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प्रधानपति की हत्या में सात को उम्रकैद, जुर्माना भी
लखीमपुर, ब्यूरो
Updated Tue, 21 Mar 2017 10:59 PM IST
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चुनावी रंजिश में हुई थी दिनदहाड़े हत्या
पीड़ित महिला को मिलेगा डेढ़ लाख रुपए का मुआवजा
गांव में नाली निर्माण करा रहे गांव के प्रधानपति की चुनावी रंजिश के चलते गोलियों से भूनकर हत्या किए जाने के मामले में एडीजे विनोद कुमार ने पिता पुत्र समेत सात हत्याभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी श्रीपाल और विशेष अभियोजन अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने बताया कि पसगवां थाना क्षेत्र के ग्राम चूड़ामणि में प्रधानपति हरेंद्र सिंह नाली का निर्माण करा रहे थे, तभी दूसरी पार्टी के शमशेर अपनी लाइसेंसी रायफल से भाई शौकत और भतीजा रिजवान, रामू, आजाद , प्रकाश, माताराम ने तमंचों से ताबड़तोड गोलियंा चलाते हुए हरेंद्र सिंह की हत्या कर दी। नाली निर्माण करा रहे पंचायत रोजगार सेवक हरगोविंद सिंह और मृतक हरेंद्र के भाई राजपाल सिंह ने घटना की हकीकत कोर्ट में बयान की। अदालती सुनवाई के दौरान डा. अखिलेश सिंह, एसआई अरुण कुमार द्विवेदी, रामऔतार यादव, एसआई शिवगोपाल सिंह, अश्वनी यादव, सुनील कुमार, मोहन लाल, संतोष राय और जनार्दन प्रताप सिंह की गवाही कोर्ट में पेश की और बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी।
न्यायाधीश विनोद कुमार ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए सभी सातों हत्याभियुक्तों को दोषी पाया। सभी को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि से मृतक की विधवा को डेढ़ लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश हुआ है।
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मृतक की पत्नी को मिलेगा मुआवजा
फैसला सुनकर मृतक की पत्नी के आंसू बह निकले पत्नी सुनीला ने कहा उसके पति के कातिलों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, फिलहाल अदालती आदेश ने उसे राहत जरूर दी है लेकिन कलेजे में ठंडक तभी मिलेगी जब कातिलों को फांसी की सजा मिले। इधर अदालत ने अपने फैसले में यह उल्लेख किया है कि वसूली गई जुर्माना राशि में से मृतक की विधवा सुनीला को डेढ़ लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।
अन्य धाराओं में भी मिली सजा
आईपीसी की धारा 147,148,504,506 में भी सभी को एक-एक वर्ष की कैद और एक-एक हजार रुपए का जुर्माना जबकि 07 क्रिमिनल ला एमेडमेंट एक्ट में तीन माह का कारावास और 200 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वहीं शमशेर को 30 आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष और दो हजार रुपए का जुर्माना रामू, आजाद, प्रकाश, माताराम, रिजवान को अवैध शस्त्र रखने के लिए तीन वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
सजा सुनने के बाद भी नहीं दिखा पछतावा
ग्रामप्रधान पति की दिनदहाड़े हत्या के मामले में मंगलवार को फैसला सुनाने से पहले सभी हत्याभियुक्तों की तलाशी ली गई और उनके जूते भी बाहर उतरवा लिए गए, भीतर जब न्यायाधीश ने उन्हें उम्रकैद सजा भुगतने के लिए आदेश दिया तब भी हत्याभियुक्तों के चेहरें पर कोई भय या पछतावा दिखाई नहीं दे रहा था।
पीड़ित महिला को मिलेगा डेढ़ लाख रुपए का मुआवजा
गांव में नाली निर्माण करा रहे गांव के प्रधानपति की चुनावी रंजिश के चलते गोलियों से भूनकर हत्या किए जाने के मामले में एडीजे विनोद कुमार ने पिता पुत्र समेत सात हत्याभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी श्रीपाल और विशेष अभियोजन अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने बताया कि पसगवां थाना क्षेत्र के ग्राम चूड़ामणि में प्रधानपति हरेंद्र सिंह नाली का निर्माण करा रहे थे, तभी दूसरी पार्टी के शमशेर अपनी लाइसेंसी रायफल से भाई शौकत और भतीजा रिजवान, रामू, आजाद , प्रकाश, माताराम ने तमंचों से ताबड़तोड गोलियंा चलाते हुए हरेंद्र सिंह की हत्या कर दी। नाली निर्माण करा रहे पंचायत रोजगार सेवक हरगोविंद सिंह और मृतक हरेंद्र के भाई राजपाल सिंह ने घटना की हकीकत कोर्ट में बयान की। अदालती सुनवाई के दौरान डा. अखिलेश सिंह, एसआई अरुण कुमार द्विवेदी, रामऔतार यादव, एसआई शिवगोपाल सिंह, अश्वनी यादव, सुनील कुमार, मोहन लाल, संतोष राय और जनार्दन प्रताप सिंह की गवाही कोर्ट में पेश की और बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी।
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न्यायाधीश विनोद कुमार ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए सभी सातों हत्याभियुक्तों को दोषी पाया। सभी को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि से मृतक की विधवा को डेढ़ लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश हुआ है।
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मृतक की पत्नी को मिलेगा मुआवजा
फैसला सुनकर मृतक की पत्नी के आंसू बह निकले पत्नी सुनीला ने कहा उसके पति के कातिलों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, फिलहाल अदालती आदेश ने उसे राहत जरूर दी है लेकिन कलेजे में ठंडक तभी मिलेगी जब कातिलों को फांसी की सजा मिले। इधर अदालत ने अपने फैसले में यह उल्लेख किया है कि वसूली गई जुर्माना राशि में से मृतक की विधवा सुनीला को डेढ़ लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।
अन्य धाराओं में भी मिली सजा
आईपीसी की धारा 147,148,504,506 में भी सभी को एक-एक वर्ष की कैद और एक-एक हजार रुपए का जुर्माना जबकि 07 क्रिमिनल ला एमेडमेंट एक्ट में तीन माह का कारावास और 200 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वहीं शमशेर को 30 आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष और दो हजार रुपए का जुर्माना रामू, आजाद, प्रकाश, माताराम, रिजवान को अवैध शस्त्र रखने के लिए तीन वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
सजा सुनने के बाद भी नहीं दिखा पछतावा
ग्रामप्रधान पति की दिनदहाड़े हत्या के मामले में मंगलवार को फैसला सुनाने से पहले सभी हत्याभियुक्तों की तलाशी ली गई और उनके जूते भी बाहर उतरवा लिए गए, भीतर जब न्यायाधीश ने उन्हें उम्रकैद सजा भुगतने के लिए आदेश दिया तब भी हत्याभियुक्तों के चेहरें पर कोई भय या पछतावा दिखाई नहीं दे रहा था।