{"_id":"5bf7f83dbdec2241d20013e9","slug":"71542977597-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौकी इंचार्ज समेत ढखेरवा पुलिस चौकी के सभी सिपाही लाइन हाजिर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चौकी इंचार्ज समेत ढखेरवा पुलिस चौकी के सभी सिपाही लाइन हाजिर
Updated Fri, 23 Nov 2018 06:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। हरियाणा के कुछ लोगों से सोने की ईंट के नाम पर कई लाख रुपये ठगी और आरोपियों को चौकी से छोड़ने के मामले की एसपी ने सीओ निघासन से जांच कराई तो जांच में मामला सही निकला। इस पर एसपी ने चौकी इंचार्ज समेत ढखेरवा पुलिस चौकी के सभी सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है। उधर, निघासन पुलिस ने ठग गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक पीली धातु की ईंट और ठगे गए छह लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों का चालान कर दिया है।
एसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि छह नवंबर को हरियाणा से कुछ लोगों को बुलाकर ठग गिरोह के सदस्यों ने थाना निघासन की सिसैया क्रसर के पास नकली सोने की ईंट दिखाकर लाखों रुपये ठग लिए थे। पीड़ित पुलिस चौकी पर भी गया था, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। मुखबिर ने इसकी जानकारी उन्हें दी और आरोपियों को चौकी पर बुलाने के बाद भी छोड़ने की बात बताई। इस पर उन्होंने घटना के अनावरण के लिए निघासन पुलिस और क्राइम ब्रांच की स्वॉट टीम को लगाते हुए मामले की गोपनीय जांच सीओ निघासन सविरत्न गौतम से कराई थी। सीओ की जांच रिपोर्ट से यह साफ हुआ है कि पीड़ित लोग पुलिस चौकी गए थे, लेकिन पुलिस ने प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया। चौकी पुलिस यदि तत्काल मामले को संज्ञान में लेती और कार्रवाई करती तो गिरोह के सभी सदस्य पकड़े जाते। पूरे घटनाक्रम में चौकी इंचार्ज शंखधर भट्ट और सिपाहियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। इस पर चौकी इंचार्ज समेत पूरी चौकी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इनमें एक दीवान और दो सिपाही भी शामिल हैं। अभी ठगी के शिकार हुए लोगों का पता नहीं चल सका है। पुलिस सर्विलांस आदि की मदद से उन्हें तलाश रही है। उधर निघासन प्रभारी निरीक्षक संजय त्यागी ने स्वॉट टीम की मदद से हरियाणा के व्यापारी से ठगी करने के आरोप में थाना निघासन के गांव बगिया निवासी नदीम, खैहरानी निवासी संगम गुप्ता और बिहारीपुरवा निवासी ज्ञानेंद्र कुमार को दबोच लिया, जबकि तीन आरोपी फरार हैं। तीनों की पहचान हो गई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से छह लाख रुपये और पीली धातु की एक सोने की ईंट बरामद की है। पुलिस ने तीनों आरोपियों का चालान कर दिया है। एसपी ने गिरफ्तार करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का नकद ईनाम देकर पुरस्कृत किया है।
आरोप सिद्ध हुए तो दर्ज होगी एफआईआर
एसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि पूरे मामले की जांच सीओ मोहम्मदी से कराई जा रही है। जांच में यदि कोई अन्य तथ्य प्रकाश में आते हैं या फिर पुलिस की संलिप्तता मिलती है, तो आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी धोखाधड़ी, षड्यंत्र सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि छह नवंबर को हरियाणा से कुछ लोगों को बुलाकर ठग गिरोह के सदस्यों ने थाना निघासन की सिसैया क्रसर के पास नकली सोने की ईंट दिखाकर लाखों रुपये ठग लिए थे। पीड़ित पुलिस चौकी पर भी गया था, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। मुखबिर ने इसकी जानकारी उन्हें दी और आरोपियों को चौकी पर बुलाने के बाद भी छोड़ने की बात बताई। इस पर उन्होंने घटना के अनावरण के लिए निघासन पुलिस और क्राइम ब्रांच की स्वॉट टीम को लगाते हुए मामले की गोपनीय जांच सीओ निघासन सविरत्न गौतम से कराई थी। सीओ की जांच रिपोर्ट से यह साफ हुआ है कि पीड़ित लोग पुलिस चौकी गए थे, लेकिन पुलिस ने प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया। चौकी पुलिस यदि तत्काल मामले को संज्ञान में लेती और कार्रवाई करती तो गिरोह के सभी सदस्य पकड़े जाते। पूरे घटनाक्रम में चौकी इंचार्ज शंखधर भट्ट और सिपाहियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। इस पर चौकी इंचार्ज समेत पूरी चौकी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इनमें एक दीवान और दो सिपाही भी शामिल हैं। अभी ठगी के शिकार हुए लोगों का पता नहीं चल सका है। पुलिस सर्विलांस आदि की मदद से उन्हें तलाश रही है। उधर निघासन प्रभारी निरीक्षक संजय त्यागी ने स्वॉट टीम की मदद से हरियाणा के व्यापारी से ठगी करने के आरोप में थाना निघासन के गांव बगिया निवासी नदीम, खैहरानी निवासी संगम गुप्ता और बिहारीपुरवा निवासी ज्ञानेंद्र कुमार को दबोच लिया, जबकि तीन आरोपी फरार हैं। तीनों की पहचान हो गई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से छह लाख रुपये और पीली धातु की एक सोने की ईंट बरामद की है। पुलिस ने तीनों आरोपियों का चालान कर दिया है। एसपी ने गिरफ्तार करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का नकद ईनाम देकर पुरस्कृत किया है।
विज्ञापन
आरोप सिद्ध हुए तो दर्ज होगी एफआईआर
एसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि पूरे मामले की जांच सीओ मोहम्मदी से कराई जा रही है। जांच में यदि कोई अन्य तथ्य प्रकाश में आते हैं या फिर पुलिस की संलिप्तता मिलती है, तो आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी धोखाधड़ी, षड्यंत्र सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
विज्ञापन