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राज्यसभा सांसद समेत 250 पर मुकदमा दर्ज
मैगलगंज
Updated Sun, 12 Jul 2015 10:49 PM IST
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कस्बा स्थित सिद्धेश्वरी देवी मंदिर परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी के विरोध में शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान नेशनल हाइवे जाम करने के आरोप में राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर, विनोद अवस्थी समेत 250 समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में मैगलगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र उपाध्याय वादी बने हैं।
प्रभारी निरीक्षक की तहरीर के मुताबिक आरोप है कि शनिवार को राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर ने लिधियाई निवासी विनोद अवस्थी समेत करीब 250 समर्थकों के साथ नेशनल हाइवे पर जाम लगाया, जिससे कई घंटों तक आवागमन प्रभावित हुआ। इससे सरकारी कार्य में बाधा पैदा हुई और प्रशासन को जाम खोलवाने के लिए जूझना पड़ा। तहरीर में कहा गया है कि सपा विधायक सुनील कुमार लाला, एसडीएम विश्राम यादव, सीओ मिथिलेश दीक्षित के प्रयासों से जाम खोलवाया गया। इस मामले में पुलिस ने राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर सहित उनके समर्थकों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 143, 341, 353 और 7 सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
एसपी अरविंद सेन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राज्यसभा सांसद के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। हाइवे पर जाम लगाया गया था, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर ने बताया कि सपा विधायक के इशारे पर कार्रवाई हुई है। जबकि मैने जाम नहीं लगाया, बल्कि मंच पर महात्माओं के साथ था। वहां पर सपा विधायक सुनील कुमार भी मौजूद थे, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। राजनीतिक स्तर से इस मामले को निपटेंगे।
अनशन पर बैठे महंत की हालत खराब
सिद्धेश्वरी देवी आश्रम परिसर में हुई तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ अन्न जल त्यागने वाले महंत का रविवार को स्वास्थ्य खराब हो गया। उनका इलाज मंदिर परिसर में ही प्राइवेट चिकित्सक कर रहे हैं। वहीं प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग बेखबर बना है। महंत की हालत बिगड़ने की खबर पाकर राज्यसभा सदस्य जुगुल किशोर भी मंदिर पहुंचे।
बता दें कि आठ जुलाई की रात में सिद्धेश्वरी देवी आश्रम परिसर में तोड़फोड़ और यज्ञशाला में आगजनी हुई थी। आयोजक महंत राघवेंद्रा नंद सरस्वती ने पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर प्रशासन को चेतावनी देते हुए अन्न जल त्याग दिया था। इसकी जानकारी प्रशासन के अलावा स्वास्थ्य विभाग को भी थी लेकिन महंत के स्वास्थ्य की ओर किसी ने नहीं ध्यान नहीं दिया। लगातार तीन दिन से उपवास के बाद रविवार की सुबह उनकी हालत बिगड़ गई। तब श्रद्धालुओं ने प्राइवेट चिकित्सक को बुलाकर उनका इलाज कराना शुरू कर दिया। हालांकि देर शाम उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। उधर राज्यसभा सदस्य ने जुगुल किशोर और भाजपा नेता उमाशंकर मिश्रा ने मंदिर पहुंचकर महंत का हालचाल जाना और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
एक आरोपी गिरफ्तार
आश्रम परिसर में महायज्ञ के दौरान हुई तोड़फोड़ एवं आगजनी के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन तेज हुआ था। रविवार को पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, लेकिन पुलिस अभी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। बताते चलें कि पुलिस ने संत-महात्माओं के आंदोलन के बाद दोनों ओर से मुकदमे दर्ज किए थे, जिससे नाराज संतों ने शनिवार को प्रदर्शन किया था। आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सही धाराओं में मामला दर्ज करने की मांगों को जिला प्रशासन ने मान लिया था। तब जाकर शनिवार को आंदोलन स्थगित किया गया था। हालांकि प्रभारी निरीक्षक मैगलगंज जितेंद्र उपाध्याय ने किसी भी गिरफ्तारी से इंकार किया है।
सुबह से ही पुलिस-प्रशासन ने डाला डेरा
संत-महात्माओं के आंदोलन और अल्टीमेटम को गंभीरता से लेकर तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने सुबह से ही मैगलगंज में डेरा डाल दिया था। इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे मुनीशानंद सरस्वती और राघवेंद्रा नंद सरस्वती से एसडीएम विश्राम यादव, सीओ मिथिलेश दीक्षित ने प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से अवगत कराते हुए कि उन्हें न्याय मिलने का भरोसा दिलाया।
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प्रभारी निरीक्षक की तहरीर के मुताबिक आरोप है कि शनिवार को राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर ने लिधियाई निवासी विनोद अवस्थी समेत करीब 250 समर्थकों के साथ नेशनल हाइवे पर जाम लगाया, जिससे कई घंटों तक आवागमन प्रभावित हुआ। इससे सरकारी कार्य में बाधा पैदा हुई और प्रशासन को जाम खोलवाने के लिए जूझना पड़ा। तहरीर में कहा गया है कि सपा विधायक सुनील कुमार लाला, एसडीएम विश्राम यादव, सीओ मिथिलेश दीक्षित के प्रयासों से जाम खोलवाया गया। इस मामले में पुलिस ने राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर सहित उनके समर्थकों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 143, 341, 353 और 7 सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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एसपी अरविंद सेन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राज्यसभा सांसद के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। हाइवे पर जाम लगाया गया था, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर ने बताया कि सपा विधायक के इशारे पर कार्रवाई हुई है। जबकि मैने जाम नहीं लगाया, बल्कि मंच पर महात्माओं के साथ था। वहां पर सपा विधायक सुनील कुमार भी मौजूद थे, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। राजनीतिक स्तर से इस मामले को निपटेंगे।
अनशन पर बैठे महंत की हालत खराब
सिद्धेश्वरी देवी आश्रम परिसर में हुई तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ अन्न जल त्यागने वाले महंत का रविवार को स्वास्थ्य खराब हो गया। उनका इलाज मंदिर परिसर में ही प्राइवेट चिकित्सक कर रहे हैं। वहीं प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग बेखबर बना है। महंत की हालत बिगड़ने की खबर पाकर राज्यसभा सदस्य जुगुल किशोर भी मंदिर पहुंचे।
बता दें कि आठ जुलाई की रात में सिद्धेश्वरी देवी आश्रम परिसर में तोड़फोड़ और यज्ञशाला में आगजनी हुई थी। आयोजक महंत राघवेंद्रा नंद सरस्वती ने पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर प्रशासन को चेतावनी देते हुए अन्न जल त्याग दिया था। इसकी जानकारी प्रशासन के अलावा स्वास्थ्य विभाग को भी थी लेकिन महंत के स्वास्थ्य की ओर किसी ने नहीं ध्यान नहीं दिया। लगातार तीन दिन से उपवास के बाद रविवार की सुबह उनकी हालत बिगड़ गई। तब श्रद्धालुओं ने प्राइवेट चिकित्सक को बुलाकर उनका इलाज कराना शुरू कर दिया। हालांकि देर शाम उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। उधर राज्यसभा सदस्य ने जुगुल किशोर और भाजपा नेता उमाशंकर मिश्रा ने मंदिर पहुंचकर महंत का हालचाल जाना और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
एक आरोपी गिरफ्तार
आश्रम परिसर में महायज्ञ के दौरान हुई तोड़फोड़ एवं आगजनी के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन तेज हुआ था। रविवार को पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, लेकिन पुलिस अभी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। बताते चलें कि पुलिस ने संत-महात्माओं के आंदोलन के बाद दोनों ओर से मुकदमे दर्ज किए थे, जिससे नाराज संतों ने शनिवार को प्रदर्शन किया था। आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सही धाराओं में मामला दर्ज करने की मांगों को जिला प्रशासन ने मान लिया था। तब जाकर शनिवार को आंदोलन स्थगित किया गया था। हालांकि प्रभारी निरीक्षक मैगलगंज जितेंद्र उपाध्याय ने किसी भी गिरफ्तारी से इंकार किया है।
सुबह से ही पुलिस-प्रशासन ने डाला डेरा
संत-महात्माओं के आंदोलन और अल्टीमेटम को गंभीरता से लेकर तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने सुबह से ही मैगलगंज में डेरा डाल दिया था। इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे मुनीशानंद सरस्वती और राघवेंद्रा नंद सरस्वती से एसडीएम विश्राम यादव, सीओ मिथिलेश दीक्षित ने प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से अवगत कराते हुए कि उन्हें न्याय मिलने का भरोसा दिलाया।