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वादी को फंसाने के लिए की थी अपने भतीजे की हत्या
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:53 PM IST
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आराोपी
- फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी। हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध हत्यारोपियों को जब इस बात का आभास हुआ कि उनको सजा हो जाएगी तो उन्होंने जेल में ही मुकदमा वादी को फंसाने के लिए अपने खानदानी भतीजे की हत्या का तानाबाना बुन डाला। हत्यारोपियों का प्लान था कि भतीजे की हत्या के मामले में मुकदमा वादी और उसके परिवार को नामजद कराने पर समझौते का दबाव बनाया जा सकेगा। इसी प्लानिंग के तहत चाचा राजेश ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर अपने खानदानी भतीजे 11 वर्षीय अनुज की हत्या कर दी थी, लेकिन विवेचक एसओ खीरी की सूझबूझ से हत्यारोपियों के मंसूबों पर पानी फिर गया। पुलिस ने हत्या में शामिल आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके फरार साथी की तलाश कर रही है।
थाना खीरी के गांव चाऊपुर पंडरी निवासी संतराम के 11 वर्षीय पुत्र अनुज की 26 अक्तूबर की रात धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने पिता संतराम की तहरीर पर गांव के ही दारा सिंह समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया था। हत्याकांड की विवेचना एसओ खीरी आलोक मणि त्रिपाठी कर रहे थे। पुलिस लाइन सभागार में एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि विवेचना के दौरान यह बात प्रकाश में आई की वर्ष 2016 में हुए मुन्नालाल हत्याकांड में मुकदमा वादी संतराम समेत आठ लोग नामजद हुए थे। पुलिस ने इस मामले में धर्मेंद्र सिंह, उसके भाई रामाधार और प्रकाश में आए दुखहरन सिंह को जेल भेजा था। इसमें से दुखहरण सिंह पहले ही जेल से छूट गया। नामजदगी गलत होने के कारण पुलिस ने जेल में बंद धर्मेंद्र के भाई राजेश सहित पांच लोगों को जेल नहीं भेजा था। जांच के दौरान पुलिस के शक की सुई जेल में बंद हत्यारोपियों की ओर घूम गई।
विवेचना के दौरान यह बात साफ हो गई कि राजेश अक्तूबर 2017 में जेल में बंद अपने दोनों भाइयों से कई बार मिला है। पुलिस ने जब साक्ष्यों के आधार पर राजेश को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया। एएसपी ने बताया कि जेल में मिलाई के दौरान धर्मेंद्र, रामाधार ने जेल में अन्य मामले में बंद थाना निघासन क्षेत्र के कलीम के साथ मिलकर योजना बनाई। साथ ही यह भी कहा कि 29 अक्तूबर को उसके मामले का ट्रॉयल है। ट्रॉयल के पहले ही खानदानी भतीजे की हत्या करनी होगी। कलीम ने 70 हजार रुपये में हत्या की सुपारी ले ली। जेल से छूटने के बाद कलीम भूल गया। राजेश को भी कलीम के बारे में पूरी जानकारी नहीं थीं।
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ट्रायल की तारीख नजदीक आने पर राजेश जेल गया और अपने भाइयों से कलीम के न मिलने की जानकारी दी। इसके बाद राजेश अपने दोनों भाइयों के कहने पर अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर 26 अक्तूबर की शाम आठ बजे अनुज को बहला फुसलाकर खेतों की ओर ले आया, जहां पहले शराब पी, बाद में उसे बांके से काट दिया। एएसपी ने बताया कि पुलिस ने राजेश को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया।
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थाना खीरी के गांव चाऊपुर पंडरी निवासी संतराम के 11 वर्षीय पुत्र अनुज की 26 अक्तूबर की रात धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने पिता संतराम की तहरीर पर गांव के ही दारा सिंह समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया था। हत्याकांड की विवेचना एसओ खीरी आलोक मणि त्रिपाठी कर रहे थे। पुलिस लाइन सभागार में एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि विवेचना के दौरान यह बात प्रकाश में आई की वर्ष 2016 में हुए मुन्नालाल हत्याकांड में मुकदमा वादी संतराम समेत आठ लोग नामजद हुए थे। पुलिस ने इस मामले में धर्मेंद्र सिंह, उसके भाई रामाधार और प्रकाश में आए दुखहरन सिंह को जेल भेजा था। इसमें से दुखहरण सिंह पहले ही जेल से छूट गया। नामजदगी गलत होने के कारण पुलिस ने जेल में बंद धर्मेंद्र के भाई राजेश सहित पांच लोगों को जेल नहीं भेजा था। जांच के दौरान पुलिस के शक की सुई जेल में बंद हत्यारोपियों की ओर घूम गई।
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विवेचना के दौरान यह बात साफ हो गई कि राजेश अक्तूबर 2017 में जेल में बंद अपने दोनों भाइयों से कई बार मिला है। पुलिस ने जब साक्ष्यों के आधार पर राजेश को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया। एएसपी ने बताया कि जेल में मिलाई के दौरान धर्मेंद्र, रामाधार ने जेल में अन्य मामले में बंद थाना निघासन क्षेत्र के कलीम के साथ मिलकर योजना बनाई। साथ ही यह भी कहा कि 29 अक्तूबर को उसके मामले का ट्रॉयल है। ट्रॉयल के पहले ही खानदानी भतीजे की हत्या करनी होगी। कलीम ने 70 हजार रुपये में हत्या की सुपारी ले ली। जेल से छूटने के बाद कलीम भूल गया। राजेश को भी कलीम के बारे में पूरी जानकारी नहीं थीं।
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ट्रायल की तारीख नजदीक आने पर राजेश जेल गया और अपने भाइयों से कलीम के न मिलने की जानकारी दी। इसके बाद राजेश अपने दोनों भाइयों के कहने पर अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर 26 अक्तूबर की शाम आठ बजे अनुज को बहला फुसलाकर खेतों की ओर ले आया, जहां पहले शराब पी, बाद में उसे बांके से काट दिया। एएसपी ने बताया कि पुलिस ने राजेश को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया।