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सगा चाचा ही निकला भतीजे का कातिल
ममरी-अजान
Updated Fri, 04 Sep 2015 11:58 PM IST
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ग्राम जड़ौरा निवासी रोहनलाल वर्मा के नौ वर्षीय बेटे दिव्यांश उर्फ गोलू की हत्या करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका सगा चाचा रामकुमार ही निकला है, जिसने मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर धन हथियाने के लालच में ऐसी घिनौनी घटना को अंजाम दे डाला। पुलिस ने सगे भतीजे की हत्या करने वाले आरोपी चाचा को हत्या में प्रयुक्त खुरपी सहित गिरफ्तार कर धारा 363, 302 के अंतर्गत चालान भेज दिया है।
जेल गए आरोपी रामकुमार ने एसओ को बताया कि बीती 25 अगस्त को वह दिव्यांश को अमरूद खिलाने के बहाने बाग से बुलाकर खेत पर लाया और उसे कुएं में धकेल दिया। फिर खुरपी लेकर खेत पर चला गया। थोड़ी देर बाद फिर कुएं में झांक कर देखा तो गोलू पानी में छटपटा रहा था, जिसे उसने गन्ने के सहारे बाहर निकाल लिया। बाद में उसे बिस्कुट खिलाने का झांसा देकर यह कहते हुए गन्ने के खेत में ले गया कि वह कुएं में धकेलने की बात किसी को नहीं बताएगा।
गोलू के इंकार करने पर उसने गोलू को दबोच लिया और खुरपी से उसका गला काटकर मार डाला और शव वहीं छोड़कर घर आ गया। उसने प्रधान अनुराग मिश्रा के फोन पर मैसेज भेजने के साथ ही चिट्ठी लिखने का जुर्म भी इकबाल कर लिया। बताया कि वह अपने भाई रोहनलाल से तीन लाख की फिरौती चाहता था। पुलिस ने गन्ने के खेत से रामकुमार का वह मोबाइल और सिम भी बरामद कर लिया, जिससे उसने मैसेज भेजा था।
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एसओ अजय कुमार यादव ने बताया कि कई लोगों से पूछताछ करने पर उन्हें रामकुमार की बातों पर संदेह होने लगा था। दो सितंबर की रात रामकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया। तब कहीं जाकर तीन सितंबर को दिव्यांश की खोपड़ी का कंकाल, हड्डियां और कपड़े बरामद हुए हैं। केस का खुलासा करने वाली टीम में एसओ अजय कुमार यादव, दरोगा केके यादव, सुरेंद्र पाल सिंह, आरक्षी राजेश सिंह, राजेश बहादुर सिंह, मुकेेश यादव आदि पुलिस कर्मी रहे।
एक तीर से तीन निशाने साधना चाहता था रामकुमार
ममरी। जड़ौरा के दिव्यांश हत्याकांड में जेल गया उसका सगा चाचा रामकुमार गोलू की हत्या कर एक तीर से तीन निशाने साधना चाहता था। पहला वह भाई रोहनलाल की तीन बीघा जमीन बिकवा कर फिरौती में तीन लाख की रकम हथियाकर बड़ा आदमी बनना चाहता था। गोलू की हत्या कर अपने विरोधियों गांव के ही सुभाष वर्मा, कमलेश पटेल को केस में फंसाकर रंजिश का बदला लेना और रोहनलाल के पास रह रहे तीसरे भाई गुलाब, जिनके बीवी बच्चे नहीं है, उनकी तीन बीघा जमीन पर काबिज होना चाहता था, लेकिन पुलिस ने केस का खुलासा कर दिया।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग
ममरी। जड़ौरा के रोहनलाल के पांच पुत्रियों पूनम देवी, सोनी देवी, रोली, राधा देवी और सौम्या के बीच अकेला पुत्र दिव्यांश ही था, जिसकी हत्या से घर का चिराग बुझ गया है, परिवार वालों का अब रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है।
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जेल गए आरोपी रामकुमार ने एसओ को बताया कि बीती 25 अगस्त को वह दिव्यांश को अमरूद खिलाने के बहाने बाग से बुलाकर खेत पर लाया और उसे कुएं में धकेल दिया। फिर खुरपी लेकर खेत पर चला गया। थोड़ी देर बाद फिर कुएं में झांक कर देखा तो गोलू पानी में छटपटा रहा था, जिसे उसने गन्ने के सहारे बाहर निकाल लिया। बाद में उसे बिस्कुट खिलाने का झांसा देकर यह कहते हुए गन्ने के खेत में ले गया कि वह कुएं में धकेलने की बात किसी को नहीं बताएगा।
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गोलू के इंकार करने पर उसने गोलू को दबोच लिया और खुरपी से उसका गला काटकर मार डाला और शव वहीं छोड़कर घर आ गया। उसने प्रधान अनुराग मिश्रा के फोन पर मैसेज भेजने के साथ ही चिट्ठी लिखने का जुर्म भी इकबाल कर लिया। बताया कि वह अपने भाई रोहनलाल से तीन लाख की फिरौती चाहता था। पुलिस ने गन्ने के खेत से रामकुमार का वह मोबाइल और सिम भी बरामद कर लिया, जिससे उसने मैसेज भेजा था।
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एसओ अजय कुमार यादव ने बताया कि कई लोगों से पूछताछ करने पर उन्हें रामकुमार की बातों पर संदेह होने लगा था। दो सितंबर की रात रामकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया। तब कहीं जाकर तीन सितंबर को दिव्यांश की खोपड़ी का कंकाल, हड्डियां और कपड़े बरामद हुए हैं। केस का खुलासा करने वाली टीम में एसओ अजय कुमार यादव, दरोगा केके यादव, सुरेंद्र पाल सिंह, आरक्षी राजेश सिंह, राजेश बहादुर सिंह, मुकेेश यादव आदि पुलिस कर्मी रहे।
एक तीर से तीन निशाने साधना चाहता था रामकुमार
ममरी। जड़ौरा के दिव्यांश हत्याकांड में जेल गया उसका सगा चाचा रामकुमार गोलू की हत्या कर एक तीर से तीन निशाने साधना चाहता था। पहला वह भाई रोहनलाल की तीन बीघा जमीन बिकवा कर फिरौती में तीन लाख की रकम हथियाकर बड़ा आदमी बनना चाहता था। गोलू की हत्या कर अपने विरोधियों गांव के ही सुभाष वर्मा, कमलेश पटेल को केस में फंसाकर रंजिश का बदला लेना और रोहनलाल के पास रह रहे तीसरे भाई गुलाब, जिनके बीवी बच्चे नहीं है, उनकी तीन बीघा जमीन पर काबिज होना चाहता था, लेकिन पुलिस ने केस का खुलासा कर दिया।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग
ममरी। जड़ौरा के रोहनलाल के पांच पुत्रियों पूनम देवी, सोनी देवी, रोली, राधा देवी और सौम्या के बीच अकेला पुत्र दिव्यांश ही था, जिसकी हत्या से घर का चिराग बुझ गया है, परिवार वालों का अब रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है।