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डूबने से हुई थी छात्र  देवेंद्र जोशी की मौत

Tue, 21 Mar 2017 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी। Updated Tue, 21 Mar 2017 12:34 AM IST
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Student was drowned Devendra Joshi's death
father - फोटो : amar ujala

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कस्बा खीरी टाउन निवासी छात्र देवेंद्र जोशी की मौत पानी में डूबने से हुई थी। इस बात का खुलासा नहर से चौथे दिन बरामद हुए शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। 16 मार्च को उसकी स्कूटी शारदानगर में खीरी ब्रांच नहर के किनारे खड़ी मिली थी। जूते और लेडीज चप्पल बरामद होने पर जब गोताखोरों ने उसकी तलाश की तो उसी दिन शहर की एक 16 वर्षीय छात्रा का शव नहर से बरामद हुआ था।
छात्रा और छात्र देवेंद्र जोशी शहर के एक ही स्कूल में कक्षा 10 के छात्र थे। दोनों अपने घरों से 15 मार्च को लापता हो गए थे। 16 मार्च को छात्रा का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने तीन दिन तक खीरी ब्रांच नहर में सर्च अभियान चलाया था, लेकिन छात्र का कोई पता नहीं लगा। रविवार को पांचवें दिन छात्र का शव सीतापुर जिले के थाना लहरपुर के गांव अकबरपुर के पास शव नहर में बरामद हुआ था। पुलिस शव को देर शाम लेकर खीरी पोस्टमार्टम हाउस आई और पंचायतनामा भरकर शव का एक्सरे कराया। रात में ही तीन डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र के डूबकर मौत होने की पुष्टि की गई है। मृतक के पेट से मिट्टी, बालू और कंकड़ भी मिले हैं। रिपोर्ट में मौत पोस्टमार्टम से चार दिन पहले होने की बात कही गई है। 
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तो नहीं सुलझ पाएगी छात्र-छात्रा के मौत की गुत्थी!
आखिर किस मजबूरी में दोनों ने दी जान

लखीमपुर खीरी। शहर के नामी गिरामी स्कूल की लापता छात्रा के बाद छात्र का भी शव मिल गया। दोनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो मौत का कारण डूबना बताया गया है, लेकिन एक सवाल किसी के भी गले नहीं उतर रहा है कि आखिर दोनों ने क्यों जान दे दी? आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी आ गई, जो चाकलेट आदि खाने के बाद पानी में कूद गए और मर गए। यह बात हम नहीं कह रहे हैं, यह कसबा खीरी और लखीमपुर का हर वह शख्स कह रहा है, जो इस घटना को शुरुआत से जान और समझ रहा है।
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15 मार्च को लापता हुए छात्र-छात्रा अगले दिन 16 मार्च को शारदानगर पिकेट पर पुलिस को मिले। यदि पूरी बात सच्ची है तो इसे संयोग ही कहेंगे कि सिपाही राजेश और भद्रसेन ने दोनों से पूछताछ की। आश्वस्त होने पर दोनों को जाने दिया। कुछ ही देर बाद वायरलेस से स्कूटी सवार छात्रोें को तलाशने का मैसेज पास हुआ तो दोनों सिपाहियों ने अपनी गलती स्वीकारते हुए बता दिया कि दोनों को रोका था, लेकिन लखीमपुर की ओर जाने दिया। तुरंत रूट की दोनों चौकियां क्रमश: शारदानगर और महेवागंज ही नहीं बल्कि कोतवाली पुलिस से लेकर स्वाट टीम तक न सिर्फ दोनों को तलाशने दौड़ पड़ीं, बल्कि एक स्थान से लॉक खड़ी स्कूटी भी बरामद कर ली। कुछ दूरी पर चाकलेट और बिस्कुट के रैपर भी मिल गए। पानी की भरी बोतल स्कूटी की डिग्गी में मिली। तलाश करने पर छात्रा की लाश मिल गई, लेकिन छात्र का पता नहीं लगा। अगले दिन छात्रा के पिता की ओर से छात्र पर रेप कर हत्या करने और शव को नदी में फेंककर साक्ष्य मिटाने का मामला भी दर्ज कर लिया गया। इतना ही नहीं छात्र के तीन अन्य साथियों को भी नामजद किया गया। अक्सर जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की बात कहने वाली पुलिस ने मामले में पूरी तत्परता दिखाते हुए न सिर्फ छात्रा के पिता की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली, बल्कि दोनों सिपाहियों को लापरवाही पर सस्पेंड भी कर दिया। इधर पुलिस इस सवाल का जवाब टालती नजर आती है कि छात्रा का शव उसी दिन मिल गया तो छात्र का शव चौथे दिन क्यों मिला? जबकि गोताखोरों ने पहले दिन काफी तत्परता से तलाश की। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर नजर डालें तो यह सवाल अभी भी अनसुलझे हैं कि यदि दोनों की मौत डूबने से हुई है तो क्या उन्हें किसी ने डुबो दिया? या फिर वह खुद पानी में कूद गए? आखिर दोनों ने किसी मजबूरी में जान दी? यदि दोनों किसी बात से परेशान थे और मरने जा रहे थे तो चाकलेट, बिस्कुट और पानी की बोतल क्यों ले गए? यह सब विषय जांच के हो सकते हैं। अब देखना यह है कि पुलिस मामले की जांच करती है या फिर छात्रा के पिता की ओर से दर्ज मुकदमे को बंद कर इतिश्री कर लेती है।

सबकुछ भगवान पर छोड़ा, वही देगा दोषियों को सजा
खीरी टाउन। कसबे के मोहल्ला जोशी टोला निवासी छात्र के पिता कृष्ण कुमार जोशी का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है, ईश्वर उन्हें इंसाफ जरूर देगा। वहां देर है पर अंधेर नहीं। वह रोते हुए कहते हैं कि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। वह यह भी कहते हैं कि नदी से बरामद हुई छात्रा की लाश की आंखों पर चश्मा लगा था। उसकी आंख से न तो चश्मा उतरा और न ही बेटे की जेब से स्कूटी की चाबी नदी में गिरी। वह कहते हैं कि उनके बेटे के साथ गलत हुआ है, जिसकी सजा अब ईश्वर दोषियों को देगा।


छात्र के पिता के सवाल
- पांच दिन पानी में होने के बाद भी शव का अधिक न फूलना
- कान के निचले हिस्से गायब होना और खून का रिसाव होना
- बाएं पैर की अंगुलयों पर घिसटन के निशान
- नदी में कूदता तो जेब से निकल जाती स्कूटी की चाबी
- बेटे का मोबाइल मिला पर दोनों सिम गायब हैं। आखिर सिम क्या हुए?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट, दोनों ने की आत्महत्या: एसपी
एसपी मनोज कुमार झा का कहना है कि दोनों ने आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्पष्ट हो गया है। छात्रा के बाद छात्रा की रिपोर्ट में भी डूबने से मौत हुई है। मृत छात्र के पेट से मिट्टी, बालू और कंकड़ भी मिले हैं। मौत भी चार दिन पहले ही दर्र्शायी गई है, इसलिए अब कोई संशय नहीं है। छात्रा के पिता की ओर से दर्ज मुकदमे को एक्सपंज किया जाएगा।
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