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पशु तस्करों ने की फायरिंग, पुलिस ने किया इंकार
अमर उजाला ब्यूरो निघासन।
Updated Fri, 25 Nov 2016 10:56 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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- सप्ताह में दो दिन भरे जाते हैं पशुओं से भरे वाहन
रमुआपुर जंगल में प्रतिबंधित पशुओं को गाड़ी में भरते समय पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस को आता हुआ देखकर तस्कर फायरिंग करते हुए भाग निकले। पुलिस ने फायरिंग की घटना से इंकार किया है। बताते हैं कि वहां पर सप्ताह में दो दिन वाहनों में पशुओं को भरकर बाहर भेजा जाता है।
प्रभारी निरीक्षक ऋषीदेव यादव ने बताया कि गुरुवार की शाम करीब सात बजे मुखबिर ने सूचना दी कि रमुआपुर जंगल के पास प्रतिबंधित पशुओं को जैलो तथा डीसीएम में पशुओं को भरा जा रहा है। सूचना पर सिपाही राजदेव, जयप्रकाश, श्रवण आदि पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तस्करों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस बल बुलवाने के लिए थाने के एक दरोगा को फोन किया। आरोप है कि एक पशु तस्कर के पास फोन आया। उसके कुछ समय बाद वह लोग पुलिस आने की बात कह वहां से भागने लगे। सिपाहियों ने उनका पीछा किया, लेकिन वह लोग फायरिंग करते हुए फरार हो गए। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि फायरिंग की सूचना नहीं है। मवेशी की जानकारी होने पर सिपाहियों के अलावा दरोगा खादिम सज्जाद और अजब सिंह को मौके पर भेजा था। दरोगा के पहुंचने से पहले तस्कर भाग चुके थे।
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रमुआपुर जंगल में प्रतिबंधित पशुओं को गाड़ी में भरते समय पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस को आता हुआ देखकर तस्कर फायरिंग करते हुए भाग निकले। पुलिस ने फायरिंग की घटना से इंकार किया है। बताते हैं कि वहां पर सप्ताह में दो दिन वाहनों में पशुओं को भरकर बाहर भेजा जाता है।
प्रभारी निरीक्षक ऋषीदेव यादव ने बताया कि गुरुवार की शाम करीब सात बजे मुखबिर ने सूचना दी कि रमुआपुर जंगल के पास प्रतिबंधित पशुओं को जैलो तथा डीसीएम में पशुओं को भरा जा रहा है। सूचना पर सिपाही राजदेव, जयप्रकाश, श्रवण आदि पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तस्करों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस बल बुलवाने के लिए थाने के एक दरोगा को फोन किया। आरोप है कि एक पशु तस्कर के पास फोन आया। उसके कुछ समय बाद वह लोग पुलिस आने की बात कह वहां से भागने लगे। सिपाहियों ने उनका पीछा किया, लेकिन वह लोग फायरिंग करते हुए फरार हो गए। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि फायरिंग की सूचना नहीं है। मवेशी की जानकारी होने पर सिपाहियों के अलावा दरोगा खादिम सज्जाद और अजब सिंह को मौके पर भेजा था। दरोगा के पहुंचने से पहले तस्कर भाग चुके थे।
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