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बारूद से सनी ईंट मिली, बैटरी और बूस्टर नहीं

Tue, 12 Jul 2016 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/धौरहरा (लखीमपुर खीरी)।
अमर उजाला ब्यूरो/धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। Updated Tue, 12 Jul 2016 11:12 PM IST
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Gunpowder was made of brick, not the battery and booster
bum - फोटो : amar ujala
 धौरहरा में विस्फोट के दौरान दो लोगों की मौत का मामला
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पहले फोरेंसिक एक्सपर्ट आए फिर पहुंची एटीएस की टीम
लखनऊ से आए फोरेंसिक एक्सपर्ट ने लिए आठ नमूने
शाम को एटीएस टीम पहुंची, कई फोटोग्राफी भी लिए

आतिशबाज मो. शफी के घर में सोमवार की तड़के हुए विस्फोट के मामले में लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला के फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने मंगलवार को विस्फोट स्थल का निरीक्षण किया और आठ नमूने साथ ले गए। ये नमूने आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए हैं। टीम को मौके से मिलीं कई ईंटों में बारूद जैसे कण मिले हैं। मौके से बैटरी और बूस्टर के अवशेष नहीं मिले हैं। फोरेंसिक एक्सपर्ट की जांच के बाद शाम को एटीएस की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल की फोटोग्राफी की। 
लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर अशोक सिन्हा के नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम दोपहर करीब तीन बजे कोतवाली पहुंची और वहां से कोतवाली प्रभारी अमर सिंह के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया। घरवालों और पुलिस ने जिस कमरे में बूस्टअप के दौरान बैटरी फटने का दावा किया था, उस कमरे में काफी प्रयास के बाद भी बैटरी और बूस्टर के साक्ष्य नहीं मिल पाए। हालांकि टीम को मौके पर कई ऐसी ईंटें मिलीं, जिनपर बारूद जैसे कण बहुतायत में चिपके हुए थे। टीम ने ईंटों, फर्श और दीवारों पर पड़े बारूद जैसे कणों के आठ नमूने लिए। नमूूनों को कोतवाली में सूचीबद्ध किया गया। डिप्टी डायरेक्टर अशोक सिन्हा ने बताया कि नमूनों को परीक्षण के लिए आगरा प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। वहीं से 15 दिन में रिपोर्ट आ पाएगी, इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। 
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फोरेंसिक टीम की जांच के बाद लखनऊ से ही एटीएस की पांच सदस्यीय टीम इंस्पेक्टर केएम राय के नेतृत्व में धौरहरा पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। टीम ने यहां विभिन्न कोणों से फोटो खींचे। इसके बाद टाउन एरिया के चेयरमैन राजीव जायसवाल और इलाके के ही सत्तार खां के अलग अलग कलमबद्ध बयान दर्ज किए। इसके अलावा एटीएस की टीम ने थाने से मो. शफी सहित सभी घरवालों और घायलों के मोबाइल नंबर भी लिए हैं। पहले फोरेंसिक एक्सपर्ट फिर एटीएस टीम के जांच के लिए आने और कई लोगों के मोबाइल नंबर जुटाने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
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ये है पूरा मामला 
धौरहरा के बाजार वार्ड निवासी मोहम्मद शफी के घर सोमवार की तड़के 3.30 बजे विस्फोट हुआ था। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी मकान की छत ढह गई थी। आधे से ज्यादा मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया था। घर के अंदर भीषण आग लग गई थी। इतना ही नहीं आसपास के मकानों में दरारें पड़ गईं थी। इस हादसे में मोहम्मद शफी की बहू और पोते की जलकर मौके पर ही मौत हुई थी और बेटा हबीबुल्ला और पोता शीबू गंभीर रूप से झुलस गया था। दोनों लखनऊ के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। घर वालों ने हादसा होने की वजह इंवर्टर की बैटरी और बूस्टर फटना बताया था लेकिन विस्फोट की तीव्रता, भीषण आग आदि से यह बात किसी के गले नहीं उतर रही थी, लेकिन पुलिस भी बैटरी और बूस्टर के फटने से ही भीषण हादसा होने का दावा कर रही थी। हालांकि अब इंस्पेक्टर अमर सिंह का कहना है कि बारूद के विस्फोट से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

अवैध रूप से आबादी के बीच चल रही थी पटाखा फैक्ट्री
लखीमपुर खीरी। धौरहरा के बाजार मोहल्ले में आतिशबाज के घर में सोमवार तड़के हुए विस्फोट का रहस्य लगातार गहराता जा रहा है। आतिशबाज मोहम्मद शफी लंबे अरसे से कस्बे के बाजार वार्ड स्थित आवास पर पटाखे बनाने का काम करता आ रहा है। उसके पास पटाखे बनाने का बाकायदा लाइसेंस भी था, लेकिन आबादी के बीच होने के कारण उसका नवीनीकरण नहीं हुआ है।
मोहम्मद शफी की कस्बे में ही आतिशबाजी का सामान बेचने की एक दुकान भी है। दुकान के लाइसेंस का नवीनीकरण नियमित है जबकि पटाखा बनाने की फैक्ट्री के लाइसेंस का नवीनीकरण 2015 के बाद नहीं हुआ है। पटाखा फैक्ट्री आबादी के बीच होने के कारण नवीनीकरण में एसडीएम ने आपत्ति लगा दी थी। एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि पटाखा बनाने की फैक्ट्री का लाइसेंस जारी करते समय कई बातों का ध्यान रखा जाता है। पटाखा बनाने का स्थल आबादी से दूर हो। फैक्ट्री चलाने वाला आपराधिक चरित्र का न हो। निर्धारित मानक के अनुसार सुरक्षा के इंतजाम हों। कानून व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा न हो। फैक्ट्री की स्टाक सीमा और उत्पादन सीमा का भी विवरण दर्ज होता है।

एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि धमाका बारूद से हुआ है या बूस्ट होती बैटरी से। फोरेंसिक एक्सपर्ट घटनास्थल से नमूना लेकर जांच कर रहे हैं। यदि यह बात साबित होती है कि मौके पर बारूद का भंडारण था और बिना लाइसेंस वहां पटाखे बनाए जा रहे थे तो दोषी और जिम्मदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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