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डीफओ ने किया छेदीपुर में घटनास्थल का मुआयना

Sat, 20 Aug 2016 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मैलानी (लखीमपुर खीरी)।
अमर उजाला ब्यूरो/मैलानी (लखीमपुर खीरी)। Updated Sat, 20 Aug 2016 10:37 PM IST
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DFO has also visited the scene in Cedipur
dfo - फोटो : amar ujala
छेदीपुर में बाघ के हमले में टीकाराम की मौत का मामला
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परिवार वालों को दी तात्कालिक सहायता, जंगल में लगेंगे कैमरे
बाघ की होगी निगरानी, टीमें गठित, जंगल में न जाने की अपील

डीएफओ साउथ खीरी संजय बिस्वाल बाघ के हमले में मारे गए टीकाराम के परिवारवालों, ग्रामीणों से मिले और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में  ऑटोमेटिक कैमरे लगाकर बाघ की लोकेशन ली जाएगी। इसके लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। उन्होंने ग्रामीणों से जंगल में न जाने की अपील की। 
बाघ ने शुक्रवार को शाम करीब पांच बजे छेदीपुर निवासी टीकाराम पर हमला कर उनकी जान ले ली थी। वन क्षेत्राधिकारी मैलानी डीएस यादव ने रात में पहुंचकर पीड़ित परिवार को दस हजार रुपये की तात्कालिक सहायता प्रदान की थी। जानकारी पर डीएफओ साउथ खीरी संजय बिस्वाल, वन क्षेत्राधिकारी मैलानी डीएस यादव तथा वनकर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। बाघ के पगमार्क भी देखे। 
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उन्होंने बताया कि बाघ की निगरानी को टीमें गठित कर दी गई हैं। इसमें मैलानी रेंज, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और मैलानी सेंक्चुरी के वनकर्मी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बाघ की लोकेशन के लिए संभावित क्षेत्र के जंगल में कैमरे लगाए जाएंगे। वन क्षेत्राधिकारी डीएस यादव ने इस ऑपरेशन के दौरान खासकर महिलाओं तथा बच्चों से जंगल के अंदर तथा जंगल के आसपास न जाने की अपील की। 
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मैलानी सेंक्चुरी के वन रक्षक किशन पाल ने घटनास्थल के पास मूलचंद्र के केले के खेत में बाघ के पगमार्क देखे और उनकी पैमाइश की। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जीपीएस सिस्टम से बाघ की गतिविधियों को देखा जाएगा और उसके अनुरूप ही आगे कोई कार्रवाई की जाएगी।

मादा बाघ ने ली टीकाराम की जान
मैलानी। मैलानी सेंक्चुरी के वनकर्मियों ने बाघ के पगमार्क की पैमाइश के बाद बताया कि छेदीपुर में टीकाराम की मौत मादा बाघ के हमले से हुई है। 15 अगस्त को सुरजनपुर कपरहा गांव में सरस्वती की मौत नर बाघ के हमले से हुई थी। इससे स्पष्ट है कि दोनों घटनाएं अलग-अलग बाघों ने अंजाम दी हैं।

बमुश्किल शव को घटनास्थल से उठा सके ग्रामीण
मैलानी। छेदीपुर के ग्रामीणों ने बताया कि घटना की सूचना पर जब वे लोग मौके पर पंहुचे तो बाघ टीकाराम की गर्दन को पकड़े हुए था। ग्रामीणों के शोरगुल करने पर बाघ वहां से बमुश्किल हटा, लेकिन पास ही डटा रहा और कई बार ग्रामीणों की मौजूदगी के बावजूद शव के ऊपर आकर बैठ जाता और गुर्राने लगता। इस प्रकार काफी मशक्कत के बाद ग्रामीण शव को वहां से हटा सके।

डीएफओ के जाते ही बाघ ने गाय पर किया हमला
मैलानी। डीएफओ साउथ खीरी संजय बिस्वाल तथा वन क्षेत्राधिकारी मैलानी डीएस यादव के जाते ही बाघ ने घटनास्थल से करीब दो सौ मीटर दूूूर जंगल में चरने गई छेदीपुर निवासी बदल्ले की गाय पर हमला कर उसे जख्मी कर दिया। गाय वहां से जख्मी हालत में भागकर गांव पहुंची, तब इस घटना का पता चल सका।

ग्रामीणों ने की बाघ को पकड़ने की मांग
मैलानी। बाघ के हमले तथा गांव के आसपास ही बाघ की सक्रियता से भयभीत छेदीपुर गांव के ग्रामीणों  तथा महिलाओं ने बाघ को पकड़ने की मांग को लेकर गांव में वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर बाघ को पकड़ने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा समय में धान तथा गन्ने के खेतों की देखभाल की जरूरत है। ऐसे माहौल में वे खेतों में जाने से घबरा रहे हैं, लिहाजा यदि बाघ की सक्रियता बरकरार रही, तो उनकी फसलें चौपट होने की आशंका बनी हुई हैं। प्रदर्शन करने वालों में रामवती, विनोद कुमारी, कलावती, प्रेमवती, राम औतार, रामकली, पवन कुमार, मास्टर इंद्रजीत, करन सिंह, नंदलाल, रवि, सचिन, आशाराम, सुभाष, हरिओम, नवल किशोर, प्रेम कुमार आदि शामिल रहे।

मैलानी। बाघ के हमले में टीकाराम की मौत की खबर पाकर पलिया विधायक रोमी साहनी छेदीपुर गांव पंहुचे और परिवार वालों को ढाढ़स बंधाया। उन्होंने कहा कि मैलानी रेंज की खरेहटा तथा गदनियां बीट में बाघ के हमले लगातार जारी हैं। चार दिनों में बाघ के हमले में मौत की यह दूसरी घटना है लेकिन वन विभाग इससे बेखबर है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही बाघ को न पकड़ा गया अथवा बाघ से आमजन की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न किए गए, तो वह लखीमपुर में डीएफओ कार्यालय के समक्ष हजारों समर्थकों के साथ धरना देंगे। उन्होंने टीकाराम की पत्नी जुगरानी को दस हजार रुपये अंतिम संस्कार के लिए दिए। 

बाघ की निगरानी कराई जा रही है। वनकर्मियों की टीमें गठित कर दी गई हैं। ऑटोमोशन कैमरे से बाघ की गतिविधियों का पता लगाया जाएगा। आगे बाघ किसी इंसान पर हमला न करे, इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं और बाघ को गांव के आसपास से खदेड़कर जंगल के अंदर भेजने की कोशिश की जाएगी।

-संजीव बिस्वाल, डीएफओ साउथ खीरी

पर्याप्त संख्या में बाघ प्रभावित क्षेत्र में जंगल में ऑटोमोशन कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि बाघ की लोकेशन मिल सके। इस ऑपरेशन के दौरान ग्रामीण खासकर बच्चे और महिलाएं जंगल तथा उसके आसपास न जाएं। जरूरत पर अकेले जाने के बजाए एक साथ छह सात ग्रामीण जंगल के किनारे अपने खेतों में जाएं। 
-डीएस यादव, वन क्षेत्राधिकारी मैलानी रेंज
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