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ज्वाइंट रिपोर्ट में शंटर और प्वाइंट् मैन दोषी
मैलानी
Updated Sat, 13 Dec 2014 06:19 PM IST
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शंटिंग के दौरान बरेली-गोंडा पैसेंजर ट्रेन का इंजन डिरेल होने के मामले
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में बनी ज्वांइट रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया शंटर और प्वाइंट् मैन को दोषी
मानते हुए बिना शंट सिग्नल के इंजन के आगे बढ़ जाने की बात सामने आई है।
शुक्रवार को शंटिंग के दौरान मेन लाइन पर प्वाइंट् नंबर 144 ए के पास शाम चार बजे बरेली-गोंडा पैसेंजर का इंजन डिरेल हो गया था। इस कारण मैलानी से करीब ढाई घंटे रेल यातायात बाधित रहा था और कई ट्रेनें लेट हो गईं थीं। निरीक्षण के बाद बनी ज्वाइंट रिपोर्ट में सामने आया कि रूट चेंज था और शंट सिग्नल नहीं दिया गया था। बिना शंट सिग्नल के शंटर ने इंजन को आगे बढ़ा दिया, जिससे यह दुर्घटना हो गई। ज्वाइंट रिपोर्ट में यातायात निरीक्षक बीडी मिश्रा, चीफ पीडब्ल्यूआई शाहिद वकील, सिग्नल इंस्पेक्टर रामेश्वर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर कैरिज एंड वैगन सतीश चंद्र दुबे ने दुर्घटना का कारण यही माना है, जबकि लोको इंस्पेक्टर प्रेम सिंह राना ने इन अधिकारियों की रिपोर्ट से इतर लिखा है कि इंजन लाइन नंबर चार से ऊपर गया और उसे लाइन नंबर चार पर ही वापस भेज दिया गया, जबकि इंजन को लाइन नंबर तीन पर जाना था। गलती का आभास होने पर पैनल से रूट चेंज किया गया, जिससे यह दुर्घटना हो गई। ज्वाइंट रिपोर्ट में इंजन का परीक्षण भी कराए जाने की बात भी कही गई हैै। स्थानीय अधिकारियों की ज्वाइंट रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया शंटर जगदीश प्रसाद तथा प्वाइंट् मैन अशोक कुमार सक्सेना को दोषी माना गया है। यह रिपोर्ट डीआरएम सेफ्टी, लखनऊ को भेज दी गई है।
जनसंपर्क अधिकारी मंडल लखनऊ आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दुर्घटना की ज्वाइंट रिपोर्ट बन गई है। उसके मंडल मुख्यालय पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी इस मामले में किसी को दंडित नहीं किया गया है।
शुक्रवार को शंटिंग के दौरान मेन लाइन पर प्वाइंट् नंबर 144 ए के पास शाम चार बजे बरेली-गोंडा पैसेंजर का इंजन डिरेल हो गया था। इस कारण मैलानी से करीब ढाई घंटे रेल यातायात बाधित रहा था और कई ट्रेनें लेट हो गईं थीं। निरीक्षण के बाद बनी ज्वाइंट रिपोर्ट में सामने आया कि रूट चेंज था और शंट सिग्नल नहीं दिया गया था। बिना शंट सिग्नल के शंटर ने इंजन को आगे बढ़ा दिया, जिससे यह दुर्घटना हो गई। ज्वाइंट रिपोर्ट में यातायात निरीक्षक बीडी मिश्रा, चीफ पीडब्ल्यूआई शाहिद वकील, सिग्नल इंस्पेक्टर रामेश्वर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर कैरिज एंड वैगन सतीश चंद्र दुबे ने दुर्घटना का कारण यही माना है, जबकि लोको इंस्पेक्टर प्रेम सिंह राना ने इन अधिकारियों की रिपोर्ट से इतर लिखा है कि इंजन लाइन नंबर चार से ऊपर गया और उसे लाइन नंबर चार पर ही वापस भेज दिया गया, जबकि इंजन को लाइन नंबर तीन पर जाना था। गलती का आभास होने पर पैनल से रूट चेंज किया गया, जिससे यह दुर्घटना हो गई। ज्वाइंट रिपोर्ट में इंजन का परीक्षण भी कराए जाने की बात भी कही गई हैै। स्थानीय अधिकारियों की ज्वाइंट रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया शंटर जगदीश प्रसाद तथा प्वाइंट् मैन अशोक कुमार सक्सेना को दोषी माना गया है। यह रिपोर्ट डीआरएम सेफ्टी, लखनऊ को भेज दी गई है।
जनसंपर्क अधिकारी मंडल लखनऊ आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दुर्घटना की ज्वाइंट रिपोर्ट बन गई है। उसके मंडल मुख्यालय पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी इस मामले में किसी को दंडित नहीं किया गया है।