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दहेज हत्या में पति को दस वर्ष का कारावास
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 22 Aug 2015 10:09 PM IST
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अतिरिक्त दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित कर मौत के घाट उतारने के मामले में एडीजे अतुल श्रीवास्तव ने हत्यारोपी पति को दस वर्ष का कठोर कारावास और सास-ससुर को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी निर्मल चौधरी ने बताया कि नीमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम भदूरी निवासी मुरारीलाल ने अपनी पुत्री राजेश्वरी की शादी वर्ष 2002 को मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम नीबा निवासी संदीप के साथ किया था। आरोप है ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज के रूप में बाइक, रंगीन टीवी, भैंस आदि की मांग कर प्रताड़ित करते थे। इसी बीच 17 नवंबर 2004 को राजेश्वरी का शव उसकी ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकता मिला। अदालती सुनवाई के दौरान मुरारी, भगौती, डॉ. जय सिंह, पूरनलाल, नायब तहसीलदार देश दीपक सिंह और सीओ शिवराम यादव की गवाही दर्ज कराई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। अदालत ने पति संदीप को दस वर्ष का कठोर कारावास और दो हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है जबकि सास बिट्टी और ससुर महेश को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी निर्मल चौधरी ने बताया कि नीमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम भदूरी निवासी मुरारीलाल ने अपनी पुत्री राजेश्वरी की शादी वर्ष 2002 को मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम नीबा निवासी संदीप के साथ किया था। आरोप है ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज के रूप में बाइक, रंगीन टीवी, भैंस आदि की मांग कर प्रताड़ित करते थे। इसी बीच 17 नवंबर 2004 को राजेश्वरी का शव उसकी ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकता मिला। अदालती सुनवाई के दौरान मुरारी, भगौती, डॉ. जय सिंह, पूरनलाल, नायब तहसीलदार देश दीपक सिंह और सीओ शिवराम यादव की गवाही दर्ज कराई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। अदालत ने पति संदीप को दस वर्ष का कठोर कारावास और दो हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है जबकि सास बिट्टी और ससुर महेश को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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