{"_id":"5cd3001dbdec2207132d5df7","slug":"91557331997-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहाड़ापुर में अज्ञात कारणों से लगी आग से 20 घर खाक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
पहाड़ापुर में अज्ञात कारणों से लगी आग से 20 घर खाक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजुआ। भीरा थाना क्षेत्र के पहाड़ापुर गांव में अज्ञात कारणों से आग लग गई, जिससे 20 घर जलकर खाक हो गए। अग्निकांड इतना भीषण था कि लोगों को घरों से सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला। सूचना पर बिजुआ चौकी इंचार्ज और यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं करीब डेढ़ घंटे बाद फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची। इससे ग्रामीणों में रोष है।
गोला तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत रूद्रपुर गुलरिया के मजरा पहाड़ापुर गांव में बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे गांव के उत्तर दिशा में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते आग ने करीब के घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग जिस समय लगी उस समय गांव के ज्यादातर लोग खेतों पर गए हुए थे, महिलाएं ही घरों में थीं। जब तक लोग दौड़ कर आए, आग ने भीषण रूप ले लिया। इस दौरान महिलाओं एवं बच्चों ने घरों से चारपाई, बिस्तर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हुए। आग में छत्रपाल यादव के घर में खाने का अनाज तक नहीं बचा। लोगों के गृहस्थी का सारा सामान, बिस्तर, कपड़े एवं बच्चों की किताबें भी जल गई। आग में गांव के राममूर्ति, छोटेलाल, गुलजारी, खुशीराम, नन्हें राम, पूरन मौर्या, मेड़ई, भंगड़ी, रामबिलास, द्वारिका, गनेश, राकेश, मनोज समेत करीब 20 लोगों के घर जल गए। वहीं घर के अंदर आग बुझाने के दौरान फंसे राकेश का हाथ झुलस गया, जिसे लोगों की मदद से बिजुआ अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीण अपने संसाधन से आग बुझाते रहे, बाद में पहुंची फायर ब्रिगेड ने जल रहे पेड़ों एवं घरों को पानी डालकर बुझाया। क्षेत्रीय लेखपाल ने बताया कि प्रभावित परिवारों की सूची बनाई जा रही है।
विज्ञापन
गोला तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत रूद्रपुर गुलरिया के मजरा पहाड़ापुर गांव में बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे गांव के उत्तर दिशा में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते आग ने करीब के घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग जिस समय लगी उस समय गांव के ज्यादातर लोग खेतों पर गए हुए थे, महिलाएं ही घरों में थीं। जब तक लोग दौड़ कर आए, आग ने भीषण रूप ले लिया। इस दौरान महिलाओं एवं बच्चों ने घरों से चारपाई, बिस्तर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हुए। आग में छत्रपाल यादव के घर में खाने का अनाज तक नहीं बचा। लोगों के गृहस्थी का सारा सामान, बिस्तर, कपड़े एवं बच्चों की किताबें भी जल गई। आग में गांव के राममूर्ति, छोटेलाल, गुलजारी, खुशीराम, नन्हें राम, पूरन मौर्या, मेड़ई, भंगड़ी, रामबिलास, द्वारिका, गनेश, राकेश, मनोज समेत करीब 20 लोगों के घर जल गए। वहीं घर के अंदर आग बुझाने के दौरान फंसे राकेश का हाथ झुलस गया, जिसे लोगों की मदद से बिजुआ अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीण अपने संसाधन से आग बुझाते रहे, बाद में पहुंची फायर ब्रिगेड ने जल रहे पेड़ों एवं घरों को पानी डालकर बुझाया। क्षेत्रीय लेखपाल ने बताया कि प्रभावित परिवारों की सूची बनाई जा रही है।
विज्ञापन