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समय से नहीं मिल रही पर्चियां किसान परेशान
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धौरहरा। गन्ना समितियां किसानों को समय से पर्चियां उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। इसकी वजह से किसान अपना पेड़ी गन्ना क्रेशर पर बेचने को विवश हैं।
किसानों का पेड़ी गन्ना खेतों में खड़ा है उन्हें पर्चियां समय से नहीं मिल पा रही हैं। खेत खाली करने को किसान 350 रुपया प्रति क्विंटल वाला गन्ना 180 रुपये और 200 रुपये में बेचने को विवश हैं। यह आलम केवल ऐरा समिति का नहीं है बल्कि सभी समितियों की यही स्थिति है। किसान अपने खेतों को खाली करने के लिए बिचौलियों का भी सहारा ले रहे हैं। गेट पर पर्चियां बिचौलिए धड़ल्ले से बेच रहे हैं। जबकि आम किसान एक-एक पर्ची के लिए तरस रहा है।
बहराइच जिले से आ रहा माफिया का गन्ना
धौरहरा। भले ही किसानों को पर्चियां न मिल पा रही हों लेकिन माफिया चीनी मिलों में गन्ना आपूर्ति कर रहे हैं। यह माफिया अपना गन्ना पड़ोसी जिला बहराइच के नैनिहा में अवैध सेंटर लगाकर धड़ल्ले से खरीद कर ला रहे हैं। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं। एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने गन्ना माफिया पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा था जिस पर डीसीओ बृजेश पटेल ने धौरहरा में चल रहे एक भट्ठे के पीछे अवैध खरीद को पकड़ा था और गन्ना जब्त करते हुए गन्ना माफिया बबलू चौरसिया पर मुकदमा भी दर्ज कराया है। इससे पहले बसंतापुर के दो गन्ना भरे ट्रालों को पकड़ कर गन्ना सचिव सुधीर कुमार ने गन्ना जब्त करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इससे माफियाओं ने अपना अड्डा बदल दिया है और वह अब पड़ोसी जिला बहराइच और सीतापुर से अवैध रूप से गन्ना खरीद कर खीरी की चीनी मिलों में सप्लाई कर रहे हैं। इसमें उन्हें चीनी मिल के कुछ चुनिंदा अधिकारियों की मिलीभगत का भी अंदेशा है जिस पर एसडीएम ने जांच शुरू की जिससे हड़कंप मचा है। बताते चलें की विगत वर्ष धौरहरा क्षेत्र में चल रहे अवैध खरीद केंद्रों पर अंकुश लगाते हुए 15 गन्ना माफियाओं पर मुकदमा दर्ज किया गया था लेकिन इन पर कार्रवाई न होने से माफिया के हौसले बुलंद हैं।
अवैध गन्ना खरीद की जहां भी सूचना मिलती है कार्रवाई की जा रही है किसानों को पर्चियां मिलने में देरी होने से जो दिक्कतें हो रही है उसका कारण क्या है जानकारी करवाता हूं।
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एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा धौरहरा।
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किसानों का पेड़ी गन्ना खेतों में खड़ा है उन्हें पर्चियां समय से नहीं मिल पा रही हैं। खेत खाली करने को किसान 350 रुपया प्रति क्विंटल वाला गन्ना 180 रुपये और 200 रुपये में बेचने को विवश हैं। यह आलम केवल ऐरा समिति का नहीं है बल्कि सभी समितियों की यही स्थिति है। किसान अपने खेतों को खाली करने के लिए बिचौलियों का भी सहारा ले रहे हैं। गेट पर पर्चियां बिचौलिए धड़ल्ले से बेच रहे हैं। जबकि आम किसान एक-एक पर्ची के लिए तरस रहा है।
बहराइच जिले से आ रहा माफिया का गन्ना
धौरहरा। भले ही किसानों को पर्चियां न मिल पा रही हों लेकिन माफिया चीनी मिलों में गन्ना आपूर्ति कर रहे हैं। यह माफिया अपना गन्ना पड़ोसी जिला बहराइच के नैनिहा में अवैध सेंटर लगाकर धड़ल्ले से खरीद कर ला रहे हैं। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं। एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने गन्ना माफिया पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा था जिस पर डीसीओ बृजेश पटेल ने धौरहरा में चल रहे एक भट्ठे के पीछे अवैध खरीद को पकड़ा था और गन्ना जब्त करते हुए गन्ना माफिया बबलू चौरसिया पर मुकदमा भी दर्ज कराया है। इससे पहले बसंतापुर के दो गन्ना भरे ट्रालों को पकड़ कर गन्ना सचिव सुधीर कुमार ने गन्ना जब्त करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इससे माफियाओं ने अपना अड्डा बदल दिया है और वह अब पड़ोसी जिला बहराइच और सीतापुर से अवैध रूप से गन्ना खरीद कर खीरी की चीनी मिलों में सप्लाई कर रहे हैं। इसमें उन्हें चीनी मिल के कुछ चुनिंदा अधिकारियों की मिलीभगत का भी अंदेशा है जिस पर एसडीएम ने जांच शुरू की जिससे हड़कंप मचा है। बताते चलें की विगत वर्ष धौरहरा क्षेत्र में चल रहे अवैध खरीद केंद्रों पर अंकुश लगाते हुए 15 गन्ना माफियाओं पर मुकदमा दर्ज किया गया था लेकिन इन पर कार्रवाई न होने से माफिया के हौसले बुलंद हैं।
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अवैध गन्ना खरीद की जहां भी सूचना मिलती है कार्रवाई की जा रही है किसानों को पर्चियां मिलने में देरी होने से जो दिक्कतें हो रही है उसका कारण क्या है जानकारी करवाता हूं।
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एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा धौरहरा।