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नाबालिग आरोपियों से थाने में कराया जा रहा काम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 16 Feb 2018 07:41 PM IST
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चोरी के आरोप में पकड़कर लाए गए तीन नाबालिग बच्चों से थाने में दो दिनों से साफ सफाई के साथ उनसे नल मरम्मत आदि का काम लिया जा रहा है। मानवाधिकार आयोग के सख्त निर्देशों के बावजूद पुलिस आरोपियों को पिछलेेेे दो दिनों से थाने में भी रोके हुए है। क्षेत्रीय लोगों ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराने की मांग की है। एसपी डॉ. एस चनप्पा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
निघासन थाने में चोरी के आरोप में खैरहनी से पकड़कर लाए गए 11, 12 और 14 वर्षीय तीन बालकों को पुलिस दो दिन से थाने में बिठाए हुए हैं। पुलिस इनसे काम भी ले रही है। तीनों बच्चों के हाथ में झाड़ू पकड़ाकर थाने की सफाई कराई गई। इसी बीच थाने में खराब पड़े नल की मरम्मत कराने के लिए बुद्धीपुरवा से एक मिस्त्री बुलाया गया। उसके पास कोई सहायक न होने के कारण थाने में मारपीट के आरोप में बंद एक युवक और तीनों नाबालिग बालकों से काम लिया गया। उनसे काम लेने और देखरेख के लिए पहरे पर तैनात एक होमगार्ड को लगाया गया है।
चर्चा होने पर दीवान ने नाराजगी दिखाते हुए बालकों को दफ्तर के अंदर बुला लिया और कार्यालय में काम करने वाले एक होमगार्ड को बुलाकर उसने नल में पन्नी, रस्सी आदि बंधवाने का काम कराया।
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पैसे नहीं देने पर थाने के झड़वाए गए थे पेड़
करीब तीन सप्ताह पहले लुधौरी में गांव में जुआ खेलते तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा था। आरोप है कि उनकी रिहाई के लिए प्रति व्यक्ति पांच-पांच हजार रुपये की मांग की गई थी। न देने पर उनको तीन दिनों तक हिरासत में रखने के बाद उनसे थाने में लगे पेड़ से लकड़ी आदि कटवाने का काम लिया गया था।
चोरी के आरोप में तीन नाबालिग बच्चों को पुलिस ने बुधवार को पकड़कर थाने में बैठाया है। उनसे काम नहीं लिया गया है। बच्चे स्वयं काम करने लगे हों तो कहा नहीं जा सकता।
- अजय यादव, एसओ, निघासन
थाने में नाबालिग बालकों से काम लेने का सवाल ही नहीं उठता, फिर भी मामले की जांच कराकर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- डा. एस चन्नप्पा, एसपी खीरी।
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निघासन थाने में चोरी के आरोप में खैरहनी से पकड़कर लाए गए 11, 12 और 14 वर्षीय तीन बालकों को पुलिस दो दिन से थाने में बिठाए हुए हैं। पुलिस इनसे काम भी ले रही है। तीनों बच्चों के हाथ में झाड़ू पकड़ाकर थाने की सफाई कराई गई। इसी बीच थाने में खराब पड़े नल की मरम्मत कराने के लिए बुद्धीपुरवा से एक मिस्त्री बुलाया गया। उसके पास कोई सहायक न होने के कारण थाने में मारपीट के आरोप में बंद एक युवक और तीनों नाबालिग बालकों से काम लिया गया। उनसे काम लेने और देखरेख के लिए पहरे पर तैनात एक होमगार्ड को लगाया गया है।
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चर्चा होने पर दीवान ने नाराजगी दिखाते हुए बालकों को दफ्तर के अंदर बुला लिया और कार्यालय में काम करने वाले एक होमगार्ड को बुलाकर उसने नल में पन्नी, रस्सी आदि बंधवाने का काम कराया।
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पैसे नहीं देने पर थाने के झड़वाए गए थे पेड़
करीब तीन सप्ताह पहले लुधौरी में गांव में जुआ खेलते तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा था। आरोप है कि उनकी रिहाई के लिए प्रति व्यक्ति पांच-पांच हजार रुपये की मांग की गई थी। न देने पर उनको तीन दिनों तक हिरासत में रखने के बाद उनसे थाने में लगे पेड़ से लकड़ी आदि कटवाने का काम लिया गया था।
चोरी के आरोप में तीन नाबालिग बच्चों को पुलिस ने बुधवार को पकड़कर थाने में बैठाया है। उनसे काम नहीं लिया गया है। बच्चे स्वयं काम करने लगे हों तो कहा नहीं जा सकता।
- अजय यादव, एसओ, निघासन
थाने में नाबालिग बालकों से काम लेने का सवाल ही नहीं उठता, फिर भी मामले की जांच कराकर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- डा. एस चन्नप्पा, एसपी खीरी।