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नल में करंट उतरने से मजदूर की मौत
सिंगाही- निघासन
Updated Fri, 16 Oct 2015 05:22 PM IST
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सिंगाही कस्बे के राजाप्रताप विक्रम शाह इंटर कॉलेज के नल में करंट उतरने से एक मजदूर की चिपककर मौत हो गई। कॉलेज प्रबंध समिति के लोग उसे प्राइवेट चिकित्सक के यहां इलाज कराने ले गए। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। नाराज परिवार के लोग मजदूर का शव लेकर कॉलेज पहुंचे। वहां स्टाफ ने कॉलेज का गेट बंद कर दिया। इससे नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने गेट खुलवाया। करीब दो घंटे बाद किसी तरह कॉलेज प्रबंध समति और संभ्रांत लोगों ने मामले में सुलह समझौता कराकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। बाद में शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
कस्बे के भेड़ौरा निवासी कामता कश्यप ने बताया कि उसका 30 वर्षीय बेटा रतीराम राजाप्रताप विक्रम शाह इंटर कॉलेज में कई दिनों से नवनिर्मित कमरों की रंगाई और पुताई कर रहा था। रोज की तरह वह शुक्रवार को मजदूरी करने कॉलेज गया था। सुबह करीब नौ बजे कमरों की पुताई करने के लिए स्कूल कैंपस में नल में लगी मोटर से पानी लेने गया, जैसे ही रतीराम पानी लेने के लिए मोटर के पास पहुंचा वैसे ही करंट नल में उतर आया और वह उसमें चिपक गया और कुछ देर बाद वहीं पर गिर गया। उसे गिरता देखकर स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।
कॉलेज प्रबंध समिति के लोग आनन फानन में उसे कस्बे के एक प्राइवेट क्लीनिक पर लेकर गए। वहां रतीराम को मृत घोषित कर दिया गया। उसके बाद प्रबंध समिति ने शव घर भिजवा दिया। नाराज लोग शव लेकर कॉलेज पहुंचे। लोगों को आता देखकर कालेज का मेन गेट बंद कर दिया गया। लोगों ने गेट खुलवाने को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे एसओ जेपी यादव ने गेट खुलवाया। प्रदर्शनकारी शव लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद किसी तरह पीड़ित परिवार और कॉलेज कमेटी के लोगों के बीच वार्ता कराई गई। जिसमें समझौता हो गया। जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार करा दिया गय।
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एसओ जेपी यादव के अनुसार दोनों पक्षों में सुलह समझौता होने के कारण शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। परिवार के अधिक गरीब होने के कारण उन्हें आर्थिक सहायता भी दी गई है।
बिखर गया पूरा परिवार
कामता कश्यप ने बताया कि रतीराम उसके बुढ़ापे का इकलौता सहारा था। अधिक गरीब होने के कारण वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पेट भरता था। हाल ही में उसकी शादी तय हुई थी। उसकी मौत से पूरा परिवार बिखर गया है।
मदद को आगे बढ़े हाथ
कॉलेज प्रबंध कमेटी ने पीड़ित परिवार को दो लाख, नगर पंचायत पूर्व चेयरमैन कयूूम ने 15 हजार, एसओ जेपी यादव तथा भाजपा नेता राजू गुप्ता ने पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता देते हुए परिवार वालों को ढाढ़स बंधाया।
जीवित होने की फैली अफवाह
रतीराम की मौत के करीब ढाई घंटे बाद किसी ने उसके जीवित होने की अफवाह फैला दी। इससे एक बार फिर काफी भीड़ जमा हो गई। एसओ, पूर्व चेयरमैन समेत तमाम लोग वहां पर पहुंच गए। उन लोगों ने फिर जमा हुए लोगों को समझा-बुझाकर वहां से रवाना किया।
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कस्बे के भेड़ौरा निवासी कामता कश्यप ने बताया कि उसका 30 वर्षीय बेटा रतीराम राजाप्रताप विक्रम शाह इंटर कॉलेज में कई दिनों से नवनिर्मित कमरों की रंगाई और पुताई कर रहा था। रोज की तरह वह शुक्रवार को मजदूरी करने कॉलेज गया था। सुबह करीब नौ बजे कमरों की पुताई करने के लिए स्कूल कैंपस में नल में लगी मोटर से पानी लेने गया, जैसे ही रतीराम पानी लेने के लिए मोटर के पास पहुंचा वैसे ही करंट नल में उतर आया और वह उसमें चिपक गया और कुछ देर बाद वहीं पर गिर गया। उसे गिरता देखकर स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।
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कॉलेज प्रबंध समिति के लोग आनन फानन में उसे कस्बे के एक प्राइवेट क्लीनिक पर लेकर गए। वहां रतीराम को मृत घोषित कर दिया गया। उसके बाद प्रबंध समिति ने शव घर भिजवा दिया। नाराज लोग शव लेकर कॉलेज पहुंचे। लोगों को आता देखकर कालेज का मेन गेट बंद कर दिया गया। लोगों ने गेट खुलवाने को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे एसओ जेपी यादव ने गेट खुलवाया। प्रदर्शनकारी शव लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद किसी तरह पीड़ित परिवार और कॉलेज कमेटी के लोगों के बीच वार्ता कराई गई। जिसमें समझौता हो गया। जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार करा दिया गय।
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एसओ जेपी यादव के अनुसार दोनों पक्षों में सुलह समझौता होने के कारण शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। परिवार के अधिक गरीब होने के कारण उन्हें आर्थिक सहायता भी दी गई है।
बिखर गया पूरा परिवार
कामता कश्यप ने बताया कि रतीराम उसके बुढ़ापे का इकलौता सहारा था। अधिक गरीब होने के कारण वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पेट भरता था। हाल ही में उसकी शादी तय हुई थी। उसकी मौत से पूरा परिवार बिखर गया है।
मदद को आगे बढ़े हाथ
कॉलेज प्रबंध कमेटी ने पीड़ित परिवार को दो लाख, नगर पंचायत पूर्व चेयरमैन कयूूम ने 15 हजार, एसओ जेपी यादव तथा भाजपा नेता राजू गुप्ता ने पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता देते हुए परिवार वालों को ढाढ़स बंधाया।
जीवित होने की फैली अफवाह
रतीराम की मौत के करीब ढाई घंटे बाद किसी ने उसके जीवित होने की अफवाह फैला दी। इससे एक बार फिर काफी भीड़ जमा हो गई। एसओ, पूर्व चेयरमैन समेत तमाम लोग वहां पर पहुंच गए। उन लोगों ने फिर जमा हुए लोगों को समझा-बुझाकर वहां से रवाना किया।