{"_id":"59bd58074f1c1b38688b4dd4","slug":"171505581063-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाकियू ने तहसील परिसर में किया हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
भाकियू ने तहसील परिसर में किया हंगामा
Updated Sat, 16 Sep 2017 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मितौली।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का धरना-प्रदर्शन शनिवार को हंगामे में बदल गया। एक दिन पहले तहसील प्रशासन द्वारा खदेड़े जाने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को एकजुटता के बल पर हंगामा किया और एसडीएम कार्यालय के सामने पार्क में फिर से धरने पर डट गए।
बता दें किसानों व आम लोगों की समस्याओं को लेकर भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन 17 अगस्त से चल रहा है। तहसील प्रशासन ने प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को अपने तेवर दिखाते हुए परिसर से बाहर खदेड़ दिया था। इसके बावजूद संगठन के सदस्य ब्लॉक परिसर के बाहर सड़क किनारे पड़े रहे। शनिवार को जिलाध्यक्ष प्रदीप शुक्ला उर्फ श्यामू कई कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर आ धमके। कार्यकर्ता हाथों में लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर प्रदर्शन करते हुए ब्लॉक परिसर में घुस गए और फिर से धरना स्थल पर जम गए। इस दौरान महिला कार्यकर्ता हाथों में धारदार हथियार लेकर ब्लॉक परिसर में घूम-घूम कर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए लेखपालों की तलाश करती रही। हंगामे के दौरान कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक का गेट और कार्यालयों के दरवाजे भी बंद कर दिए, जिससे कर्मचारी घंटों अपने कार्यालय में कैद रहे।
इंस्पेक्टर मैगलगंज घनश्याम राम व एसओ मितौली ओपी रजक ने धरना स्थल पर जाकर यूनियन के लोगों से बात की, तो यूनियन ने महिला कार्यकर्ता से शुक्रवार को कथित तौर पर हुई अभद्रता के मामले में तहसील प्रशासन पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। कार्यकर्ता दी गई तहरीर पर तहसील प्रशासन के खिलाफ मुकदमा लिखाने की जिद पर अड़े रहे। इसके कारण पूरे दिन तहसील मुख्यालय पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। वहीं अप्रिय घटना को रोकने के इरादे से पुलिस बल सतर्क रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का धरना-प्रदर्शन शनिवार को हंगामे में बदल गया। एक दिन पहले तहसील प्रशासन द्वारा खदेड़े जाने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को एकजुटता के बल पर हंगामा किया और एसडीएम कार्यालय के सामने पार्क में फिर से धरने पर डट गए।
बता दें किसानों व आम लोगों की समस्याओं को लेकर भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन 17 अगस्त से चल रहा है। तहसील प्रशासन ने प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को अपने तेवर दिखाते हुए परिसर से बाहर खदेड़ दिया था। इसके बावजूद संगठन के सदस्य ब्लॉक परिसर के बाहर सड़क किनारे पड़े रहे। शनिवार को जिलाध्यक्ष प्रदीप शुक्ला उर्फ श्यामू कई कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर आ धमके। कार्यकर्ता हाथों में लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर प्रदर्शन करते हुए ब्लॉक परिसर में घुस गए और फिर से धरना स्थल पर जम गए। इस दौरान महिला कार्यकर्ता हाथों में धारदार हथियार लेकर ब्लॉक परिसर में घूम-घूम कर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए लेखपालों की तलाश करती रही। हंगामे के दौरान कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक का गेट और कार्यालयों के दरवाजे भी बंद कर दिए, जिससे कर्मचारी घंटों अपने कार्यालय में कैद रहे।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर मैगलगंज घनश्याम राम व एसओ मितौली ओपी रजक ने धरना स्थल पर जाकर यूनियन के लोगों से बात की, तो यूनियन ने महिला कार्यकर्ता से शुक्रवार को कथित तौर पर हुई अभद्रता के मामले में तहसील प्रशासन पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। कार्यकर्ता दी गई तहरीर पर तहसील प्रशासन के खिलाफ मुकदमा लिखाने की जिद पर अड़े रहे। इसके कारण पूरे दिन तहसील मुख्यालय पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। वहीं अप्रिय घटना को रोकने के इरादे से पुलिस बल सतर्क रहा।
विज्ञापन