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तीन बीघा जमीन को लेकर चली गई पूर्व प्रधान की जान
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:03 AM IST
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तीन बीघा जमीन को लेकर चली गई पूर्व प्रधान की जान
- फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
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उचौलिया।
सोनौवा में तीन बीघा जमीन के पीछे पूर्व प्रधान कममलेश कुमार जाटव की हत्या कर दी गई, इससे उसके परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद से गांव के लोग आहत हैं।
पूर्व प्रधान की पत्नी कुसुमा ने बताया कि उसके पति पूर्व प्रधान कमलेश ने करीब तीन साल पहले रामगुनी पत्नी बचान निवासी चौगानपुर मैगलगंज से तीन बीघा जमीन खरीदी थी। रामगुनी के कोई भाई नहीं था। इस वजह से यह जमीन रामगुनी ने अपने पिता कालीचरण से ली थी। कुसुमा ने बताया कि रामगुनी से उसके पति कमलेश ने यह जमीन खरीद ली, जिससे कालीचरण के चचेरे भाई नाराज हो गए। जिस समय कमलेश ने जमीन ली थी उस समय इस जमीन पर कालीचरण के चचेरे भाई ने फसल बो रखी थी, जिससे उन लोगों ने कमलेश को जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया था। कमलेश ने काफी प्रयास कर जमीन पर कब्जा ले लिया था। इस दौरान करीब एक साल तक जमीन खाली पड़ी रही थी। पिछले साल ही कमलेश ने गन्ना बोया था। इस साल गन्ने की फसल तैयार होकर बिकने वाली थी इसलिये कमलेश खेत की काफी देखभाल करता था। यही जमीन उसकी हत्या का कारण बन गई।
पूर्व में भी मिली थी धमकी
जंगबहादुरगंज।
पूर्व प्रधान कमलेश कुमार जाटव ने जमीन को मार्च 17 में अपने कब्जे में लिया था। उस समय दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ था। पत्नी कुसुमा देवी और परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि हत्यारोपियों ने उस समय कमलेश कुमार को धमकी भी दी थी कि खेत में कफन बांधकर आना, लेकिन कमलेश कुमार ने इसे हल्के में लिया, जो उन्हें भारी साबित हुआ।
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दर्ज रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं मृतक की पत्नी
जंगबहादुरगंज।
जेठ रामकुमार द्वारा लिखाई गई रिपार्ट से मृतक कमलेश कुमार की पत्नी कुसुमा देवी संतुष्ट नहीं हैं। कुसुमा अन्य महिलाओं के साथ कोतवाली पसगवां जाकर कोतवाल अमर सिंह रघुवंशी से मिलीं। उसने रिपोर्ट में घटना में शामिल कई अन्य लोगों के नाम छूटे होने की जानकारी दी। कोतवाल ने उनसे अलग से प्रार्थना पत्र मांगा है और उसे विवेचना में शामिल करने का आश्वासन दिया है।
पूर्व प्रधान की मौत से टूट गया परिवार
सोनौवा निवासी पूर्व प्रधान कमलेश कुमार जाटव खेतीबाड़ी के अलावा राजगिरी का काम भी करता था। उसकी मौत से उसका परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। पत्नी, दो बेटों और एक बेटी का एकमात्र सहारा वही था। कमलेश का बड़ा बेटा अर्जुन पांचवीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि छोटा बेटा जुगुुल किशोर कक्षा चार का छात्र है। तीन साल की मासूम बेटी सोनम को अभी यही नहीं पता कि उसके पापा उसे छोड़कर कहां चले गए हैं, वह तो अभी भी अपने पिता का इंतजार कर रही है।
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सोनौवा में तीन बीघा जमीन के पीछे पूर्व प्रधान कममलेश कुमार जाटव की हत्या कर दी गई, इससे उसके परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद से गांव के लोग आहत हैं।
पूर्व प्रधान की पत्नी कुसुमा ने बताया कि उसके पति पूर्व प्रधान कमलेश ने करीब तीन साल पहले रामगुनी पत्नी बचान निवासी चौगानपुर मैगलगंज से तीन बीघा जमीन खरीदी थी। रामगुनी के कोई भाई नहीं था। इस वजह से यह जमीन रामगुनी ने अपने पिता कालीचरण से ली थी। कुसुमा ने बताया कि रामगुनी से उसके पति कमलेश ने यह जमीन खरीद ली, जिससे कालीचरण के चचेरे भाई नाराज हो गए। जिस समय कमलेश ने जमीन ली थी उस समय इस जमीन पर कालीचरण के चचेरे भाई ने फसल बो रखी थी, जिससे उन लोगों ने कमलेश को जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया था। कमलेश ने काफी प्रयास कर जमीन पर कब्जा ले लिया था। इस दौरान करीब एक साल तक जमीन खाली पड़ी रही थी। पिछले साल ही कमलेश ने गन्ना बोया था। इस साल गन्ने की फसल तैयार होकर बिकने वाली थी इसलिये कमलेश खेत की काफी देखभाल करता था। यही जमीन उसकी हत्या का कारण बन गई।
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पूर्व में भी मिली थी धमकी
जंगबहादुरगंज।
पूर्व प्रधान कमलेश कुमार जाटव ने जमीन को मार्च 17 में अपने कब्जे में लिया था। उस समय दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ था। पत्नी कुसुमा देवी और परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि हत्यारोपियों ने उस समय कमलेश कुमार को धमकी भी दी थी कि खेत में कफन बांधकर आना, लेकिन कमलेश कुमार ने इसे हल्के में लिया, जो उन्हें भारी साबित हुआ।
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दर्ज रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं मृतक की पत्नी
जंगबहादुरगंज।
जेठ रामकुमार द्वारा लिखाई गई रिपार्ट से मृतक कमलेश कुमार की पत्नी कुसुमा देवी संतुष्ट नहीं हैं। कुसुमा अन्य महिलाओं के साथ कोतवाली पसगवां जाकर कोतवाल अमर सिंह रघुवंशी से मिलीं। उसने रिपोर्ट में घटना में शामिल कई अन्य लोगों के नाम छूटे होने की जानकारी दी। कोतवाल ने उनसे अलग से प्रार्थना पत्र मांगा है और उसे विवेचना में शामिल करने का आश्वासन दिया है।
पूर्व प्रधान की मौत से टूट गया परिवार
सोनौवा निवासी पूर्व प्रधान कमलेश कुमार जाटव खेतीबाड़ी के अलावा राजगिरी का काम भी करता था। उसकी मौत से उसका परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। पत्नी, दो बेटों और एक बेटी का एकमात्र सहारा वही था। कमलेश का बड़ा बेटा अर्जुन पांचवीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि छोटा बेटा जुगुुल किशोर कक्षा चार का छात्र है। तीन साल की मासूम बेटी सोनम को अभी यही नहीं पता कि उसके पापा उसे छोड़कर कहां चले गए हैं, वह तो अभी भी अपने पिता का इंतजार कर रही है।