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एक बस सीज, तीन का चालान, दो पर जुर्माना डाला
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 25 Oct 2016 11:30 PM IST
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police
- फोटो : amar ujala
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अभियान में हत्थे चढ़ीं परिवहन निगम की बसें, फर्राटा भरते रहे डग्गामार
एआरएम ने कहा पुलिस का अधिकार, दिखतीं हैं सिर्फ निगम की बसें
दिवाली नजदीक आते ही शहर में जाम की समस्या बढ़ गई है। मंगलवार को पुलिस को डग्गामार, ओवरहाईट, ओवरलोड वाहनों और बाइक सवार तीन सवारी के नियंत्रण को अभियान चलाने का निर्देश मिला तो रोडवेज पुलिस चौकी इंचार्ज ने परिवहन निगम की अनुबंधित बसों को ही निशाना बना दिया। उन्होंने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए एक बस सीज कर दी, तीन का चालान काटा, जबकि दो पर जुर्माना ठोंकते हुए समन शुल्क वसूल लिया। चौकी पुलिस की इस कारवाई से बस चालक परिचालकों में हड़कंप मच गया। उधर पुलिस की इस कार्रवाई को लखीमपुर डिपो के एआरएम वीके गोस्वामी जहां उनका यह अधिकार बताते हैं, वहीं यह भी कहते हैं कि निगम की अनुबंधित बस चालक पुलिस को आसानी से उपलब्ध हैं, इसलिए वही उन्हें सबसे पहले दिख जाते हैं, जबकि ओवरलोड और डग्गामार वाहन दौड़ते रहते हैं।
मंगलवार की दोपहर शहर के रोडवेज बस अड्डा के ठीक सामने रोडवेज पुलिस चौकी इंचार्ज मनोज कुमार ने निगम की अनुबंधित बसों का ही चालान करना शुरू कर दिया। उन्होंने लखीमपुर डिपो की यूपी 31टी/8770 को सीज कर दिया, जबकि यूपी 31टी/7751 और सीतापुर डिपो की यूपी 34टी/8925 का चालान कर दिया, जबकि दो अन्य बसों से पर जुर्माना ठोंकते हुए तीन हजार रुपये का समन शुल्क वसूल किया। इस कार्रवाई के बाबत रोडवेज चौकी प्रभारी मनोज कुमार सिंह का कहना है, उन्होंने अभियान के तहत चालान किए, जिसमें बसों पर कार्रवाई के अलावा दो बाइक का चालान काटा, जबकि एक बाइक सवार से पांच सौ रुपये का समन शुल्क वसूला है। चौकी प्रभारी ने यह भी बताया कि कई बार इन सभी का चेतावनी दी गई, लेकिन इन लोगों न कोई गौर नहीं किया। डिपो के बाहर सवारियां भरे जाने से आए दिन यहां पर जाम की नौबत आ जाती है, जिससे लोगों को असुविधा होती है।
पांच दिन पहले टीएसआई ने किया था चालान
पांच दिन पहले यातायात उपनिरीक्षक (टीएसआई) संजय सिंह ने लखीमपुर डिपो की अनुबंधित बस का चालान कर दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने परिचालक के सेलफोन से एआरएम की भी बात नहीं सुनीं थी, जिस पर एआरएम वीके गोस्वामी ने मौके पर ही पहुंचकर टीएसआई से कड़ा ऐतराज जताया था।
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पुलिस के व्यवहार से अनुबंधित बस मालिकों में गुस्सा
अनुबंधित बस मालिक प्रेमप्रकाश, राकेश कुमार आदि ने बताया कि पुलिस का यह रवैये अत्यंत निंदनीय है, जिस पर वह लोग विचार कर रहे हैं और जरूरी हुआ तो उच्चाधिकारियों से मिलकर पुलिस ज्यादती की हकीकत बताई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हर कोई जानता है कि शहर में दिनभर नो इंट्री में भी ओवरलोड और ओवरहाईट वाहन धड़ल्ले से निकलते हैं, लेकिन उन वाहनों पर कभी कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटाता। उन वाहनों से हर मामले में परिवहन निगम की अनुबंधित बसें मानक पूरा करती हैं, क्योंकि इन पर रोडवेज के अधिकारियों की नजर होती है, इसलिए रोडवेज की बसें कभी नियमों को दरकिनार नहीं करतीं।
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एआरएम ने कहा पुलिस का अधिकार, दिखतीं हैं सिर्फ निगम की बसें
दिवाली नजदीक आते ही शहर में जाम की समस्या बढ़ गई है। मंगलवार को पुलिस को डग्गामार, ओवरहाईट, ओवरलोड वाहनों और बाइक सवार तीन सवारी के नियंत्रण को अभियान चलाने का निर्देश मिला तो रोडवेज पुलिस चौकी इंचार्ज ने परिवहन निगम की अनुबंधित बसों को ही निशाना बना दिया। उन्होंने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए एक बस सीज कर दी, तीन का चालान काटा, जबकि दो पर जुर्माना ठोंकते हुए समन शुल्क वसूल लिया। चौकी पुलिस की इस कारवाई से बस चालक परिचालकों में हड़कंप मच गया। उधर पुलिस की इस कार्रवाई को लखीमपुर डिपो के एआरएम वीके गोस्वामी जहां उनका यह अधिकार बताते हैं, वहीं यह भी कहते हैं कि निगम की अनुबंधित बस चालक पुलिस को आसानी से उपलब्ध हैं, इसलिए वही उन्हें सबसे पहले दिख जाते हैं, जबकि ओवरलोड और डग्गामार वाहन दौड़ते रहते हैं।
मंगलवार की दोपहर शहर के रोडवेज बस अड्डा के ठीक सामने रोडवेज पुलिस चौकी इंचार्ज मनोज कुमार ने निगम की अनुबंधित बसों का ही चालान करना शुरू कर दिया। उन्होंने लखीमपुर डिपो की यूपी 31टी/8770 को सीज कर दिया, जबकि यूपी 31टी/7751 और सीतापुर डिपो की यूपी 34टी/8925 का चालान कर दिया, जबकि दो अन्य बसों से पर जुर्माना ठोंकते हुए तीन हजार रुपये का समन शुल्क वसूल किया। इस कार्रवाई के बाबत रोडवेज चौकी प्रभारी मनोज कुमार सिंह का कहना है, उन्होंने अभियान के तहत चालान किए, जिसमें बसों पर कार्रवाई के अलावा दो बाइक का चालान काटा, जबकि एक बाइक सवार से पांच सौ रुपये का समन शुल्क वसूला है। चौकी प्रभारी ने यह भी बताया कि कई बार इन सभी का चेतावनी दी गई, लेकिन इन लोगों न कोई गौर नहीं किया। डिपो के बाहर सवारियां भरे जाने से आए दिन यहां पर जाम की नौबत आ जाती है, जिससे लोगों को असुविधा होती है।
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पांच दिन पहले टीएसआई ने किया था चालान
पांच दिन पहले यातायात उपनिरीक्षक (टीएसआई) संजय सिंह ने लखीमपुर डिपो की अनुबंधित बस का चालान कर दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने परिचालक के सेलफोन से एआरएम की भी बात नहीं सुनीं थी, जिस पर एआरएम वीके गोस्वामी ने मौके पर ही पहुंचकर टीएसआई से कड़ा ऐतराज जताया था।
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पुलिस के व्यवहार से अनुबंधित बस मालिकों में गुस्सा
अनुबंधित बस मालिक प्रेमप्रकाश, राकेश कुमार आदि ने बताया कि पुलिस का यह रवैये अत्यंत निंदनीय है, जिस पर वह लोग विचार कर रहे हैं और जरूरी हुआ तो उच्चाधिकारियों से मिलकर पुलिस ज्यादती की हकीकत बताई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हर कोई जानता है कि शहर में दिनभर नो इंट्री में भी ओवरलोड और ओवरहाईट वाहन धड़ल्ले से निकलते हैं, लेकिन उन वाहनों पर कभी कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटाता। उन वाहनों से हर मामले में परिवहन निगम की अनुबंधित बसें मानक पूरा करती हैं, क्योंकि इन पर रोडवेज के अधिकारियों की नजर होती है, इसलिए रोडवेज की बसें कभी नियमों को दरकिनार नहीं करतीं।