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मैलानी के जंगलों में शिकार का खुलासा
Updated Sun, 31 Dec 2017 11:40 PM IST
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tiger
- फोटो : अमर उजाला
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बांकेगंज। मैलानी के जंगल में बाघों का शिकार जारी है। इस बात का खुलासा ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा में पकड़े गए शिकारियों से हुआ है। एसटीएफ, एसओजी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बांकेगंज और गोला क्षेत्र के दो शिकारियों को बाघ की ढाई मीटर लंबी एक खाल और आठ किलो तीन सौ ग्राम हड्डियों के साथ दबोचा है। पूछताछ में शिकारियों ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन में शामिल मैलानी रेंज की जटपुरा बीट के बरौंछा नाले के आसपास शिकार किया था। शिकारी बाघ की खाल और हड्डियों को बेचने की फिराक में थे, तभी धर लिए गए।
खटीमा वन विभाग के प्रयास के बाद संयुक्त टीम द्वारा पकड़े गए शिकारियों बांकेगंज क्षेत्र के ढाका गांव निवासी महावीर पुत्र लोकराम और गोला क्षेत्र के गांव कमलापुर निवासी राजू पुत्र बाबूराम ने खटीमा रेंज के एसडीओ बाबूलाल को बताया कि आठ माह पहले उन्होंने जटपुरा रेंज के बरौंछा नाले के पास वन विभाग द्वारा कराए गए अर्जुन प्लांटेशन के जंगल से एक बाघ का शिकार किया था। इसके बाद उन्होंने उसकी खाल निकलवाई और बेचने के लिए हड्डियों को इकठ्ठा किया। इस बात से एक बार यह बात फिर साबित हो गई है कि खीरी जिले के जंगलों में बाघों का शिकार का जारी है और वन विभाग इसे रोकने में नाकामयाब है। बता दें शिकार की यह घटना इस जंगल को बफरजोन में शामिल होने से पहले की है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में बाघ के शिकार की घटनाएं हो चुकी है। हिरन, जंगली सुअर आदि के शिकार की घटनाएं तो यहां आए दिन होती है। वन विभाग इन्हें पकड़ भी लेता है तो किसी न किसी कारणों से इसे रफा दफा कर दिया जाता है।
ऊधमसिंह जिले की खटीमा रेंज के एसडीओ बाबूलाल द्वारा बाघ की खाल और हड्डियों के साथ दो शिकारियों को पकड़े जाने की सूचना मिली है। इसमें एक जटपुरा रेंज से सटे ढाका और दूसरा शिकारी गोला क्षेत्र के कमलापुर गांव का निवासी बताया गया है। आठ माह पहले मैलानी रेंज की जटपुरा बीट के बरौंछा नाले के निकट बाघ के शिकार घटना की जांच कराई जाएगी। बाघों की जान की हिफाजत के लिए संबधित रेंज में कड़ी निगरानी कराई जाएगी।
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- डॉ अनिल पटेल, डीएफओ और डीडी- बफरजोन, दुधवा टाइगर रिजर्व।
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खटीमा वन विभाग के प्रयास के बाद संयुक्त टीम द्वारा पकड़े गए शिकारियों बांकेगंज क्षेत्र के ढाका गांव निवासी महावीर पुत्र लोकराम और गोला क्षेत्र के गांव कमलापुर निवासी राजू पुत्र बाबूराम ने खटीमा रेंज के एसडीओ बाबूलाल को बताया कि आठ माह पहले उन्होंने जटपुरा रेंज के बरौंछा नाले के पास वन विभाग द्वारा कराए गए अर्जुन प्लांटेशन के जंगल से एक बाघ का शिकार किया था। इसके बाद उन्होंने उसकी खाल निकलवाई और बेचने के लिए हड्डियों को इकठ्ठा किया। इस बात से एक बार यह बात फिर साबित हो गई है कि खीरी जिले के जंगलों में बाघों का शिकार का जारी है और वन विभाग इसे रोकने में नाकामयाब है। बता दें शिकार की यह घटना इस जंगल को बफरजोन में शामिल होने से पहले की है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में बाघ के शिकार की घटनाएं हो चुकी है। हिरन, जंगली सुअर आदि के शिकार की घटनाएं तो यहां आए दिन होती है। वन विभाग इन्हें पकड़ भी लेता है तो किसी न किसी कारणों से इसे रफा दफा कर दिया जाता है।
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ऊधमसिंह जिले की खटीमा रेंज के एसडीओ बाबूलाल द्वारा बाघ की खाल और हड्डियों के साथ दो शिकारियों को पकड़े जाने की सूचना मिली है। इसमें एक जटपुरा रेंज से सटे ढाका और दूसरा शिकारी गोला क्षेत्र के कमलापुर गांव का निवासी बताया गया है। आठ माह पहले मैलानी रेंज की जटपुरा बीट के बरौंछा नाले के निकट बाघ के शिकार घटना की जांच कराई जाएगी। बाघों की जान की हिफाजत के लिए संबधित रेंज में कड़ी निगरानी कराई जाएगी।
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- डॉ अनिल पटेल, डीएफओ और डीडी- बफरजोन, दुधवा टाइगर रिजर्व।