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...तो बिना फिटनेस दौड़ रही हैं स्कूली बसें
लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 10 Apr 2015 10:58 PM IST
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पीलीभीत में खटारा स्कूल बस का जर्जर फर्श टूटने से छात्र की मौत के बाद जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने तो कोई संजीदगी नहीं दिखाई, लेकिन कुछ जागरूक स्कूल संचालक उस समय गंभीर दिखे, जब एआरटीओ दफ्तर के बाहर उनके स्कूल की कई बसें फिटनेस कराने पहुंच गईं।
मालूम हो कि शाहजहांपुर के मकसूदापुर में बजाज चीनी मिल परिसर में चल रहे बजाज पब्लिक स्कूल की बस का जर्जर फर्श टूटने से गिरे छात्र की पिछले पहिये से कुचलकर मौत हो गई थी। अखबारों में शुक्रवार को जिसने भी इस खबर को पढ़ा, वही सिहर उठा। हालांकि प्रशासन ने इस पर कोई संजीदगी नहीं दिखाई और न ही खटारा बसों के खिलाफ कोई अभियान चलाया, लेकिन स्कूली बसों के फिटनेस शुक्रवार को खूब हुए। परिवहन निगम के कर्मचारी यह कहते नजर आए कि पीलीभीत की घटना से स्कूल संचालकों में फिटनेस प्रमाण पत्र की चिंता सताने लगी है। गुरुवार तक एक या दो स्कूली बसों के ही फिटनेस हुए थे, जबकि शुक्रवार को 13 बसों का फिटनेस कराया गया है। उधर खटारा बसें जिले भर में दौड़ती रहीं और लोगबाग जान हथेली पर रखकर सफर करते रहे।
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प्राइवेट बसों की छत पर चढ़कर जाते हैं स्कूल
निघासन। कस्बे के स्कूलों में खटारा बसों से नौनिहालों को लाने और ले जाने का कार्य किया जा रहा है। बसों की स्थिति यह है कि न तो उसमें सीटें सही से है और न ही फर्श।
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कस्बे के एब्लान पब्लिक स्कूल में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए भले ही बसें चल रही हैं, लेकिन इनमें से दो बसें किसी हवा महल से कम नहीं है। पुरानी खटारा बसों को पेंट करवाकर बाहर से देखने लायक तो बना दिया गया, लेकिन अंदर उनकी सीटें फटी हुई हैं। सीटें फटी होने के साथ ही चालक की सीट के पीछे खाली पटरा रखा गया है। बसों में शीशेे, खिड़कियां आदि न होने के कारण हवा और धूल बच्चों के आंखों में भरती रहती है। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों के लाने और ले जाने के नाम पर विद्यालय प्रबंधन मोटी रकम वसूलता है और सुविधा न के बराबर देता है। इस संबंध में स्कूल के प्रबंधक आरके कश्यप ने बताया कि स्कूल के नाम से चार बसें चल रही हैं। चार बसों में दो बसों की स्थिति थोड़ी खराब है। शीशे आदि यहां न मिलने के कारण नहीं लगाए जा सके हैं। शीघ्र ही बसों को दुरुस्त कराया जाएगा।
गोला में भी धड़ल्ले से चल रहीं हैं खटारा बसें
गोला गोकर्णनाथ। खटारा, जर्जर बसों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। जान जोखिम में डालकर यात्री इनमें सफर करने को मजबूर हैं। नगर की सिकंद्राबाद, बांकेगंज, अलीगंज रोड पर खटारा बसों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इन बसों में परिवहन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा मानक भी नहीं पूरे किए जाते हैं। बस के चालक हवाई चप्पल और बिना वर्दी के वाहनों को चलाते हैं। निजी बसों के मालिक नियम कानून ताख पर रखकर अपनी मनमर्जी के हिसाब से वाहनों को चलाते हैं।
हर साल कराया जाता है फिटनेस
वर्ष में एक बार वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। जानकार बताते हैं कि फिटनेस के समय रसूखदार लोगों के दखल के कारण वाहनों के मानक पूरे नहीं हो पाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती रहती हैं। आरआई टेक्निकल आरके वर्मा ने बताया कि फिटनेस के समय वाहन का निरीक्षण कर सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। सभी लोगों को परिवहन विभाग के नियमों का पालन करना चाहिए, जिससे दुर्घटनाओं पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है।
यह है स्कूली और यात्री बसों का मानक
-बसों की फर्श मजबूत होनी चाहिए
-सीटें जर्जर नहीं होनी चाहिए
-शीशे और साइड की खिड़कियों में तीन पाइप लगे होने चाहिए, जिससे बस के बाहर सिर न निकाले जा सकें
-बसों का रंग और टायर अच्छी दशा में होने चाहिए
-बसों पर परिवहन विभाग का हेल्पलाइन नंबर 18001800151 लिखा होना चाहिए
-वाहन के आगे और पीछे रिफ्लेक्टर लगे होने चाहिए
-चालक और परिचालक वर्दी में होने चाहिए
-बस के परिचालक के पास लाइसेंस होनी चाहिए
पूरे जिले में एक अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्कूली बसें मानक के अनुरूप है अथवा नहीं। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा निजी बसों की समय-समय पर चेकिंग की जाती है, बिना फिटनेस बसें नहीं चल रही हैं। यदि चलती मिलीं तो उनका परमिट निरस्त किया जाएगा।
-संजीव गुप्ता, एआरटीओ (प्रवर्तन)
स्कूल प्रबंधक सहित पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
जंगबहादुरगंज/बरवर। कस्बा बरवर के ओपी कान्वेंट स्कूल में हुए अग्निकांड के मामले में पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधक, प्रधानाचार्य और तीनों वैन चालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मालूम हो कि सात अप्रैल को बरवर के ओपी कांवेंट स्कूल परिसर में खड़ी मारुति वैन में गैस रिफलिंग करते समय आग लगने से तीन वैन जल र्गइं थीं। इसमें डीएम के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक श्रद्धा श्रीवास्तव ने स्कूल के प्रबंधक राजीव गुप्ता, प्रधानाचार्य आशूरानी गुप्ता के अलावा वैन चालक अशरफ निवासी औरंगाबाद, सत्यपाल निवासी रोशननगर तथा सर्वागपुर के विवेक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की विवेचना जंगबहादुरगंज चौकी प्रभारी वीपी सिंह को सौंपी गई है।
परिवहन विभाग ने 12 वाहन सीज किए
लखीमपुर खीरी। परिवहन विभाग ने तीसरे दिन चेकिंग अभियान चलाकर 12 वाहनों को सीज कर दिया है, जिसमें स्कूल की दो मारुति वैन गैस किट से संचालित थीं। जबकि आठ वाहनों की फिटनेस फेल मिली। यह कार्र्रवाई राजापुर पुलिस चौकी औैर खमरिया पुलिस चौकी पर की गई।
एआरटीओ प्रवर्तन संजीव गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने सदर कोतवाली क्षेत्र की राजापुर पुलिस चौैकी के पास चेकिंग की, जिसमें दो लोडर सवारियां ढोते मिले। लिहाजा दोनों वाहनों को सीज कर दिया गया जबकि चार वाहनों पर टैक्स ड्यू मिला। इसके बाद धौैरहरा तहसील क्षेत्र में चेकिंग की गई, जिसमें खमरिया चौैकी पर वाहनों को रोककर चेकिंग की गई। इस दौैरान चार मैजिक और गैस किट से संचालित दो मारुति वैैन सीज की गई। फिटनेस फेल होने पर चार लोडर वाहनों को सीज किया गया। इस कार्रवाई से करीब एक लाख रुपये जुर्माना और टैक्स वसूली का अनुमान है।
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मालूम हो कि शाहजहांपुर के मकसूदापुर में बजाज चीनी मिल परिसर में चल रहे बजाज पब्लिक स्कूल की बस का जर्जर फर्श टूटने से गिरे छात्र की पिछले पहिये से कुचलकर मौत हो गई थी। अखबारों में शुक्रवार को जिसने भी इस खबर को पढ़ा, वही सिहर उठा। हालांकि प्रशासन ने इस पर कोई संजीदगी नहीं दिखाई और न ही खटारा बसों के खिलाफ कोई अभियान चलाया, लेकिन स्कूली बसों के फिटनेस शुक्रवार को खूब हुए। परिवहन निगम के कर्मचारी यह कहते नजर आए कि पीलीभीत की घटना से स्कूल संचालकों में फिटनेस प्रमाण पत्र की चिंता सताने लगी है। गुरुवार तक एक या दो स्कूली बसों के ही फिटनेस हुए थे, जबकि शुक्रवार को 13 बसों का फिटनेस कराया गया है। उधर खटारा बसें जिले भर में दौड़ती रहीं और लोगबाग जान हथेली पर रखकर सफर करते रहे।
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प्राइवेट बसों की छत पर चढ़कर जाते हैं स्कूल
निघासन। कस्बे के स्कूलों में खटारा बसों से नौनिहालों को लाने और ले जाने का कार्य किया जा रहा है। बसों की स्थिति यह है कि न तो उसमें सीटें सही से है और न ही फर्श।
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कस्बे के एब्लान पब्लिक स्कूल में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए भले ही बसें चल रही हैं, लेकिन इनमें से दो बसें किसी हवा महल से कम नहीं है। पुरानी खटारा बसों को पेंट करवाकर बाहर से देखने लायक तो बना दिया गया, लेकिन अंदर उनकी सीटें फटी हुई हैं। सीटें फटी होने के साथ ही चालक की सीट के पीछे खाली पटरा रखा गया है। बसों में शीशेे, खिड़कियां आदि न होने के कारण हवा और धूल बच्चों के आंखों में भरती रहती है। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों के लाने और ले जाने के नाम पर विद्यालय प्रबंधन मोटी रकम वसूलता है और सुविधा न के बराबर देता है। इस संबंध में स्कूल के प्रबंधक आरके कश्यप ने बताया कि स्कूल के नाम से चार बसें चल रही हैं। चार बसों में दो बसों की स्थिति थोड़ी खराब है। शीशे आदि यहां न मिलने के कारण नहीं लगाए जा सके हैं। शीघ्र ही बसों को दुरुस्त कराया जाएगा।
गोला में भी धड़ल्ले से चल रहीं हैं खटारा बसें
गोला गोकर्णनाथ। खटारा, जर्जर बसों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। जान जोखिम में डालकर यात्री इनमें सफर करने को मजबूर हैं। नगर की सिकंद्राबाद, बांकेगंज, अलीगंज रोड पर खटारा बसों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इन बसों में परिवहन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा मानक भी नहीं पूरे किए जाते हैं। बस के चालक हवाई चप्पल और बिना वर्दी के वाहनों को चलाते हैं। निजी बसों के मालिक नियम कानून ताख पर रखकर अपनी मनमर्जी के हिसाब से वाहनों को चलाते हैं।
हर साल कराया जाता है फिटनेस
वर्ष में एक बार वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। जानकार बताते हैं कि फिटनेस के समय रसूखदार लोगों के दखल के कारण वाहनों के मानक पूरे नहीं हो पाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती रहती हैं। आरआई टेक्निकल आरके वर्मा ने बताया कि फिटनेस के समय वाहन का निरीक्षण कर सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। सभी लोगों को परिवहन विभाग के नियमों का पालन करना चाहिए, जिससे दुर्घटनाओं पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है।
यह है स्कूली और यात्री बसों का मानक
-बसों की फर्श मजबूत होनी चाहिए
-सीटें जर्जर नहीं होनी चाहिए
-शीशे और साइड की खिड़कियों में तीन पाइप लगे होने चाहिए, जिससे बस के बाहर सिर न निकाले जा सकें
-बसों का रंग और टायर अच्छी दशा में होने चाहिए
-बसों पर परिवहन विभाग का हेल्पलाइन नंबर 18001800151 लिखा होना चाहिए
-वाहन के आगे और पीछे रिफ्लेक्टर लगे होने चाहिए
-चालक और परिचालक वर्दी में होने चाहिए
-बस के परिचालक के पास लाइसेंस होनी चाहिए
पूरे जिले में एक अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्कूली बसें मानक के अनुरूप है अथवा नहीं। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा निजी बसों की समय-समय पर चेकिंग की जाती है, बिना फिटनेस बसें नहीं चल रही हैं। यदि चलती मिलीं तो उनका परमिट निरस्त किया जाएगा।
-संजीव गुप्ता, एआरटीओ (प्रवर्तन)
स्कूल प्रबंधक सहित पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
जंगबहादुरगंज/बरवर। कस्बा बरवर के ओपी कान्वेंट स्कूल में हुए अग्निकांड के मामले में पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधक, प्रधानाचार्य और तीनों वैन चालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मालूम हो कि सात अप्रैल को बरवर के ओपी कांवेंट स्कूल परिसर में खड़ी मारुति वैन में गैस रिफलिंग करते समय आग लगने से तीन वैन जल र्गइं थीं। इसमें डीएम के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक श्रद्धा श्रीवास्तव ने स्कूल के प्रबंधक राजीव गुप्ता, प्रधानाचार्य आशूरानी गुप्ता के अलावा वैन चालक अशरफ निवासी औरंगाबाद, सत्यपाल निवासी रोशननगर तथा सर्वागपुर के विवेक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की विवेचना जंगबहादुरगंज चौकी प्रभारी वीपी सिंह को सौंपी गई है।
परिवहन विभाग ने 12 वाहन सीज किए
लखीमपुर खीरी। परिवहन विभाग ने तीसरे दिन चेकिंग अभियान चलाकर 12 वाहनों को सीज कर दिया है, जिसमें स्कूल की दो मारुति वैन गैस किट से संचालित थीं। जबकि आठ वाहनों की फिटनेस फेल मिली। यह कार्र्रवाई राजापुर पुलिस चौकी औैर खमरिया पुलिस चौकी पर की गई।
एआरटीओ प्रवर्तन संजीव गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने सदर कोतवाली क्षेत्र की राजापुर पुलिस चौैकी के पास चेकिंग की, जिसमें दो लोडर सवारियां ढोते मिले। लिहाजा दोनों वाहनों को सीज कर दिया गया जबकि चार वाहनों पर टैक्स ड्यू मिला। इसके बाद धौैरहरा तहसील क्षेत्र में चेकिंग की गई, जिसमें खमरिया चौैकी पर वाहनों को रोककर चेकिंग की गई। इस दौैरान चार मैजिक और गैस किट से संचालित दो मारुति वैैन सीज की गई। फिटनेस फेल होने पर चार लोडर वाहनों को सीज किया गया। इस कार्रवाई से करीब एक लाख रुपये जुर्माना और टैक्स वसूली का अनुमान है।