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एक यूनिट ब्लड के लिए छह घंटे भटका एसएसबी जवान

Thu, 09 Jul 2015 06:49 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Thu, 09 Jul 2015 06:49 PM IST
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A unit of blood for six hours stray SSB jawans
रक्तदान करने में जिले के एसएसबी जवान भले ही आगे रहते हैं, लेकिन उनके एक जवान को पिता के इलाज को तीन यूनिट ब्लड की जरूरत हुई तो जिला अस्पताल ब्लड बैंक का स्टाफ उसे छह घंटे भटकाता रहा। बाद में एसएसबी के एक अधिकारी के हस्तक्षेप पर उसे एक यूनिट ब्लड यह कहकर दिया गया कि वह एक रक्तदाता बुलाए। इस पर एसएसबी जवान ने गांव से भाई को बुलाकर रक्तदान कराया।
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की शिकायतें इन दिनों आम हो गईं है। पिछले दिनों शहर निवासी राजीव सिंह की पत्नी को इलाज के लिए ब्लड की जरूरत हुई तो ब्लड बैंक स्टाफ की बयानबाजी से मामला सीएमओ तक पहुंचा था। इधर बुधवार को शहर से सटे गढ़ी रोड की एसएसबी बटालियन के कांस्टेबल जीडी दुर्गेश कुमार के 65 वर्षीय पिता कैलाश प्रसाद को जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में गंभीर हालत के कारण भर्ती किया गया। वह हाई डायबिटीज के मरीज हैं और उनका हीमोग्लोबिल 4.6 निकला, जिस पर डॉक्टरों ने बुधवार रात करीब 11 बजे तीन यूनिट ब्लड चढ़ाना जरूरी बताया। रात होने के कारण खून नहीं मिला। गुरुवार की सुबह नौ बजे वह डॉक्टर का पर्चा और तीन यूनिट के खून के लिए फीस आदि लेकर ब्लड बैंक पहुंचा, जहां उसे रक्तदाता लाने के लिए कहा गया। उसने एसएसबी जवान होने और अक्सर रक्तदान करने की बात कही, लेकिन किसी ने भी तवज्जो नहीं दी। वह डॉक्टर आरके वर्मा से लेकर सीएमओ दफ्तर तक भटकता रहा, लेकिन हर जगह से उसे निराश होना पड़ा। उसे दिक्कत यह थी कि परिवार पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर के अंतर्गत थाना खुटार के गांव टोंडरपुर में रहता है, जहां से भाई के आते ही रक्तदान कराने की वह बात कहता रहा, लेकिन किसी ने नहीं सुनीं। अंत में एसएसबी के एक अधिकारी के हस्तक्षेप पर उसे एक यूनिट ब्लड दिया गया। इस बीच उसका भाई आ गया और रक्तदान कर दिया गया।
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और चुप्पी साध गए ब्लड बैंक प्रभारी
जिला अस्पताल ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. केपी सिंह ने इस बाबत एसएसबी जवान की गलती बताते हुए कहा कि उसने अक्सर रक्तदान करने की बात कही थी, जिसके लिए रजिस्टर आदि देखने में उसे ब्लड देने में देरी हुई। इस पर जब उनसे पूछा गया कि ब्लड बैंक के स्टाफ की क्या उन्हें अक्सर शिकायतें मिलती हैं तो वह चुप्पी साध गए और बोले, भविष्य में प्रयास करूंगा कि हर जरूरतमंद को ब्लड मिल जाए और किसी को निराश न होना पड़े।
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