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विधान परिषद में गूंजा दो किशोरियों की हत्या का मामला
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लखीमपुर खीरी। कोतवाली पसगवां के गांव जीराबोझी में 14 वर्षीय राजनंदिनी और 13 वर्षीय अंजली उर्फ अंजनी की हत्या कर बिजली टावर से लाश लटकाने का मामले अब विधान परिषद में गूंजा है। एमएलसी शशांक यादव ने अमर उजाला को सेलफोन पर बताया कि उन्होंने यह मामला उठाया तो नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने भी भाजपा सरकार में बढ़ रहे अपराधों पर चिंता जताई, जिस पर सदन का वॉक आउट किया। विधान परिषद के स्पीकर रमेश यादव ने आदेश दिया कि सरकार इस मामले की जांच डीआईजी स्तर से कराए।
गांव जीराबोझी निवासी हरिश्चंद आरख की 14 वर्षीय पुत्री राजनंदिनी और लक्ष्मण पासी की 13 वर्षीय पुत्री अंजली उर्फ अंजनी पहली फरवरी को बकरियां चराने गईं थीं। अंधेरा होने पर जब परिवार की महिलाएं खेतों की ओर गईं तो बकरियां मिल गईं, लेकिन लड़कियां कहीं नहीं दिखीं। उनकी खोजबीन शुरू हुई तो दोनों की लाशें बिजली टावर से लटकती मिली थीं। पुलिस ने मामले में मृत राजनंदिनी के भाई राहुल, अंजली के चाचा रामरीतल व चचेरे भाई नेतराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों मृत किशोरियों के परिवार वालों का कहना है कि उनके घर की बेटियों की हत्या कर दी गई और पुलिस ने उनके ही परिवार के लोगों को फंसा दिया है। मृत राजनंदिनी के भाई आशीष और आकाश व अंजली के पिता लक्ष्मण, मां मालेंद्री ने अधिकारियों को पत्र भेजकर इंसाफ की गुहार लगाई है। इधर परिवार वालों की मांग के बाद बुधवार को विधान परिषद में जिले के सपा एमएलसी शशांक यादव ने बढ़ते अपराधों पर सवालों के क्रम में जीराबोझी के मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में पीड़ितों को ही सताया जा रहा है। पुलिस ने किशोरियों की हत्या मामले में उनके भाई और चाचा आदि को ही फंसा दिया, जबकि हत्यारों को सत्तापक्ष के दबाव में छोड़ दिया गया है। उन्होंने सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की। इस पर नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने भी सरकार की निंदा की, जिस पर नेताओं ने सदन का वॉक आउट कर दिया। वहीं स्पीकर रमेश यादव ने आदेश दिया कि सरकार मामले की जांच डीआईजी स्तर के अधिकारी से कराए और सदन को अवगत कराए। इधर एमएलसी आनंद भदौरिया ने भी बताया कि उन्होंने भी जीराबोझी मामले में सदन से उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।
गांव से फोर्स को हटाया, रो-रोकर बेहाल हैं परिवारी
जंगबहादुरगंज। गांव जीराबोझी में तैनात की गई यूपी 100 पुलिस और थाने के सिपाहियों को हटा लिया गया है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है, लेकिन मीडिया के पहुंचते ही लोग घरों से निकल आते हैं। मृतका राजनंदिनी के पिता हरिश्चंद और अंजली के पिता लक्ष्मण एक ही बात कह रहे हैं कि उन्हें इंसाफ मिलने का भरोसा है। अधिकारियों को सच्चाई से अवगत कराते हुए पत्र भेजकर इंसाफ की मांग की है। यदि सुनवाई नहीं होगी तो लखनऊ तक जाएंगे, लेकिन असली हत्यारों को जेल भिजवाकर ही दम लेंगे।
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पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है सपा: एमएलसी
एमएलसी शशांक यादव ने कहा है कि किशोरियों की हत्या मामले में पुलिस कार्रवाई से समाजवादी पार्टी संतुष्ट नहीं है। जिले की पुलिस सत्तापक्ष के नेताओं के इशारे पर काम कर रही है। यही वजह है कि जिले में पुलिस व्यवस्था खत्म हो चुकी है। उन्होंने इस मुद्दे को सदन में उठाया है। डीआईजी स्तर के अधिकारी की जांच में सच्चाई सामने आएगी।
किशोरियों की हत्या मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने और गुनाह कुबूल करने के आधार पर ही आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। आरोपी पक्ष के परिवार वाले बचाव में पुलिस पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
- पूनम, एसपी
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गांव जीराबोझी निवासी हरिश्चंद आरख की 14 वर्षीय पुत्री राजनंदिनी और लक्ष्मण पासी की 13 वर्षीय पुत्री अंजली उर्फ अंजनी पहली फरवरी को बकरियां चराने गईं थीं। अंधेरा होने पर जब परिवार की महिलाएं खेतों की ओर गईं तो बकरियां मिल गईं, लेकिन लड़कियां कहीं नहीं दिखीं। उनकी खोजबीन शुरू हुई तो दोनों की लाशें बिजली टावर से लटकती मिली थीं। पुलिस ने मामले में मृत राजनंदिनी के भाई राहुल, अंजली के चाचा रामरीतल व चचेरे भाई नेतराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों मृत किशोरियों के परिवार वालों का कहना है कि उनके घर की बेटियों की हत्या कर दी गई और पुलिस ने उनके ही परिवार के लोगों को फंसा दिया है। मृत राजनंदिनी के भाई आशीष और आकाश व अंजली के पिता लक्ष्मण, मां मालेंद्री ने अधिकारियों को पत्र भेजकर इंसाफ की गुहार लगाई है। इधर परिवार वालों की मांग के बाद बुधवार को विधान परिषद में जिले के सपा एमएलसी शशांक यादव ने बढ़ते अपराधों पर सवालों के क्रम में जीराबोझी के मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में पीड़ितों को ही सताया जा रहा है। पुलिस ने किशोरियों की हत्या मामले में उनके भाई और चाचा आदि को ही फंसा दिया, जबकि हत्यारों को सत्तापक्ष के दबाव में छोड़ दिया गया है। उन्होंने सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की। इस पर नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने भी सरकार की निंदा की, जिस पर नेताओं ने सदन का वॉक आउट कर दिया। वहीं स्पीकर रमेश यादव ने आदेश दिया कि सरकार मामले की जांच डीआईजी स्तर के अधिकारी से कराए और सदन को अवगत कराए। इधर एमएलसी आनंद भदौरिया ने भी बताया कि उन्होंने भी जीराबोझी मामले में सदन से उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।
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गांव से फोर्स को हटाया, रो-रोकर बेहाल हैं परिवारी
जंगबहादुरगंज। गांव जीराबोझी में तैनात की गई यूपी 100 पुलिस और थाने के सिपाहियों को हटा लिया गया है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है, लेकिन मीडिया के पहुंचते ही लोग घरों से निकल आते हैं। मृतका राजनंदिनी के पिता हरिश्चंद और अंजली के पिता लक्ष्मण एक ही बात कह रहे हैं कि उन्हें इंसाफ मिलने का भरोसा है। अधिकारियों को सच्चाई से अवगत कराते हुए पत्र भेजकर इंसाफ की मांग की है। यदि सुनवाई नहीं होगी तो लखनऊ तक जाएंगे, लेकिन असली हत्यारों को जेल भिजवाकर ही दम लेंगे।
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पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है सपा: एमएलसी
एमएलसी शशांक यादव ने कहा है कि किशोरियों की हत्या मामले में पुलिस कार्रवाई से समाजवादी पार्टी संतुष्ट नहीं है। जिले की पुलिस सत्तापक्ष के नेताओं के इशारे पर काम कर रही है। यही वजह है कि जिले में पुलिस व्यवस्था खत्म हो चुकी है। उन्होंने इस मुद्दे को सदन में उठाया है। डीआईजी स्तर के अधिकारी की जांच में सच्चाई सामने आएगी।
किशोरियों की हत्या मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने और गुनाह कुबूल करने के आधार पर ही आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। आरोपी पक्ष के परिवार वाले बचाव में पुलिस पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
- पूनम, एसपी