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एसआई हत्याकांड का पर्दाफाश नहीं
पलियाकलां।
Updated Sun, 10 Jan 2016 06:32 PM IST
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एसएसबी 39वीं वाहिनी की कजरिया बीओपी के एसआई दीप सिंह सोडा की हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने कई और लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है बता दें कि इससे पूर्व भी करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस की पूछताछ जारी है और उसकी नजर अभी तक इस मामले में तस्करों पर टिकी हुई है।
गौरतलब हो कि सात जनवरी की सुबह एसआई दीप सिंह का शव जंगल के पास बरामद हुआ था। उनके मुंह से खून बह रहा था। उनके मुहं पर प्रहार कर उनकी हत्या कर दी गई थी। घटना से सनसनी फैल गई थी और सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया था।
एसपी अखिलेश चौरसिया ने स्थानीय पुलिस से जल्द घटना का खुलासा करने को कहा था इसके बाद उन्होंने इसमें क्राइम ब्रांच को भी लगा दिया था। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने धरपकड़ अभियान शुरू किया था जो जारी है। शनिवार को करीब आधा दर्जन से संदिग्ध हिरासत में लिए गए थे और रविवार को भी पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हांलाकि पुलिस को अभी इसमें कोई खास कामयाबी नहीं मिली है लेकिन उसका मानना है कि जल्द ही वह हत्यारों तक पहुंच जाएगी।
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आशंका है कि तस्करी का कारोबार करने वाले किसी बड़े गिरोह ने ही एसआई को मौत के घाट उतारा। बताया जा रहा है यहां नेटवर्क न आने के कारण एसआई नेपाली सिम का प्रयोग करते थे। माना जा रहा है कि पुलिस नेपाल पुलिस की मदद से उसकी भी काल डिटेल खंगाल सकती है। गौरीफंटा कोतवाली प्रभारी कृष्ण मुरारी शर्मा के मुताबिक संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही खुलासा हो जाएगा। इधर एसएसबी की टीम ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है।
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गौरतलब हो कि सात जनवरी की सुबह एसआई दीप सिंह का शव जंगल के पास बरामद हुआ था। उनके मुंह से खून बह रहा था। उनके मुहं पर प्रहार कर उनकी हत्या कर दी गई थी। घटना से सनसनी फैल गई थी और सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया था।
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एसपी अखिलेश चौरसिया ने स्थानीय पुलिस से जल्द घटना का खुलासा करने को कहा था इसके बाद उन्होंने इसमें क्राइम ब्रांच को भी लगा दिया था। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने धरपकड़ अभियान शुरू किया था जो जारी है। शनिवार को करीब आधा दर्जन से संदिग्ध हिरासत में लिए गए थे और रविवार को भी पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हांलाकि पुलिस को अभी इसमें कोई खास कामयाबी नहीं मिली है लेकिन उसका मानना है कि जल्द ही वह हत्यारों तक पहुंच जाएगी।
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आशंका है कि तस्करी का कारोबार करने वाले किसी बड़े गिरोह ने ही एसआई को मौत के घाट उतारा। बताया जा रहा है यहां नेटवर्क न आने के कारण एसआई नेपाली सिम का प्रयोग करते थे। माना जा रहा है कि पुलिस नेपाल पुलिस की मदद से उसकी भी काल डिटेल खंगाल सकती है। गौरीफंटा कोतवाली प्रभारी कृष्ण मुरारी शर्मा के मुताबिक संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही खुलासा हो जाएगा। इधर एसएसबी की टीम ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है।