{"_id":"57ab5a2f4f1c1b0445ee4e7e","slug":"husband-in-laws-10-years-in-jail","type":"story","status":"publish","title_hn":"पति, सास-ससुर को 10 साल कैद ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पति, सास-ससुर को 10 साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 10 Aug 2016 11:09 PM IST
विज्ञापन
कैदी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
दहेज की मांग के चलते विवाहिता की गई थी हत्या
दहेज की मांग के चलते विवाहिता की मौत के मामले में कोर्ट ने आरोपी पति, सास-ससुर को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी राम स्वरूप वर्मा ने बताया कि शाहजहांपुर के सेहरामऊ थाने के गांव तुलापुर निवासी महेश प्रसाद ने पुत्री कल्पना की शादी 2005 में पलिया थाना क्षेत्र के गांव पटिहन निवासी पुरुषोत्तम के साथ की थी। दहेज में बाइक, सोने की चेन की मांग के चलते विवाहिता को परेशान किया गया। 30 जुलाई 2007 को कल्पना की शव फांसी पर लटकता हुआ मिला था। मृतका के पिता महेश ने आरोपी पति समेत पांच ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सुनवाई के बाद पति पुरुषोत्तम, ससुर रामबरन और सास संतोषी को दोषी पाते हुए एडीजे हाजी असरफ अंसारी ने 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जबकि नामजद जेठ उत्तम कुमार और जेठानी अंजू को निर्दोष पाते हुए उन्हें बरी कर दिया।
दहेज की मांग के चलते विवाहिता की मौत के मामले में कोर्ट ने आरोपी पति, सास-ससुर को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी राम स्वरूप वर्मा ने बताया कि शाहजहांपुर के सेहरामऊ थाने के गांव तुलापुर निवासी महेश प्रसाद ने पुत्री कल्पना की शादी 2005 में पलिया थाना क्षेत्र के गांव पटिहन निवासी पुरुषोत्तम के साथ की थी। दहेज में बाइक, सोने की चेन की मांग के चलते विवाहिता को परेशान किया गया। 30 जुलाई 2007 को कल्पना की शव फांसी पर लटकता हुआ मिला था। मृतका के पिता महेश ने आरोपी पति समेत पांच ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सुनवाई के बाद पति पुरुषोत्तम, ससुर रामबरन और सास संतोषी को दोषी पाते हुए एडीजे हाजी असरफ अंसारी ने 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जबकि नामजद जेठ उत्तम कुमार और जेठानी अंजू को निर्दोष पाते हुए उन्हें बरी कर दिया।
विज्ञापन