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अष्टधातु की मूर्तियां बरामद
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 03 Jun 2015 07:58 PM IST
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ईसानगर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से अष्टधातु की दो मूर्तियां बरामद करने में कामयाबी हासिल की है। 13 किग्रा वजनी दोनों मूर्तियां बेशकीमती बताई जा रही हैं। पकड़े गए चारों तस्कर बहराइच के निवासी हैं, जिन्हें बहराइच के ही एक मंदिर की दोनों मूर्तियों को बेचने का जिम्मा साैंपा गया था।
एसपी अरविंद सेन ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि एक मुखबिर के जरिए अष्टधातु की मूर्तियों को नेपाल में बेचे जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद ईसानगर पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम को आपरेशन पर लगाया गया। सीओ धौरहरा मनोज यादव के नेतृत्व में टीम के कुछ सदस्यों ने तस्करों से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी हासिल की और सर्विलांस की मदद से तस्करों की लोकेशन ट्रेस की। कैरातीपुरवा के पास पुलिस टीम ने एक बाइक से जा रहे लोगों को रोका और तलाशी ली तो अष्टधातु की हनुमान जी और सीता जी की मूर्तियां मिल गईं। सीता जी की मूर्ति का वजन आठ किग्रा और हनुमान जी की मूर्ति का वजन पांच किग्रा है। पकड़े गए लोगों की पहचान बहराइच के थाना खैरीघाट के गांव टेपरा बाजपुरवा निवासी परशुराम तिवारी, थाना खैरीघाट के गांव पिपरिया निवासी जगदंगा, और रामदत्त, गांव छिंगतुहा निवासी रामफल यादव के तौर पर हुई है।
नेपाल में बिक्री करने की थी योजना
पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया है कि बहराइच के टोढी गांव निवासी एक व्यक्ति ने मूर्तियां बिक्री के लिए दी थीं। पहले सीतापुर के एक व्यापारी से एक करोड़ में सौदा फाइनल हो गया था, लेकिन बाद में उसने इंकार कर दिया। लिहाजा अब नेपाल में बिक्री करने की योजना थी। अभियुक्तों के मुताबिक मूर्तियां बहराइच के ही किसी मंदिर की हैं।
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बहराइच पुलिस को नहीं है जानकारी
मूर्तियां बरामदगी के बाद खीरी पुलिस ने बहराइच पुलिस से संपर्क किया तो उन्होंने इस संबंध में कोई रिपोर्ट दर्ज होने की बात से इंकार किया है। अब खीरी पुलिस के सामने मूर्तियों को उनके स्थान पर पहुंचाने की चुनौती है तो इस तस्करी में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने पर जोर रहेगा।
टीम में यह रहे शामिल
एर्सओ ईसानगर रामकुमार यादव, क्राइम ब्रांच के एसआई प्रमोद सिंह, सिपाही शराफत अली, प्रदीप यादव, शेखर चौहान, जयप्रकाश यादव, सर्वेंद्र सिंह, वसीम।
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एसपी अरविंद सेन ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि एक मुखबिर के जरिए अष्टधातु की मूर्तियों को नेपाल में बेचे जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद ईसानगर पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम को आपरेशन पर लगाया गया। सीओ धौरहरा मनोज यादव के नेतृत्व में टीम के कुछ सदस्यों ने तस्करों से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी हासिल की और सर्विलांस की मदद से तस्करों की लोकेशन ट्रेस की। कैरातीपुरवा के पास पुलिस टीम ने एक बाइक से जा रहे लोगों को रोका और तलाशी ली तो अष्टधातु की हनुमान जी और सीता जी की मूर्तियां मिल गईं। सीता जी की मूर्ति का वजन आठ किग्रा और हनुमान जी की मूर्ति का वजन पांच किग्रा है। पकड़े गए लोगों की पहचान बहराइच के थाना खैरीघाट के गांव टेपरा बाजपुरवा निवासी परशुराम तिवारी, थाना खैरीघाट के गांव पिपरिया निवासी जगदंगा, और रामदत्त, गांव छिंगतुहा निवासी रामफल यादव के तौर पर हुई है।
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नेपाल में बिक्री करने की थी योजना
पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया है कि बहराइच के टोढी गांव निवासी एक व्यक्ति ने मूर्तियां बिक्री के लिए दी थीं। पहले सीतापुर के एक व्यापारी से एक करोड़ में सौदा फाइनल हो गया था, लेकिन बाद में उसने इंकार कर दिया। लिहाजा अब नेपाल में बिक्री करने की योजना थी। अभियुक्तों के मुताबिक मूर्तियां बहराइच के ही किसी मंदिर की हैं।
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बहराइच पुलिस को नहीं है जानकारी
मूर्तियां बरामदगी के बाद खीरी पुलिस ने बहराइच पुलिस से संपर्क किया तो उन्होंने इस संबंध में कोई रिपोर्ट दर्ज होने की बात से इंकार किया है। अब खीरी पुलिस के सामने मूर्तियों को उनके स्थान पर पहुंचाने की चुनौती है तो इस तस्करी में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने पर जोर रहेगा।
टीम में यह रहे शामिल
एर्सओ ईसानगर रामकुमार यादव, क्राइम ब्रांच के एसआई प्रमोद सिंह, सिपाही शराफत अली, प्रदीप यादव, शेखर चौहान, जयप्रकाश यादव, सर्वेंद्र सिंह, वसीम।