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मदरसे से छात्र निष्कासित
गोला गोकर्णनाथ
Updated Thu, 03 Sep 2015 11:08 PM IST
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मदरसा नूरी रिजवी दारुल उलूम में धमकी भरी दो चिट्ठियां डालने और खुद को घायल करने का ड्रामा रचने के आरोपी छात्र हसनुद्दीन को मदरसे से निष्कासित कर घर भेज दिया गया है।
मदरसे के कार्यवाहक प्रधानाचार्य मौलाना आसिफ ने बताया कि हसनुद्दीन पढ़ना नहीं चाहता था, इसलिए उसने 27 अगस्त को हाई प्रोफाइल ड्रामे के तहत अपनी कॉपी के पन्ने पर मदरसा बंद करने तथा बंद न करने पर शिक्षक तथा उसके छात्र बेटे को मार डालने का धमकी भरा पत्र पिछवाड़े कमरे में डाल दिया। मदरसा बंद न होने पर हसनुद्दीन ने 30/31 अगस्त की रात अपने हाथ पैरों में ब्लेड मारकर बेहोश होने का नाटक रचा और खुद के पास दूसरा पत्र कॉपी के पन्ने पर लिखकर रख लिया। जिसमें मदरसा बंद न किए जाने पर धमकी दी।
मौलाना आसिफ ने बताया कि कोई बाहरी व्यक्ति बिना पूछे मदरसे में नहीं आता है। इसी शक में हसनुद्दीन की कापी से पत्रों की छाया प्रतियां मिलाई गईं, जिससे इस ड्रामे का खुलासा हो गया। मौलाना आसिफ ने बताया कि उनके द्वारा किए गए खुलासे के बारे में पुलिस को जानकारी नहीं दी गई है। छात्र हसनुद्दीन को उसके घर हैदराबाद भेज दिया गया है।
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मदरसे के कार्यवाहक प्रधानाचार्य मौलाना आसिफ ने बताया कि हसनुद्दीन पढ़ना नहीं चाहता था, इसलिए उसने 27 अगस्त को हाई प्रोफाइल ड्रामे के तहत अपनी कॉपी के पन्ने पर मदरसा बंद करने तथा बंद न करने पर शिक्षक तथा उसके छात्र बेटे को मार डालने का धमकी भरा पत्र पिछवाड़े कमरे में डाल दिया। मदरसा बंद न होने पर हसनुद्दीन ने 30/31 अगस्त की रात अपने हाथ पैरों में ब्लेड मारकर बेहोश होने का नाटक रचा और खुद के पास दूसरा पत्र कॉपी के पन्ने पर लिखकर रख लिया। जिसमें मदरसा बंद न किए जाने पर धमकी दी।
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मौलाना आसिफ ने बताया कि कोई बाहरी व्यक्ति बिना पूछे मदरसे में नहीं आता है। इसी शक में हसनुद्दीन की कापी से पत्रों की छाया प्रतियां मिलाई गईं, जिससे इस ड्रामे का खुलासा हो गया। मौलाना आसिफ ने बताया कि उनके द्वारा किए गए खुलासे के बारे में पुलिस को जानकारी नहीं दी गई है। छात्र हसनुद्दीन को उसके घर हैदराबाद भेज दिया गया है।
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