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साले की चाकुओं से गोदकर की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो खीरी टाउन/ओयल।
Updated Wed, 21 Sep 2016 11:22 PM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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सगे जीजा के बड़े भाई ने घटना को दिया अंजाम
छप्पर नोचने को लेकर हुआ विवाद
खीरी थाना क्षेत्र के लोनपुरवा में बुधवार को मामूली बात पर रिश्ते के जीजा ने साले की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। सूचना पर एसओ बृजेंद्र सिंह ओयल चौकी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। एसओ ने आसपास के लोगों और मृतक की बहन पम्मी से घटना के बाबत जानकारी ली। मृतक की बहन की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पुलिस चौकी नकहा क्षेत्र के गांव सिमरनपुरवा निवासी रामनरेश की बेटी पम्मी ओयल पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव लोनपुरवा निवासी मनीराम को ब्याही है। पम्मी ने बताया कि उसका और जेठ साधूराम का घर एक में ही है। जेठ शराबी और खुराफाती किस्म का है। पम्मी ने बताया कि उसका पति मनीराम 20 दिन पहले हरियाणा मजदूरी करने चला गया था।10 दिन पहले जेठ साधूराम ने घर के बाहर पड़े उसके छप्पर में आग लगा दी थी। जेठ के खौफ के कारण पांच दिन पहले उसने अपने भाई रामभजन को घर पर बुला लिया था। तब से रामभजन उसके साथ ही रह रहा था। बुधवार की दोपहर बाद जेठ साधूराम उसका छप्पर नोंचने लगा। रामभजन ने विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इससे नाराज साधूराम ने रामभजन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। शोरशराबा होने पर आसपास के तमाम लोग जब तक मौके पर पहुंचते तब तक रामभजन की मौत हो गई थी।
पुलिस की लापरवाही से गई रामभजन की जान
खीरी टाउन। ओयल चौकी पुलिस यदि आग लगाने की घटना को गंभीरता से लेती और हिरासत में लिए गए आरोपी को छोड़ने की बजाय उसे जेल भेज देती तो शायद रामभजन की जान बच सकती थी। पम्मी ने बताया कि करीब 10 दिन पहले जब जेठ साधूराम ने उसके घर में आग लगाई तो उसने इसकी तहरीर चौकी ओयल पुलिस को दी थी। पुलिस साधूराम को उसी दिन पकड़कर ले गई थी और दूसरे दिन छोड़ दिया था। यदि पुलिस मामले को गंभीरता से लेती और रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर चालान कर देती तो शायद आरोपी के हौसले बुलंद नहीं होते और रामभजन की जान बच सकती थी। एसओ बृजेंद्र सिंह ने बताया कि आग के मामले में आरोपी को हिरासत में रखने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जानकारी करने के बाद वह मामले की रिपोर्ट एसपी को देंगे।
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छप्पर नोचने को लेकर हुआ विवाद
खीरी थाना क्षेत्र के लोनपुरवा में बुधवार को मामूली बात पर रिश्ते के जीजा ने साले की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। सूचना पर एसओ बृजेंद्र सिंह ओयल चौकी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। एसओ ने आसपास के लोगों और मृतक की बहन पम्मी से घटना के बाबत जानकारी ली। मृतक की बहन की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पुलिस चौकी नकहा क्षेत्र के गांव सिमरनपुरवा निवासी रामनरेश की बेटी पम्मी ओयल पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव लोनपुरवा निवासी मनीराम को ब्याही है। पम्मी ने बताया कि उसका और जेठ साधूराम का घर एक में ही है। जेठ शराबी और खुराफाती किस्म का है। पम्मी ने बताया कि उसका पति मनीराम 20 दिन पहले हरियाणा मजदूरी करने चला गया था।10 दिन पहले जेठ साधूराम ने घर के बाहर पड़े उसके छप्पर में आग लगा दी थी। जेठ के खौफ के कारण पांच दिन पहले उसने अपने भाई रामभजन को घर पर बुला लिया था। तब से रामभजन उसके साथ ही रह रहा था। बुधवार की दोपहर बाद जेठ साधूराम उसका छप्पर नोंचने लगा। रामभजन ने विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इससे नाराज साधूराम ने रामभजन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। शोरशराबा होने पर आसपास के तमाम लोग जब तक मौके पर पहुंचते तब तक रामभजन की मौत हो गई थी।
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पुलिस की लापरवाही से गई रामभजन की जान
खीरी टाउन। ओयल चौकी पुलिस यदि आग लगाने की घटना को गंभीरता से लेती और हिरासत में लिए गए आरोपी को छोड़ने की बजाय उसे जेल भेज देती तो शायद रामभजन की जान बच सकती थी। पम्मी ने बताया कि करीब 10 दिन पहले जब जेठ साधूराम ने उसके घर में आग लगाई तो उसने इसकी तहरीर चौकी ओयल पुलिस को दी थी। पुलिस साधूराम को उसी दिन पकड़कर ले गई थी और दूसरे दिन छोड़ दिया था। यदि पुलिस मामले को गंभीरता से लेती और रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर चालान कर देती तो शायद आरोपी के हौसले बुलंद नहीं होते और रामभजन की जान बच सकती थी। एसओ बृजेंद्र सिंह ने बताया कि आग के मामले में आरोपी को हिरासत में रखने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जानकारी करने के बाद वह मामले की रिपोर्ट एसपी को देंगे।
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