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कच्ची शराब बनी या बिकी तो थाना प्रभारी होंगे जिम्मेदार
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दो दिन में पांच मौतों पर डीएम-एसपी गंभीर, जांच के आदेश
ममरी (लखीमपुर खीरी)। मंगलवार की रात से लेकर बुधवार की सुबह तक अलग-अलग संदिग्ध हालात में हुईं तीन मौतों और बुधवार की रात फिर दो की जान चली जाने पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी पूनम गंभीर हैं। दोनों अधिकारी पुलिस और प्रशासनिक अमले के साथ गुरुवार की शाम थाना हैदराबाद के गांव भदैंया पहुंचे और राजू उर्फ राकेश के परिवार वालों से पूरी जानकारी ली। मृतक राजू के पिता रामपाल ने अधिकारियों को बताया कि उनके पोते का मुंडन संस्कार था। सात दिन तक धार्मिक कार्य चलते हैं, इसलिए इस दौरान घर में कोई शराब का सेवन नहीं कर सकता। इन लोगों ने कहीं और शराब पी हो तो वह नहीं कह सकते। डीएम ने एसपी को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। वहीं एसपी पूनम ने कहा है कि इन मौतों में भले ही कच्ची शराब के सेवन की बात नहीं मिली है, लेकिन उन्होंने इस पर रोकथाम लगाने के लिए अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि गांवों में कच्ची शराब बनी या बिकी तो संबंधित थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे।
थाना हैदराबाद क्षेत्र के गांव भदैंया निवासी राकेश उर्फ राजू के लड़के के मुंडन समारोह में 17 दिसंबर को मेहमान आए थे। 18 दिसंबर की सुबह सभी आलू-गोभी की सब्जी और पूड़ी खाकर चले गए थे। बाद में हालत बिगड़ने के बाद राकेश के साथ ही उसके साले नीमगांव थाना क्षेत्र के गांव भूपतिपुर निवासी 26 वर्षीय सुशील कुमार और साढ़ू हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव फूलबेहड़ निवासी 28 वर्षीय अजयपाल की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। आशंका जताई जा रही है कि तीनों की मौत कच्ची शराब पीने से हुई है। इधर बुधवार की रात में रायपुर घुंसी निवासी हीरालाल और देवरी निवासी शिवम की भी मौत संदिग्ध हालात में हो गई। दो दिनों के अंतराल में इन पांच मौतों की वजह कच्ची शराब से मौत होने की चर्चा आम है। हालांकि पुलिस को जांच में कच्ची शराब के सेवन की बात नहीं मिली है, लेकिन डीएम और एसपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। यही वजह है कि दोनों अधिकारी पूरे अमले के साथ जिला आबकारी अधिकारी संजय त्रिपाठी को भी गांव भदैंया ले गए और कच्ची शराब के सेवन की संभावनाओं को तलाशने की कोशिश की। हालांकि परिवार वालों ने भी कच्ची शराब के सेवन से इनकार कर दिया है।
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शराब बनाने पर प्रधानपुत्र और इंस्पेक्टर में हुई नोकझोंक
ममरी। दो दिन में हुई पांच मौतों और कई गांवों में पनप रहे अवैध शराब धंधे को लेकर गुरुवार को कन्हूपुर गांव के प्रधान पुत्र मांधाता सिंह, ग्रामीणों और इंस्पेक्टर राजवीर सिंह के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गांव वालों का कहना था कि पुलिस शराब के अवैध धंधे को रोक पाने में विफल साबित हो रही है। इसी कारण यह मौतें हो रही हैं। जिस पर इंस्पेक्टर राजवीर ने प्रधान पुत्र और ग्रामीणों पर आरोप मढ़ा कि शराब का धंधा तुम लोग करा रहे हो इसलिए पुलिस को सूचना नहीं दे रहे हो। इतना सुनते ही प्रधान पुत्र और गांव वाले भड़क गए, तब इंस्पेक्टर पुलिस फोर्स के साथ गाड़ी में सवार होकर वहां से चले गए। हालांकि इस बाबत इंस्पेक्टर राजवीर ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है।
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ममरी (लखीमपुर खीरी)। मंगलवार की रात से लेकर बुधवार की सुबह तक अलग-अलग संदिग्ध हालात में हुईं तीन मौतों और बुधवार की रात फिर दो की जान चली जाने पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी पूनम गंभीर हैं। दोनों अधिकारी पुलिस और प्रशासनिक अमले के साथ गुरुवार की शाम थाना हैदराबाद के गांव भदैंया पहुंचे और राजू उर्फ राकेश के परिवार वालों से पूरी जानकारी ली। मृतक राजू के पिता रामपाल ने अधिकारियों को बताया कि उनके पोते का मुंडन संस्कार था। सात दिन तक धार्मिक कार्य चलते हैं, इसलिए इस दौरान घर में कोई शराब का सेवन नहीं कर सकता। इन लोगों ने कहीं और शराब पी हो तो वह नहीं कह सकते। डीएम ने एसपी को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। वहीं एसपी पूनम ने कहा है कि इन मौतों में भले ही कच्ची शराब के सेवन की बात नहीं मिली है, लेकिन उन्होंने इस पर रोकथाम लगाने के लिए अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि गांवों में कच्ची शराब बनी या बिकी तो संबंधित थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे।
थाना हैदराबाद क्षेत्र के गांव भदैंया निवासी राकेश उर्फ राजू के लड़के के मुंडन समारोह में 17 दिसंबर को मेहमान आए थे। 18 दिसंबर की सुबह सभी आलू-गोभी की सब्जी और पूड़ी खाकर चले गए थे। बाद में हालत बिगड़ने के बाद राकेश के साथ ही उसके साले नीमगांव थाना क्षेत्र के गांव भूपतिपुर निवासी 26 वर्षीय सुशील कुमार और साढ़ू हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव फूलबेहड़ निवासी 28 वर्षीय अजयपाल की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। आशंका जताई जा रही है कि तीनों की मौत कच्ची शराब पीने से हुई है। इधर बुधवार की रात में रायपुर घुंसी निवासी हीरालाल और देवरी निवासी शिवम की भी मौत संदिग्ध हालात में हो गई। दो दिनों के अंतराल में इन पांच मौतों की वजह कच्ची शराब से मौत होने की चर्चा आम है। हालांकि पुलिस को जांच में कच्ची शराब के सेवन की बात नहीं मिली है, लेकिन डीएम और एसपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। यही वजह है कि दोनों अधिकारी पूरे अमले के साथ जिला आबकारी अधिकारी संजय त्रिपाठी को भी गांव भदैंया ले गए और कच्ची शराब के सेवन की संभावनाओं को तलाशने की कोशिश की। हालांकि परिवार वालों ने भी कच्ची शराब के सेवन से इनकार कर दिया है।
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शराब बनाने पर प्रधानपुत्र और इंस्पेक्टर में हुई नोकझोंक
ममरी। दो दिन में हुई पांच मौतों और कई गांवों में पनप रहे अवैध शराब धंधे को लेकर गुरुवार को कन्हूपुर गांव के प्रधान पुत्र मांधाता सिंह, ग्रामीणों और इंस्पेक्टर राजवीर सिंह के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गांव वालों का कहना था कि पुलिस शराब के अवैध धंधे को रोक पाने में विफल साबित हो रही है। इसी कारण यह मौतें हो रही हैं। जिस पर इंस्पेक्टर राजवीर ने प्रधान पुत्र और ग्रामीणों पर आरोप मढ़ा कि शराब का धंधा तुम लोग करा रहे हो इसलिए पुलिस को सूचना नहीं दे रहे हो। इतना सुनते ही प्रधान पुत्र और गांव वाले भड़क गए, तब इंस्पेक्टर पुलिस फोर्स के साथ गाड़ी में सवार होकर वहां से चले गए। हालांकि इस बाबत इंस्पेक्टर राजवीर ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है।
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