279, 304ए, 337, 338 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है और चालक हरदोई के कस्बा शाहाबाद निवासी विमल बाजपेयी को हिरासत में ले लिया है।
मौके से भागी पुलिस
पुवायां। हादसे के बाद बाराती और जनाती बेहद उत्तेजित हो उठे। लोगों ने बैंड बाजे की ठेली को रोड पर खड़ाकर जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि हादसे के तुरंत बाद एंबुलेंस और पुलिस को जानकारी दी गई, लेकिन एक घंटे तक कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वाहनों में आग लगाने और मारपीट करने पर आमादा हो गए। भीड़ देखकर पुलिस के हाथ पांव फूल गए और पुलिसकर्मी वाहन लेकर मौके से भाग निकले। मौके पर पहुंचे सीओ उमेश शर्मा को देखकर बाराती आक्रोशित हो गए। इस दौरान बारातियों से उनकी काफी नोकझोंक हो गई।
एंबुलेंस को भी दौड़ाया
पुवायां। देरी से मौके पर पहुंचने के कारण 108 सेवा की एंबुलेंस के चालक को लोगों ने दौड़ा लिया। चालक ने बताया कि वह एक बार घायलों को पुवायां अस्पताल पहुंचा आया है और दूसरी बार घायलों को लेने आया है, लेकिन लोग उसकी बात सुनने को तैयार नहीं हुए। इस पर चालक एंबुलेंस लेकर मौके से भाग निकला।
पैतृक गांव भेजा गया रमेश का शव
पुवायां। पीलीभीत के थाना पूरनपुर के गांव मुजफ्फरनगर निवासी रमेश उर्फ मोनू गांव गंगसरा में किराए के मकान में रहता था और डग्गामार वाहन चलाकर परिवार की गुजर करता था। बारात आने पर वह जनातियों की ओर से शादी में पूरे उत्साह से शामिल हुआ और द्वाराचार के बाद बारात के साथ जनवासे जा रहा था, इस बीच रोडवेज की बस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव पैतृक गांव ले जाया गया। रविवार दोपहर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।