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गोला के ट्रक हेल्पर की नेपाल में मौत
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गोला गोकर्णनाथ। नेपाल में माल की डिलीवरी देने गया गोला का एक ट्रक पहाड़ से टकरा गया। जिससे केबिन में बैठे नगर निवासी 17 वर्षीय हेल्पर लोकेश की दबकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। घटना के चार दिन बाद परिवार वालों को सूचना मिली, मजदूर पेशा परिवार वालों को बेटे का शव लेने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। इसके बाद बुधवार की सुबह छह बजे नेपाल प्रशासन ने शव परिवार वालों के सुपुर्द किया गया। गोला लाकर परिवार वालों ने लोकेश का अंतिम संस्कार कर दिया है।
नगर के सर्वोदय नगर निवासी कृपाशंकर कटियार ने बताया कि उनके चार बेटों विमलेश, शैलेश, दुर्गेश में लोकेश तीसरे नंबर पर था। जिसने इस वर्ष लालबहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज में कक्षा आठ की परीक्षा दी है। गरीबी होने के कारण उनके बेटे भी काम धंधा कर उनका हाथ बटाते हैं। 26 अप्रैल को नगर के रेलवे क्रॉसिंग निवासी ड्राइवर उनके 17 वर्षीय पुत्र लोकेश को अपने साथ ले जाने के लिए घर से बुला ले गया। 30 अप्रैल को उन्हें सूचना मिली कि नेपाल में ट्रक यूपी 31टी/ 2947 पहाड़ से टकरा गया है, जिसमें लोकेश की मौत हो गई है।
मृतक के पिता कृपाशंकर अपने परिवार वालों के साथ गोला कोतवाली गए जहां पुलिस ने उन्हें घटना नेपाल में होना बताकर कार्रवाई करने में असमर्थता जताई। उसके बाद परिवार वाले किसी तरह नेपाल पहुंचे, जहां नवल प्ररासी थाना जाकर मामले की जानकारी की वहां उन्हें पता चला कि घटना 26 अप्रैल की शाम की है। काफी मशक्कत करने के बाद घटना के सातवें दिन दो अप्रैल की सुबह छह बजे उन्हें लोकेश का शव नेपाल प्रशासन ने सौंपा। परिवार वालों ने शव घर लाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
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मृतक के परिवार वालों का कहना है कि ट्रक में टाइल्स लोड थे, जो अभी भी नेपाल में घटनास्थल पर ही खड़ा है। लोकेश की मौत से परिवार में मातम पसरा है। वहीं ट्रक मालिक ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है। ट्रक मालिक वसलीपुर निवासी बसंत सिंह ने बताया कि वह कई दिनों से पीलीभीत में इलाज के लिए रुके हैं। नेपाल के व्यापारी का माल हरियाणा से नेपाल बॉर्डर तक छोड़ने की बात हुई थी। ट्रक नेपाल के अंदर कैसे पहुंचा। ड्राइवर का मोबाइल स्विच ऑफ जा रहा है। ड्राइवर से बात न हो पाने के कारण घटना का सही पता नहीं चल पाया है। गोला आते ही पीड़ित परिवार से भी मिलेंगे।
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नगर के सर्वोदय नगर निवासी कृपाशंकर कटियार ने बताया कि उनके चार बेटों विमलेश, शैलेश, दुर्गेश में लोकेश तीसरे नंबर पर था। जिसने इस वर्ष लालबहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज में कक्षा आठ की परीक्षा दी है। गरीबी होने के कारण उनके बेटे भी काम धंधा कर उनका हाथ बटाते हैं। 26 अप्रैल को नगर के रेलवे क्रॉसिंग निवासी ड्राइवर उनके 17 वर्षीय पुत्र लोकेश को अपने साथ ले जाने के लिए घर से बुला ले गया। 30 अप्रैल को उन्हें सूचना मिली कि नेपाल में ट्रक यूपी 31टी/ 2947 पहाड़ से टकरा गया है, जिसमें लोकेश की मौत हो गई है।
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मृतक के पिता कृपाशंकर अपने परिवार वालों के साथ गोला कोतवाली गए जहां पुलिस ने उन्हें घटना नेपाल में होना बताकर कार्रवाई करने में असमर्थता जताई। उसके बाद परिवार वाले किसी तरह नेपाल पहुंचे, जहां नवल प्ररासी थाना जाकर मामले की जानकारी की वहां उन्हें पता चला कि घटना 26 अप्रैल की शाम की है। काफी मशक्कत करने के बाद घटना के सातवें दिन दो अप्रैल की सुबह छह बजे उन्हें लोकेश का शव नेपाल प्रशासन ने सौंपा। परिवार वालों ने शव घर लाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
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मृतक के परिवार वालों का कहना है कि ट्रक में टाइल्स लोड थे, जो अभी भी नेपाल में घटनास्थल पर ही खड़ा है। लोकेश की मौत से परिवार में मातम पसरा है। वहीं ट्रक मालिक ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है। ट्रक मालिक वसलीपुर निवासी बसंत सिंह ने बताया कि वह कई दिनों से पीलीभीत में इलाज के लिए रुके हैं। नेपाल के व्यापारी का माल हरियाणा से नेपाल बॉर्डर तक छोड़ने की बात हुई थी। ट्रक नेपाल के अंदर कैसे पहुंचा। ड्राइवर का मोबाइल स्विच ऑफ जा रहा है। ड्राइवर से बात न हो पाने के कारण घटना का सही पता नहीं चल पाया है। गोला आते ही पीड़ित परिवार से भी मिलेंगे।