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शिकारियों को छुड़ाने गए ग्राम प्रधान व वनकर्मियों में मारपीट
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:07 AM IST
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मारपीट
- फोटो : अमर उजाला
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)।
शिकारियों को छुड़ाने पहुंचे बबौरा के ग्राम प्रधान और नगला वन चौकी के कर्मचारियों के बीच शुक्रवार की देर शाम कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। इससे वहां हड़कंप मच गया। वन विभाग की ओर से पुलिस ने प्रधान और उनके पांच अन्य साथियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपी ग्राम प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है।
पलिया रेंज की टीम ने मकनपुर के निकट जंगल के पास शिकार के प्रयास में बैठे दो लोगों को पकड़ा था। उनके पास से टीम ने खाबर, जाल, रस्सी समेत शिकार में प्रयुक्त होने वाले कई सामान बरामद किए। टीम दोनों आरोपियों को मय सामान के नगला वन चौकी ले आई थी। देर शाम पकड़े गए आरोपी शिकारियों को छुड़ाने के लिए बबौरा प्रधान भूमिसरन अपने अन्य कई साथियों के साथ चौकी पर पहुंचे।
प्रधान और उसके सहयोगी ने दोनों को निर्दोष बताते हुए वनकर्मियों पर छोड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि प्रधान और उसके सहयोगी ने पहले पैसे का लालच देने की भी कोशिश की, लेकिन उससे बात नहीं बनी तो क्षेत्रीय विधायक का नाम लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया। वन कर्मियों का यह भी कहना है कि प्रधान और उनके साथी नशे में थे। दोनों में बाद बढ़ गई तो प्रधान व उसके सहयोगियों ने वनकर्मियों से मारपीट शुरू कर दी। मामले की सूचना पुलिस को मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने वन विभाग की तरफ से तहरीर लेकर ग्राम प्रधान उसके साथी के साथ ही चार अन्य के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट करने, आरोपियों को जबरन छुड़ाने जैसी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ वीके सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान को गिरफ्तार कर चालान भेज दिया गया है। बाकी लोग फरार हैं, जिन्हें जल्द पकड़ा जाएगा।
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शिकारियों को छुड़ाने पहुंचे बबौरा के ग्राम प्रधान और नगला वन चौकी के कर्मचारियों के बीच शुक्रवार की देर शाम कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। इससे वहां हड़कंप मच गया। वन विभाग की ओर से पुलिस ने प्रधान और उनके पांच अन्य साथियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपी ग्राम प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है।
पलिया रेंज की टीम ने मकनपुर के निकट जंगल के पास शिकार के प्रयास में बैठे दो लोगों को पकड़ा था। उनके पास से टीम ने खाबर, जाल, रस्सी समेत शिकार में प्रयुक्त होने वाले कई सामान बरामद किए। टीम दोनों आरोपियों को मय सामान के नगला वन चौकी ले आई थी। देर शाम पकड़े गए आरोपी शिकारियों को छुड़ाने के लिए बबौरा प्रधान भूमिसरन अपने अन्य कई साथियों के साथ चौकी पर पहुंचे।
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प्रधान और उसके सहयोगी ने दोनों को निर्दोष बताते हुए वनकर्मियों पर छोड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि प्रधान और उसके सहयोगी ने पहले पैसे का लालच देने की भी कोशिश की, लेकिन उससे बात नहीं बनी तो क्षेत्रीय विधायक का नाम लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया। वन कर्मियों का यह भी कहना है कि प्रधान और उनके साथी नशे में थे। दोनों में बाद बढ़ गई तो प्रधान व उसके सहयोगियों ने वनकर्मियों से मारपीट शुरू कर दी। मामले की सूचना पुलिस को मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने वन विभाग की तरफ से तहरीर लेकर ग्राम प्रधान उसके साथी के साथ ही चार अन्य के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट करने, आरोपियों को जबरन छुड़ाने जैसी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ वीके सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान को गिरफ्तार कर चालान भेज दिया गया है। बाकी लोग फरार हैं, जिन्हें जल्द पकड़ा जाएगा।
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