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बैखौफ इतना कि 50 मीटर दूर चौकी की भी नहीं की परवाह
Updated Sat, 23 Sep 2017 11:31 PM IST
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बैखौफ इतना कि 50 मीटर दूर चौकी की भी नहीं की परवाह
- फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
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गोला गोकर्णनाथ (खीरी)।
लखीमपुर में एक माह पूर्व प्यार में अंधे युवक ने युवती के दोनों हाथ काट डालने की घटना को लोग भूल नहीं पाए थे। बेखौफ युवक ने नगर के विकास चौराहा के पास बाईपास मार्ग पर पुलिस चौकी से लगभग 50 मीटर की दूरी पर दोपहर को एक युवती को कांच के टुकडे़ से प्रहार कर लहूलुहान कर सनसनी फैला दी। युवक के बेखौफ होने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दिनदहाड़े पुलिस चौकी और पिकेट ड्यूटी पास होने के का भी उसने युवती पर कातिलाना हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो युवक के सिर पर बिल्कुल खून सवार था। उसने किसी की परवाह नहीं की और लड़की पर कई वार करने के बाद खुटार रोड से होता हुआ भाग निकला। युवती के हाथ और गर्दन पर घाव होने के साथ वह खून से पूरी तरह लथपथ हो गई। उधर, घटना के बाद दुकानदार मंजीत वर्मा भय वश अपनी दुकान बंद कर भाग निकले। लोगों ने किसी तरह घायल युवती को सीएचसी पहुंचाकर पुलिस को सूचना दी। दिन दहाड़े सरे बाजार हुई घटना की खबर नगर में आग की तरह फैल गई।
एक महीने पहले सिरफिरे ने तलवार से काट दिया था युवती का पंजा
जिले में यह कोई पहली घटना नहीं है। ठीक एक महीने पहले 23 अगस्त को शहर में एकतरफा प्रेम में सिरफिरे ने तलवार से हमला कर किशोरी के हाथ का पंजा काट दिया था। आरोपी जेल में हैं। युवती आज भी लखनऊ में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। इसी तरह पहले भी महिलाओं पर हमले हो चुके हैं, जिसमें 21 नवंबर 13 को थाना खीरी के गांव ठकुरनपुरवा में मनचले ने छत पर सो रहे परिवार पर तेजाब फेंक दिया था। तेजाबी हमले में झुलसी महिला की कई महीने बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वहीं 16 अगस्त 14 को मोहम्मदी में दो बहनों का पीछा करने वाला जब शोहदा कामयाब नहीं रहा तो उसने तेजाब से हमला कर दिया था, जिससे एक बहन झुलस गई थी। 15 जुलाई 15 को सदर कोतवाली क्षेत्र में रेप के बाद आठ वर्षीय बालिका की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी और उसके शव को आरोपी ने कुएं में फेंक दिया था, जिसका आरोपी मोहन कश्यप आज भी जेल में है। इसी तरह 14 जनवरी 16 को थाना नीमगांव क्षेत्र में दुराचार में असफल रहने पर आरोपी ने हमला कर दिया था।
एक फॉल्स कॉल से शुरू हुई बात बढ़ती चली गई
गोला पुलिस के अनुसार एक आरोपी युवक के पास लड़की की कॉल गलती से पहुंच गई थी। पहले तो लड़के ने रॉग नंबर कहकर काट दिया, लेकिन फिर कॉल कर बातें शुरू कर दीं। फिर दोनों ने एक दूसरे के नंबर सेव कर लिए और रोज बातें करने लगे। काफी दिनों तक फोन पर ही बातें होती रहीं, फिर एक दिन लड़के के कहने पर लड़की ने उसे विकास चौराहे पर बुलाया। जहां दोनों की मुलाकात हुई। इस बीच दो साल बीत गए। छह महीने पहले लड़के की शादी हो गई तो दोनों में बातें भी कम हो गईं।
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पुलिस चौकी में बंद रहता है ताला
हाईटेक युग में खोखे में चल रही है पुलिस चौकी
नगर की पुलिसिंग का अंदाजा विकास चौराहे के समीप पुलिस चौकी को देखकर ही लगाया जा सकता है। हाईटेक युग में भी पुलिस चौकी लोहे के खोखे में चल रही है, जिसमें अक्सर ताला पड़ा रहता है। आलम यह है कि चौराहे पर अराजकतत्व झुंड लगाए खड़े रहते हैं और पुलिस उनको कभी टोकती तक नहीं।
एंटी रोमियो टीम की भी सक्रियता नहीं
महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान के लिए एंटी रोमियों टीम का गठन किया गया है, लेकिन यहां यह टीम सक्रिय ही नहीं है। नगर में छेड़छाड़ की घटनाएं आम हैं, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोतवाल मधुकांत मिश्र से टीम के बारे में जानकारी मांगी गई, लेकिन वहीं टीम में नामित पुलिस कर्मियों के नाम तक नहीं बता पाए।
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लखीमपुर में एक माह पूर्व प्यार में अंधे युवक ने युवती के दोनों हाथ काट डालने की घटना को लोग भूल नहीं पाए थे। बेखौफ युवक ने नगर के विकास चौराहा के पास बाईपास मार्ग पर पुलिस चौकी से लगभग 50 मीटर की दूरी पर दोपहर को एक युवती को कांच के टुकडे़ से प्रहार कर लहूलुहान कर सनसनी फैला दी। युवक के बेखौफ होने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दिनदहाड़े पुलिस चौकी और पिकेट ड्यूटी पास होने के का भी उसने युवती पर कातिलाना हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो युवक के सिर पर बिल्कुल खून सवार था। उसने किसी की परवाह नहीं की और लड़की पर कई वार करने के बाद खुटार रोड से होता हुआ भाग निकला। युवती के हाथ और गर्दन पर घाव होने के साथ वह खून से पूरी तरह लथपथ हो गई। उधर, घटना के बाद दुकानदार मंजीत वर्मा भय वश अपनी दुकान बंद कर भाग निकले। लोगों ने किसी तरह घायल युवती को सीएचसी पहुंचाकर पुलिस को सूचना दी। दिन दहाड़े सरे बाजार हुई घटना की खबर नगर में आग की तरह फैल गई।
एक महीने पहले सिरफिरे ने तलवार से काट दिया था युवती का पंजा
जिले में यह कोई पहली घटना नहीं है। ठीक एक महीने पहले 23 अगस्त को शहर में एकतरफा प्रेम में सिरफिरे ने तलवार से हमला कर किशोरी के हाथ का पंजा काट दिया था। आरोपी जेल में हैं। युवती आज भी लखनऊ में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। इसी तरह पहले भी महिलाओं पर हमले हो चुके हैं, जिसमें 21 नवंबर 13 को थाना खीरी के गांव ठकुरनपुरवा में मनचले ने छत पर सो रहे परिवार पर तेजाब फेंक दिया था। तेजाबी हमले में झुलसी महिला की कई महीने बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वहीं 16 अगस्त 14 को मोहम्मदी में दो बहनों का पीछा करने वाला जब शोहदा कामयाब नहीं रहा तो उसने तेजाब से हमला कर दिया था, जिससे एक बहन झुलस गई थी। 15 जुलाई 15 को सदर कोतवाली क्षेत्र में रेप के बाद आठ वर्षीय बालिका की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी और उसके शव को आरोपी ने कुएं में फेंक दिया था, जिसका आरोपी मोहन कश्यप आज भी जेल में है। इसी तरह 14 जनवरी 16 को थाना नीमगांव क्षेत्र में दुराचार में असफल रहने पर आरोपी ने हमला कर दिया था।
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एक फॉल्स कॉल से शुरू हुई बात बढ़ती चली गई
गोला पुलिस के अनुसार एक आरोपी युवक के पास लड़की की कॉल गलती से पहुंच गई थी। पहले तो लड़के ने रॉग नंबर कहकर काट दिया, लेकिन फिर कॉल कर बातें शुरू कर दीं। फिर दोनों ने एक दूसरे के नंबर सेव कर लिए और रोज बातें करने लगे। काफी दिनों तक फोन पर ही बातें होती रहीं, फिर एक दिन लड़के के कहने पर लड़की ने उसे विकास चौराहे पर बुलाया। जहां दोनों की मुलाकात हुई। इस बीच दो साल बीत गए। छह महीने पहले लड़के की शादी हो गई तो दोनों में बातें भी कम हो गईं।
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पुलिस चौकी में बंद रहता है ताला
हाईटेक युग में खोखे में चल रही है पुलिस चौकी
नगर की पुलिसिंग का अंदाजा विकास चौराहे के समीप पुलिस चौकी को देखकर ही लगाया जा सकता है। हाईटेक युग में भी पुलिस चौकी लोहे के खोखे में चल रही है, जिसमें अक्सर ताला पड़ा रहता है। आलम यह है कि चौराहे पर अराजकतत्व झुंड लगाए खड़े रहते हैं और पुलिस उनको कभी टोकती तक नहीं।
एंटी रोमियो टीम की भी सक्रियता नहीं
महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान के लिए एंटी रोमियों टीम का गठन किया गया है, लेकिन यहां यह टीम सक्रिय ही नहीं है। नगर में छेड़छाड़ की घटनाएं आम हैं, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोतवाल मधुकांत मिश्र से टीम के बारे में जानकारी मांगी गई, लेकिन वहीं टीम में नामित पुलिस कर्मियों के नाम तक नहीं बता पाए।