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डीजीपी ने थाना प्रभारियों के लिए जारी किया डे-प्लान
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 25 Apr 2015 07:44 PM IST
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पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एके जैन से प्राप्त आदेश के क्रम में एसपी अरविंद सेन ने सभी एसओ/प्रभारी निरीक्षक/सीओ/एएसपी को अनुपालन करने के लिए डे-प्लान जारी किया है, जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग बिंदुओं पर कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इसके पीछे पुलिस की कार्यक्षमता में व्यापक सुधार करने के साथ ही थानों के अभिलेखों को अपडेट किए जाने की मंशा है।
डीजीपी ने सर्कुलर जारी कर प्रतिदिन समीक्षा के लिए बिंदुवार कार्यों का निर्धारण किया है, जिसकी मॉनीटरिंग के लिए जोनल पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक/एसपी को निर्देश जारी किए गए हैं। एसपी अरविंद सेन ने बताया है कि पुलिस के कार्यों में बढ़ती व्यस्तता के चलते कई महत्वपूर्ण कार्य एवं अभिलेख छूट जाते हैं। कभी तो लंबे समय तक थाना प्रभारियों द्वारा अभिलेख देखे नहीं जाते हैं, जिससे उनकी उपयोगिता कम हो जाती है। इसलिए प्रत्येक माह के प्रत्येक दिन कार्यों का चेक लिस्ट तैयार कर थाना प्रभारी अपनी टेबल पर रखेंगे, फिर उसके अनुसार समीक्षा करेंगे।
इन बिंदुओं पर होगी समीक्षा
प्रतिदिन करीब आठ से 10 बिंदु तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें अपराध एवं निरोधात्मक कार्यवाही का तीन वर्षीय तुलनात्मक चार्ट टेबल पर लगाना, कर्मचारियों की समस्याएं के विषय में, मेस मीटिंग, अपराधियोंको पकड़नेे के लिए टीमें गठित करना, न्यायालय से सजा/दोषमुक्त मुकदमों की विवेचना करना आदि बिंदु शामिल हैं। महीने के 30 दिनों के कुल बिंदुओं पर गौर करें तो करीब 250 बिंदु तैयार किए गए हैं, जिनकी समीक्षा करना अनिवार्य होगा।
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डीजीपी ने सर्कुलर जारी कर प्रतिदिन समीक्षा के लिए बिंदुवार कार्यों का निर्धारण किया है, जिसकी मॉनीटरिंग के लिए जोनल पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक/एसपी को निर्देश जारी किए गए हैं। एसपी अरविंद सेन ने बताया है कि पुलिस के कार्यों में बढ़ती व्यस्तता के चलते कई महत्वपूर्ण कार्य एवं अभिलेख छूट जाते हैं। कभी तो लंबे समय तक थाना प्रभारियों द्वारा अभिलेख देखे नहीं जाते हैं, जिससे उनकी उपयोगिता कम हो जाती है। इसलिए प्रत्येक माह के प्रत्येक दिन कार्यों का चेक लिस्ट तैयार कर थाना प्रभारी अपनी टेबल पर रखेंगे, फिर उसके अनुसार समीक्षा करेंगे।
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इन बिंदुओं पर होगी समीक्षा
प्रतिदिन करीब आठ से 10 बिंदु तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें अपराध एवं निरोधात्मक कार्यवाही का तीन वर्षीय तुलनात्मक चार्ट टेबल पर लगाना, कर्मचारियों की समस्याएं के विषय में, मेस मीटिंग, अपराधियोंको पकड़नेे के लिए टीमें गठित करना, न्यायालय से सजा/दोषमुक्त मुकदमों की विवेचना करना आदि बिंदु शामिल हैं। महीने के 30 दिनों के कुल बिंदुओं पर गौर करें तो करीब 250 बिंदु तैयार किए गए हैं, जिनकी समीक्षा करना अनिवार्य होगा।
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