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इंद्रजीत हत्याकांड का खुलासा, दो अभियुक्त गिरफ्तार
ब्यूरो खीरी टाउन।
Updated Sun, 17 Apr 2016 10:13 PM IST
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हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
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अभियुक्तों की निशानदेही पर आलाकत्ल और कार को बरामद
छह अप्रैल को मिला था अधजला शव
खीरी थाना क्षेत्र के गांव अशोगापुर निवासी इंद्रजीत हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने आलाकत्ल, इंडिका कार बरामद की है। हत्या के पीछे कारणों को लेकर अभी रहस्य बना हुआ है, क्योंकि अभियुक्त ने अपनी हत्या की आशंका के चलते इंद्रजीत की हत्या करने की बात कही है।
खीरी एसओ सतेंद्र कुमार सिंह ने इंद्रजीत हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि खीरी थाना के अशोगापुर निवासी इन्द्रजीत उर्फ गुड्डू को पांच अप्रैल 2016 को कुछ लोग कार में बिठाकर कर ले गए थे, जिसके बाद छह अप्रैल की शाम को सदर कोतवाली की राजापुर चौकी क्षेत्र में अधजला शव बरामद हुआ था। इस मामले में सुरागरसी और साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों को ट्रेस किया गया, जिसके लिए एसपी के निर्देश पर टीम गठित की गई थी। इसी आधार पर शनिवार को मानपुर निवासी श्यामकिशोर वर्मा उर्फ गुड्डू उर्फ गब्बर तथा उसके दोस्त सोबरन यादव उर्फ सदाशिव निवासी शहबाजपुर थाना ईसानगर को सढ़ौना हनुमान मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि लाहौरीनगर से श्यामकिशोर वर्मा ने पांच अप्रैल को एक इंडिका कार यूपी 34एच 1727 को अपनी पत्नी की दवा लेने के बहाने बुक कराई थी। इसके बाद उसने अपने दोस्त सोबरन को लेकर अशोगापुर पहुंचा, जहां से इंद्रजीत उर्फ गुड्डू को कार में बैठा लिया। इसके बाद राजापुर में शराब खरीदकर तीनों ने पी। अंधेरा होने पर श्यामकिशोर कार को सदर कोतवाली के मानपुर लाया, जहां पर प्लान के मुताबिक चाकू के प्रहार से इंद्रजीत की हत्या कर दी। इसके बाद मृतक की पहचान मिटाने के लिए शव को गन्ने की पाती में रखकर जला दिया। पुलिस के सामने गुनाह कुबूल करते हुए श्यामकिशोर ने बताया कि इंद्रजीत और उसकी पत्नी की जान पहचान थी। दोनों नौकरी करने के लिए गुड़गांव गए थे। इससे श्यामकिशोर को अपनी पत्नी और इंद्रजीत के बीच संबंधों को लेकर शक पनपने लगा था। इसी बात को लेकर श्यामकिशोर और इंद्रजीत के बीच लड़ाई भी हो चुकी थी। बकौल श्यामकिशोर कि उसे शक होने लगा था कि इंद्रजीत कहीं उसे मार न दे। अपने आप को बचाने के लिए अभियुक्त श्यामकिशोर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर इंद्रजीत उर्फ गुड्डू की हत्या कर दी। अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने आलाकत्ल चाकू, गमछा, मृतक की चप्पल तथा इंडिका कार बरामद कर ली है। खुलासा करने वाली टीम में एसओ सतेंद्र कुमार सिंह, केके यादव, सररफराज आलम, इतेंद्र, जुल्फिकार हुसैन शामिल रहे।
छह अप्रैल को मिला था अधजला शव
खीरी थाना क्षेत्र के गांव अशोगापुर निवासी इंद्रजीत हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने आलाकत्ल, इंडिका कार बरामद की है। हत्या के पीछे कारणों को लेकर अभी रहस्य बना हुआ है, क्योंकि अभियुक्त ने अपनी हत्या की आशंका के चलते इंद्रजीत की हत्या करने की बात कही है।
खीरी एसओ सतेंद्र कुमार सिंह ने इंद्रजीत हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि खीरी थाना के अशोगापुर निवासी इन्द्रजीत उर्फ गुड्डू को पांच अप्रैल 2016 को कुछ लोग कार में बिठाकर कर ले गए थे, जिसके बाद छह अप्रैल की शाम को सदर कोतवाली की राजापुर चौकी क्षेत्र में अधजला शव बरामद हुआ था। इस मामले में सुरागरसी और साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों को ट्रेस किया गया, जिसके लिए एसपी के निर्देश पर टीम गठित की गई थी। इसी आधार पर शनिवार को मानपुर निवासी श्यामकिशोर वर्मा उर्फ गुड्डू उर्फ गब्बर तथा उसके दोस्त सोबरन यादव उर्फ सदाशिव निवासी शहबाजपुर थाना ईसानगर को सढ़ौना हनुमान मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि लाहौरीनगर से श्यामकिशोर वर्मा ने पांच अप्रैल को एक इंडिका कार यूपी 34एच 1727 को अपनी पत्नी की दवा लेने के बहाने बुक कराई थी। इसके बाद उसने अपने दोस्त सोबरन को लेकर अशोगापुर पहुंचा, जहां से इंद्रजीत उर्फ गुड्डू को कार में बैठा लिया। इसके बाद राजापुर में शराब खरीदकर तीनों ने पी। अंधेरा होने पर श्यामकिशोर कार को सदर कोतवाली के मानपुर लाया, जहां पर प्लान के मुताबिक चाकू के प्रहार से इंद्रजीत की हत्या कर दी। इसके बाद मृतक की पहचान मिटाने के लिए शव को गन्ने की पाती में रखकर जला दिया। पुलिस के सामने गुनाह कुबूल करते हुए श्यामकिशोर ने बताया कि इंद्रजीत और उसकी पत्नी की जान पहचान थी। दोनों नौकरी करने के लिए गुड़गांव गए थे। इससे श्यामकिशोर को अपनी पत्नी और इंद्रजीत के बीच संबंधों को लेकर शक पनपने लगा था। इसी बात को लेकर श्यामकिशोर और इंद्रजीत के बीच लड़ाई भी हो चुकी थी। बकौल श्यामकिशोर कि उसे शक होने लगा था कि इंद्रजीत कहीं उसे मार न दे। अपने आप को बचाने के लिए अभियुक्त श्यामकिशोर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर इंद्रजीत उर्फ गुड्डू की हत्या कर दी। अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने आलाकत्ल चाकू, गमछा, मृतक की चप्पल तथा इंडिका कार बरामद कर ली है। खुलासा करने वाली टीम में एसओ सतेंद्र कुमार सिंह, केके यादव, सररफराज आलम, इतेंद्र, जुल्फिकार हुसैन शामिल रहे।
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