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पुलिस गांव में ही थी और बदमाश लूटकर चले गए
अमर उजाला ब्यूरो-मितौली।
Updated Mon, 11 Apr 2016 10:40 PM IST
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बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
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बूधरगंज में जेवर और हजारों की नकदी लूटी
थाना क्षेत्र मितौली में पुलिस गांव में ही थी और बदमाश असलहों के बल पर दंपति को बांधने के बाद हजारों की नकदी और अन्य सामान लूट कर असलहे लहराते हुए निकल गए। घटना से ग्रामीणों में दहशत है। क्षेत्र के ग्राम बूधरगंज में रविवार की रात लगभग एक बजे बदमाशों ने मुखलाल के घर का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। बदमाशों की आशंका होने पर मुखलाल ने कस्ता पिकेट को सूचना दी। सूचना मिलते ही पिकेट के सिपाही राजकुमार तिवारी और राम सुमेर यादव तत्काल मौके को चल दिए। बूधरगंज गांव में पुलिस ने लोगों को जगाकर सतर्क किया। इसी दौरान बदमाशों ने गांव के ही नरेंद्र के घर पर धावा बोल दिया। बदमाशों ने जबरन दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खुलते ही बदमाशों ने नरेंद्र, उसकी पत्नी सोनवरसी तथा पांच साल के बच्चे को असलहों के बल पर बांध दिया। इसके बाद दुकान और बक्से की चाबी लेकर घर में रखा जेवर, 20 हजार नकद और अन्य सामान लूटकर असलहे लहराते हुए चले गए। बदमाशों के घर के बाहर जाते ही नरेंद्र ने शोर मचाया। पीड़ित ने बताया कि घटना के समय पुलिस वाले गांव में ही धर्मदेव के मकान के पास थे जो उसके मकान से महज 20 मीटर दूर है। यदि पुलिस पूरे गांव में गश्त कर लेती तो शायद घटना को रोका जा सकता था। पीड़ित नरेंद्र ने बताया कि वह मितौली थाने में गया तो पुलिस ने लूट के बजाए चोरी की तहरीर ली है। एसओ फूलचंद ने घटना के समय गांव में पुलिस की मौजूदगी की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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थाना क्षेत्र मितौली में पुलिस गांव में ही थी और बदमाश असलहों के बल पर दंपति को बांधने के बाद हजारों की नकदी और अन्य सामान लूट कर असलहे लहराते हुए निकल गए। घटना से ग्रामीणों में दहशत है। क्षेत्र के ग्राम बूधरगंज में रविवार की रात लगभग एक बजे बदमाशों ने मुखलाल के घर का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। बदमाशों की आशंका होने पर मुखलाल ने कस्ता पिकेट को सूचना दी। सूचना मिलते ही पिकेट के सिपाही राजकुमार तिवारी और राम सुमेर यादव तत्काल मौके को चल दिए। बूधरगंज गांव में पुलिस ने लोगों को जगाकर सतर्क किया। इसी दौरान बदमाशों ने गांव के ही नरेंद्र के घर पर धावा बोल दिया। बदमाशों ने जबरन दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खुलते ही बदमाशों ने नरेंद्र, उसकी पत्नी सोनवरसी तथा पांच साल के बच्चे को असलहों के बल पर बांध दिया। इसके बाद दुकान और बक्से की चाबी लेकर घर में रखा जेवर, 20 हजार नकद और अन्य सामान लूटकर असलहे लहराते हुए चले गए। बदमाशों के घर के बाहर जाते ही नरेंद्र ने शोर मचाया। पीड़ित ने बताया कि घटना के समय पुलिस वाले गांव में ही धर्मदेव के मकान के पास थे जो उसके मकान से महज 20 मीटर दूर है। यदि पुलिस पूरे गांव में गश्त कर लेती तो शायद घटना को रोका जा सकता था। पीड़ित नरेंद्र ने बताया कि वह मितौली थाने में गया तो पुलिस ने लूट के बजाए चोरी की तहरीर ली है। एसओ फूलचंद ने घटना के समय गांव में पुलिस की मौजूदगी की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।